इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल 2026 में इमरान हाशमी की मौजूदगी (तस्वीर क्रेडिट@EmraanTimes)

इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल 2026 में इमरान हाशमी की मौजूदगी,साबरमती रिवरफ्रंट पर रंगों और संस्कृति का अनोखा संगम

अहमदाबाद,14 जनवरी (युआईटीवी)- साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल 2026 इन दिनों अपने पूरे शबाब पर है। आसमान में लहराती रंग-बिरंगी पतंगें,दुनिया भर से आए कलाकार और पर्यटक और भारतीय संस्कृति की झलक दिखाता यह महोत्सव एक बार फिर गुजरात को वैश्विक मंच पर खास पहचान दिला रहा है। इसी जीवंत और उत्साह से भरे माहौल में बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी ने भी शिरकत की। वह अपनी अपकमिंग वेब सीरीज ‘तस्करी’ के प्रमोशन के लिए पूरी स्टारकास्ट के साथ अहमदाबाद पहुँचे थे। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ फेस्टिवल का आनंद लिया,बल्कि अपने अनुभव और आने वाले प्रोजेक्ट्स को लेकर भी खुलकर बात की।

साबरमती रिवरफ्रंट पर पहुँचते ही इमरान हाशमी इस आयोजन के रंगीन और जीवंत माहौल से काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा कि वह पहली बार इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल का हिस्सा बने हैं और यहाँ आकर उन्हें बेहद अच्छा लग रहा है। इमरान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात टूरिज्म की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन भारत की सांस्कृतिक विविधता को दुनिया के सामने खूबसूरती से पेश करते हैं। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद वह शूटिंग और प्रमोशन के सिलसिले में कई बार आ चुके हैं,लेकिन इस तरह के भव्य सांस्कृतिक आयोजन का अनुभव उनके लिए बिल्कुल नया और खास है।

अभिनेता ने साबरमती रिवरफ्रंट के माहौल और वहाँ की हेरिटेज को लेकर भी अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यहाँ आकर ऐसा महसूस होता है जैसे भारत की आत्मा को करीब से देखने का मौका मिल रहा हो। उनके मुताबिक,फेस्टिवल में देश के कोने-कोने से लोग आए हुए हैं और अलग-अलग संस्कृतियों की झलक एक ही जगह देखने को मिल रही है। इमरान ने कहा कि यह फेस्टिवल इतना वाइब्रेंट और कलरफुल है कि यहाँ मौजूद हर व्यक्ति खुद-ब-खुद इस माहौल का हिस्सा बन जाता है।

इमरान हाशमी ने इस मौके पर अपनी आने वाली वेब सीरीज ‘तस्करी’ को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सीरीज नेटफ्लिक्स पर 14 जनवरी को रिलीज होने जा रही है। ‘तस्करी’ कुल सात एपिसोड्स की एक सीरीज है,जिसकी कहानी इंटरनेशनल स्मगलिंग और तस्करी की दुनिया पर आधारित है। इमरान के मुताबिक,इस सीरीज में दिखाया गया है कि किस तरह हवाई यात्राओं,अलग-अलग देशों और सीमाओं के जरिए तस्करी का नेटवर्क काम करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के विषय पर अब तक बहुत कम या लगभग न के बराबर काम हुआ है।

अभिनेता ने खास तौर पर कस्टम अधिकारियों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारे कस्टम अधिकारी पर्दे के पीछे रहकर देश की सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए कड़ी मेहनत करते हैं,लेकिन उनके योगदान को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। ‘तस्करी’ के जरिए इस पेशे की चुनौतियों और जिम्मेदारियों को पहली बार इतने विस्तार से दिखाया गया है। इमरान का मानना है कि दर्शकों को यह सीरीज न सिर्फ रोमांचित करेगी,बल्कि उन्हें एक नई और अनदेखी दुनिया से भी रूबरू कराएगी।

फेस्टिवल के दौरान जब इमरान हाशमी से पतंगबाजी को लेकर सवाल किया गया,तो उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई। उन्होंने कहा कि बचपन में वह खूब पतंग उड़ाया करते थे और स्कूल के दिनों की कई यादें इससे जुड़ी हुई हैं। हालाँकि,अब कई साल हो गए हैं,जब उन्होंने आखिरी बार पतंग उड़ाई थी। इमरान ने बताया कि हाल ही में अपनी फिल्म ‘हक’ की शूटिंग के दौरान एक सीन में उन्हें पतंग उड़ानी पड़ी थी, जिससे उनकी पुरानी यादें ताजा हो गई थीं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि यहाँ आए हैं,तो थोड़ी कोशिश जरूर करेंगे।

इमरान हाशमी ने इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल की भव्यता और अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप पर भी बात की। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में 40 से 50 देशों से लोग और काइट फ्लाइंग एक्सपर्ट्स शामिल हुए हैं। अलग-अलग देशों की पारंपरिक पतंगें और उड़ाने की तकनीक इस फेस्टिवल को और खास बना रही हैं। उनके अनुसार,यह महोत्सव सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं है,बल्कि यह भारत और दुनिया के बीच एक सेतु का काम करता है। इससे भारत की कला,संस्कृति और परंपराओं को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल रही है।

अपनी आने वाली फिल्मों के बारे में बात करते हुए इमरान हाशमी ने बताया कि ‘तस्करी’ के बाद उनके पास कई दिलचस्प प्रोजेक्ट्स हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले उनकी फिल्म ‘आवारापन 2’ रिलीज होगी,जिसे लेकर प्रशंसकों में पहले से ही काफी उत्साह है। इसके बाद ‘गनमास्टर’ आएगी और फिर एक तेलुगु फिल्म भी दर्शकों के सामने होगी। इमरान ने कहा कि वह अलग-अलग भाषाओं और जॉनर में काम करके खुद को एक कलाकार के रूप में लगातार चुनौती देना चाहते हैं।

इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल 2026 में इमरान हाशमी की मौजूदगी ने इस आयोजन की रौनक को और बढ़ा दिया। फिल्मी दुनिया और सांस्कृतिक मंच का यह मेल दर्शाता है कि कैसे सिनेमा और परंपरा एक-दूसरे को मजबूती दे सकते हैं। साबरमती रिवरफ्रंट पर पतंगों के रंगों के बीच इमरान हाशमी का यह अनुभव न सिर्फ उनके लिए यादगार रहा,बल्कि उनके प्रशंसकों के लिए भी एक खास पल बन गया। यह फेस्टिवल एक बार फिर साबित करता है कि भारत की सांस्कृतिक विरासत में वह ताकत है,जो पूरी दुनिया को अपनी ओर आकर्षित कर सकती है।