नई दिल्ली,21 अक्टूबर (युआईटीवी)- दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी एप्पल एक बार फिर इतिहास रचने की ओर अग्रसर है। आईफोन 17 सीरीज की रिकॉर्डतोड़ बिक्री के चलते कंपनी का बाजार पूँजीकरण यानी मार्केट कैप 4 ट्रिलियन डॉलर के आँकड़ें के करीब पहुँच गया है। इसके साथ ही एप्पल ने माइक्रोसॉफ्ट को पीछे छोड़ते हुए एनवीडिया के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी का दर्जा हासिल कर लिया है। हालिया कारोबारी सत्र में एप्पल के शेयरों में करीब 3.94 प्रतिशत की तेज़ी दर्ज की गई,जिसके बाद इसका स्टॉक मूल्य 262.24 डॉलर प्रति शेयर पर बंद हुआ और कंपनी का मार्केट कैप 3.9 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच गया।
यह उछाल ऐसे समय में आया है,जब काउंटरपॉइंट रिसर्च के आँकड़ों से पता चला कि एप्पल की नई आईफोन 17 सीरीज ने वैश्विक स्तर पर,खासकर अमेरिका और चीन जैसे प्रमुख बाजारों में,शुरुआती बिक्री के मामले में अपने पिछले मॉडल आईफोन 16 सीरीज को पीछे छोड़ दिया है। उपभोक्ताओं के बीच बढ़ती माँग ने कंपनी के शेयरों को ऊँचाई पर पहुँचा दिया है।
टेक्नोलॉजी बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि एप्पल का यह शानदार प्रदर्शन उसके लगातार इनोवेशन,उन्नत कैमरा तकनीक,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रोसेसर और बेहतरीन यूजर एक्सपीरियंस का नतीजा है। इसके साथ ही,भारत में ‘मेक इन इंडिया’ पहल के अंतर्गत आईफोन 17 के उत्पादन और बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आईफोन 17 मॉडल भारत में कहीं अधिक लोकप्रिय साबित हो रहे हैं,जिससे भारतीय बाजार एप्पल के लिए सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में शामिल हो गया है।
उद्योग विश्लेषकों के अनुसार,एप्पल ने भारत में इस त्योहारी सीजन में अपनी अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज की है। अक्टूबर महीने की शुरुआत से ही आईफोन 17 सीरीज की बिक्री में तेजी आई,जिसे त्योहारी ऑफर्स और फेस्टिव सेल्स ने और बढ़ावा दिया। अनुमान है कि इस वित्त वर्ष के अंत तक एप्पल की बिक्री में 28 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की जा सकती है। यह वृद्धि न केवल एप्पल की रणनीतिक सफलता को दर्शाती है,बल्कि भारत में प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार की संभावनाओं को भी मजबूत करती है।
पिछले वित्त वर्ष में एप्पल की वैश्विक वार्षिक बिक्री लगभग 9 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई थी। वहीं,लॉन्च के पहले सप्ताह में ही आईफोन 17 सीरीज की बिक्री आईफोन 16 सीरीज से करीब 19 प्रतिशत अधिक रही,जो इस बात का प्रमाण है कि उपभोक्ता नई तकनीक और डिजाइन में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि आईफोन 17 सीरीज के साथ एप्पल ने न सिर्फ प्रोडक्ट इनोवेशन में नई ऊँचाई छुई है,बल्कि सप्लाई चेन मैनेजमेंट में भी एक बड़ा सुधार किया है। भारत में असेंबल होने वाले आईफोनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक,अब हर पाँच में से एक आईफोन भारत में निर्मित हो रहा है। चेन्नई,बेंगलुरु और नोएडा जैसे शहरों में एप्पल के साझेदार फॉक्सकॉन और विप्रो जैसी कंपनियाँ बड़े पैमाने पर उत्पादन कर रही हैं।
एप्पल 30 अक्टूबर को अपनी तिमाही आय रिपोर्ट जारी करने वाला है। उद्योग जगत में इस रिपोर्ट को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। विश्लेषकों का अनुमान है कि इस बार कंपनी की तिमाही आय और मुनाफा दोनों ही उम्मीदों से ऊपर रहेंगे। निवेशकों के जोश और शेयर बाजार में आई तेजी ने यह संकेत दिया है कि आईफोन 17 की सफलता एप्पल की दीर्घकालिक रणनीति को नई दिशा दे सकती है।
एप्पल की नई सीरीज में चार प्रमुख मॉडल शामिल हैं—आईफोन 17,आईफोन 17 एयर,आईफोन 17 प्रो और आईफोन 17 प्रो मैक्स। इनकी कीमतें प्रीमियम सेगमेंट को ध्यान में रखते हुए तय की गई हैं। आईफोन 17 (256जीबी) की शुरुआती कीमत ₹82,900, आईफोन एयर (256जीबी) की कीमत ₹1,19,900, आईफोन 17 प्रो (256जीबी) की कीमत ₹1,34,900, और आईफोन 17 प्रो मैक्स (256जीबी) की कीमत ₹1,49,900 रखी गई है।
कंपनी को इस सीरीज से बड़ी उम्मीदें हैं,खासकर आईफोन एयर मॉडल से,जिसकी डिज़ाइन और कैमरा परफॉर्मेंस को लेकर उपभोक्ताओं में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। मार्केट एनालिस्ट का मानना है कि इस त्योहारी तिमाही में एप्पल 45 लाख से अधिक यूनिट्स की शिपमेंट कर सकता है,जिससे कंपनी को एशियाई बाजारों में और मजबूती मिलेगी।
समग्र रूप से देखा जाए तो आईफोन 17 सीरीज की सफलता ने न केवल एप्पल के मार्केट कैप को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है,बल्कि भारत को एप्पल के वैश्विक व्यापार के लिए एक प्रमुख विनिर्माण और बिक्री केंद्र के रूप में स्थापित किया है। आने वाले महीनों में,यदि यह रफ्तार बनी रहती है,तो एप्पल के लिए 4 ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप का रिकॉर्ड पार करना अब बस वक्त की बात होगी।
