मुकुल चौधरी (तस्वीर क्रेडिट@Mamtasulaniya)

आईपीएल 2026 : 21 साल के मुकुल चौधरी का तूफान,आखिरी ओवरों में पलटा मैच—लखनऊ सुपर जायंट्स ने केकेआर को 3 विकेट से हराया

कोलकाता,10 अप्रैल (युआईटीवी)- इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल ) 2026 के रोमांचक मुकाबलों में एक और यादगार अध्याय जुड़ गया,जब लखनऊ सुपर जायंट्स ने शानदार अंदाज में कोलकाता नाइट राइडर्स को 3 विकेट से मात दी। इस मैच के असली हीरो रहे 21 वर्षीय युवा बल्लेबाज मुकुल चौधरी,जिन्होंने मुश्किल हालात में नाबाद 54 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई। उनकी यह पारी न केवल मैच जिताने वाली रही,बल्कि यह आईपीएल के उभरते सितारों में उनके नाम को मजबूती से स्थापित करने वाली भी साबित हुई।

182 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ सुपर जायंट्स की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज 42 रन के स्कोर पर अपने दो अहम विकेट गंवा दिए थे। तेज गेंदबाज वैभव अरोड़ा ने एक ही ओवर में दो झटके देकर लखनऊ को दबाव में ला दिया। पहले उन्होंने एडेन मार्कराम को आउट किया,जो 15 गेंदों पर 22 रन बनाकर अच्छी शुरुआत के बावजूद लंबी पारी नहीं खेल सके। इसके तुरंत बाद उन्होंने मिचेल मार्श को भी पवेलियन भेज दिया,जो सिर्फ 15 रन ही बना पाए।

शुरुआती झटकों के बाद टीम को सँभालने की जिम्मेदारी मिडिल ऑर्डर पर आई,लेकिन यहाँ भी लखनऊ की स्थिति मजबूत नहीं हो पाई। कैमरून ग्रीन ने खतरनाक दिख रहे ऋषभ पंत को आउट कर लखनऊ को तीसरा झटका दिया। पंत 9 गेंदों पर 10 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद कार्तिक त्यागी ने निकोलस पूरन को चलता किया,जो 15 गेंदों पर 13 रन ही बना सके। पूरन का विकेट गिरने के बाद लखनऊ की स्थिति और नाजुक हो गई थी।

मिडिल ऑर्डर में अब्दुल समद भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और अनुकूल रॉय का शिकार बन गए। टीम के लगातार गिरते विकेट्स ने मैच को पूरी तरह केकेआर के पक्ष में झुका दिया था। हालाँकि,इसी बीच आयुष बडोनी ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को सँभालने की कोशिश की। उन्होंने 34 गेंदों पर 54 रनों की बेहतरीन पारी खेली,जिसमें कई आकर्षक शॉट्स शामिल थे। बडोनी की इस पारी ने लखनऊ को मुकाबले में बनाए रखा,लेकिन उनके आउट होते ही ऐसा लगने लगा कि मैच अब केकेआर की झोली में चला जाएगा।

यहीं से कहानी में सबसे बड़ा मोड़ आया। युवा बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने मोर्चा सँभाला और दबाव के बीच ऐसी बल्लेबाजी की,जिसने पूरे मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने आखिरी के तीन ओवरों में आक्रामक अंदाज अपनाते हुए गेंदबाजों पर हमला बोल दिया। मुकुल ने केवल 27 गेंदों में नाबाद 54 रन बनाए, जिसमें 2 चौके और 7 शानदार छक्के शामिल थे। उनकी इस पारी में आत्मविश्वास,टाइमिंग और मैच फिनिश करने की क्षमता साफ नजर आई।

जब लखनऊ को जीत के लिए तेजी से रन चाहिए थे,तब मुकुल ने बिना घबराए बड़े शॉट्स लगाए और टीम को जीत की दहलीज तक पहुँचा दिया। उनकी बल्लेबाजी ने यह दिखा दिया कि वे सिर्फ एक उभरते खिलाड़ी नहीं,बल्कि भविष्य के मैच विनर भी हैं। उनकी इस पारी ने लखनऊ के ड्रेसिंग रूम में खुशी की लहर दौड़ा दी और प्रशंसकों के लिए यह एक यादगार पल बन गया।

इससे पहले,टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी कोलकाता नाइट राइडर्स ने 4 विकेट के नुकसान पर 181 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। टीम की ओर से अंगकृष रघुवंशी ने सबसे ज्यादा 45 रन बनाए। उन्होंने 33 गेंदों की अपनी पारी में 5 चौके और 2 छक्के लगाए और टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। कप्तान अजिंक्य रहाणे ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 24 गेंदों पर 44 रन बनाए,जिसमें 4 चौके और 2 छक्के शामिल थे।

अंत के ओवरों में रोवमैन पॉवेल और कैमरून ग्रीन ने तेजी से रन बटोरे। पॉवेल ने 24 गेंदों पर नाबाद 39 रन बनाए,जबकि ग्रीन ने 24 गेंदों पर 32 रन की नाबाद पारी खेली। इन दोनों की पारियों ने केकेआर को एक मजबूत स्कोर तक पहुँचाया,जो शुरुआत में लखनऊ के लिए मुश्किल नजर आ रहा था।

हालाँकि,लखनऊ के बल्लेबाजों,खासकर मुकुल चौधरी की विस्फोटक पारी ने इस लक्ष्य को छोटा साबित कर दिया। यह मुकाबला आईपीएल के उन क्लासिक मैचों में शामिल हो गया है,जहाँ आखिरी ओवरों तक रोमांच बना रहा और एक युवा खिलाड़ी ने अपनी प्रतिभा के दम पर मैच का नतीजा बदल दिया।

इस जीत के साथ लखनऊ सुपर जायंट्स ने न केवल अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत की,बल्कि यह भी साबित कर दिया कि उनकी टीम में गहराई और संघर्ष करने की क्षमता है। वहीं,कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए यह हार एक सीख के रूप में सामने आई है कि आखिरी ओवरों में मैच को कैसे नियंत्रण में रखा जाए।

यह मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक शानदार अनुभव रहा,जिसमें उतार-चढ़ाव, दबाव और अंत में एक युवा खिलाड़ी की चमक ने इसे यादगार बना दिया। मुकुल चौधरी की यह पारी लंबे समय तक प्रशंसकों के दिलों में बनी रहेगी और उन्हें आने वाले मैचों के लिए एक नए सितारे की उम्मीद भी देगी।