नई दिल्ली, मार्च (युआईटीवी)- आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स को मुंबई इंडियंस के खिलाफ मिली हार के बाद जिस सवाल ने सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी,वह था कैमरून ग्रीन का गेंदबाजी न करना। अब इस पूरे मामले पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी है। बोर्ड ने बताया है कि ग्रीन पीठ की चोट से जूझ रहे हैं और इसी कारण वह टूर्नामेंट के शुरुआती 10 से 12 दिनों तक गेंदबाजी नहीं कर पाएँगे।
वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में केकेआर को 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था,जबकि टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 220 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया था। इस हार के बाद कप्तान अजिंक्य रहाणे से जब पूछा गया कि ग्रीन से गेंदबाजी क्यों नहीं कराई गई,तो उन्होंने सीधा जवाब देने के बजाय कहा कि इसका जवाब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से पूछा जाना चाहिए। रहाणे का यह बयान काफी चर्चा में रहा और इसके बाद अब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की ओर से स्थिति साफ की गई है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपने बयान में कहा कि कैमरून ग्रीन की पीठ के निचले हिस्से में चोट है,जिसे सावधानीपूर्वक मैनेज किया जा रहा है। इसी कारण उन्हें कुछ समय के लिए गेंदबाजी से दूर रखा गया है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि इस स्थिति की जानकारी पहले ही केकेआर टीम मैनेजमेंट को दे दी गई थी और टीम इस बात से पूरी तरह अवगत थी। बोर्ड के अनुसार,ग्रीन को पूरी तरह फिट होने में करीब 10 से 12 दिन का समय लगेगा,जिसके बाद ही वह गेंदबाजी करते नजर आएँगे।
इस अपडेट के बाद यह लगभग तय हो गया है कि ग्रीन कम से कम अगले दो से तीन मुकाबलों में गेंदबाजी नहीं करेंगे। ऐसे में केकेआर के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हो सकता है,क्योंकि टीम ने उन्हें 25.20 करोड़ रुपये की भारी कीमत पर खरीदा है और उनसे ऑलराउंड प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी।
केकेआर की मुश्किलें पहले से ही कम नहीं थीं। टीम के प्रमुख भारतीय तेज गेंदबाज हर्षित राणा और आकाशदीप चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। वहीं,श्रीलंकाई तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना भी पूरी तरह फिट नहीं हैं। ऐसे में ग्रीन का गेंदबाजी न करना टीम के गेंदबाजी आक्रमण को और कमजोर कर सकता है।
मुंबई इंडियंस के खिलाफ मुकाबले में यह कमी साफ तौर पर देखने को मिली। केकेआर के गेंदबाज 221 रनों के लक्ष्य का बचाव करने में पूरी तरह नाकाम रहे। वैभव अरोड़ा,वरुण चक्रवर्ती,सुनील नरेन और ब्लेसिंग मुजारबानी जैसे गेंदबाज अपनी लय में नजर नहीं आए और लगातार रन लुटाते रहे। यदि ग्रीन गेंदबाजी करते,तो टीम को एक अतिरिक्त विकल्प मिलता और दबाव को बांटने में मदद मिलती।
हालाँकि,बल्लेबाजी के मोर्चे पर केकेआर ने शानदार प्रदर्शन किया था। कप्तान अजिंक्य रहाणे और अन्य बल्लेबाजों ने मिलकर 220 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया,लेकिन गेंदबाजी में संतुलन की कमी टीम पर भारी पड़ गई। यही वजह है कि टीम को जीत के बजाय हार का सामना करना पड़ा।
विशेषज्ञों का मानना है कि टी20 क्रिकेट में एक मजबूत ऑलराउंडर की भूमिका बेहद अहम होती है,खासकर तब जब टीम के अन्य गेंदबाज चोटिल हों या फॉर्म में न हों। ग्रीन जैसे खिलाड़ी का गेंदबाजी न करना टीम के संतुलन को बिगाड़ देता है। ऐसे में केकेआर को आने वाले मैचों में अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना होगा।
अब टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वह ग्रीन की अनुपस्थिति में अपने गेंदबाजी संयोजन को कैसे मजबूत करे। कप्तान और टीम मैनेजमेंट को यह सुनिश्चित करना होगा कि बाकी गेंदबाज बेहतर प्रदर्शन करें और टीम को संतुलन मिल सके।
कैमरून ग्रीन की चोट ने केकेआर की चिंताओं को बढ़ा दिया है। आने वाले मुकाबलों में टीम का प्रदर्शन काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि वह इस चुनौती से कैसे निपटती है। वहीं,प्रशंसकों को उम्मीद होगी कि ग्रीन जल्द ही पूरी तरह फिट होकर मैदान पर वापसी करें और अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से टीम को मजबूती दें।
