नवी मुंबई,5 फरवरी (युआईटीवी)- डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में बुधवार को खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 वार्म-अप मुकाबले में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ दमदार प्रदर्शन करते हुए 30 रन की जीत दर्ज की। यह मैच भले ही अभ्यास मुकाबला रहा हो,लेकिन दोनों टीमों की तीव्रता,बल्लेबाज़ी की आक्रामकता और गेंदबाज़ी के प्रयोगों ने इसे पूरी तरह प्रतिस्पर्धी बना दिया। भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 6 विकेट पर 240 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया,जिसके जवाब में साउथ अफ्रीकी टीम 7 विकेट पर 210 रन ही बना सकी।
टॉस जीतकर बल्लेबाज़ी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत विस्फोटक रही। ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ने पहले विकेट के लिए महज 5.4 ओवरों में 80 रन जोड़ दिए। दोनों बल्लेबाज़ों ने पावरप्ले का पूरा फायदा उठाया और साउथ अफ्रीकी गेंदबाज़ों पर शुरू से दबाव बना दिया। ईशान किशन ने बेहद आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करते हुए सिर्फ 20 गेंदों में 53 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 7 शानदार छक्के और 2 चौके शामिल रहे। ईशान लय में नज़र आ रहे थे,लेकिन वार्म-अप मैच की रणनीति के तहत वह रिटायर्ड आउट होकर पवेलियन लौट गए।
ईशान के बाहर जाने के बाद अभिषेक शर्मा ने पारी को आगे बढ़ाया और तिलक वर्मा के साथ मिलकर रन गति को बनाए रखा। अभिषेक ने 18 गेंदों में 24 रन बनाए, जिसमें 4 बाउंड्री शामिल रहीं। वह भी रिटायर्ड आउट होकर वापस लौटे,जिससे भारतीय टीम को मध्यक्रम के बल्लेबाज़ों को आज़माने का मौका मिला। इसके बाद तिलक वर्मा ने अपनी आक्रामक और आत्मविश्वास से भरी बल्लेबाज़ी से प्रभावित किया। उन्होंने 19 गेंदों में 45 रन बनाए,जिसमें 3 छक्के और 3 चौके शामिल थे। तिलक की पारी ने भारत को एक बार फिर तेज़ रन गति की राह पर बनाए रखा।
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी अपने चिर-परिचित अंदाज़ में बल्लेबाज़ी की और 16 गेंदों में 30 रन जोड़ दिए। उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इसके बाद अक्षर पटेल ने उपयोगी योगदान देते हुए 35 रन बनाए और पारी को स्थिरता प्रदान की। अंतिम ओवरों में हार्दिक पंड्या ने आकर मैच का रंग पूरी तरह बदल दिया। हार्दिक ने सिर्फ 10 गेंदों में नाबाद 30 रन ठोके,जिसमें 5 करारे चौके शामिल थे। उनकी इस तेज़तर्रार पारी की बदौलत भारत 240 रन के बड़े स्कोर तक पहुँचने में सफल रहा।
साउथ अफ्रीका की ओर से गेंदबाज़ी में मार्को जेनसन,कॉर्बिन बॉश,एनरिक नॉर्त्जे और क्वेना मफाका को 1-1 विकेट मिला, लेकिन भारतीय बल्लेबाज़ों की आक्रामकता के सामने वे पूरी तरह प्रभाव नहीं छोड़ सके।
241 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीकी टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। पहले ओवर की आखिरी गेंद पर ही जॉर्ज लिंडे बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। शुरुआती झटके के बाद कप्तान एडेन मार्करम और रायन रिकेल्टन ने पारी को सँभालने की कोशिश की। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 30 गेंदों में 66 रन की साझेदारी की और भारत के लिए खतरे की घंटी बजा दी। रिकेल्टन ने 44 रन बनाए,जबकि मार्करम ने 38 रन की पारी खेली।
हालाँकि,इस साझेदारी के टूटते ही साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज़ी एक बार फिर दबाव में आ गई। टीम ने 100 रन के भीतर अपने 5 विकेट गंवा दिए,जिससे रन चेज़ मुश्किल होता चला गया। भारतीय गेंदबाज़ों ने लगातार लाइन और लेंथ में गेंदबाज़ी करते हुए बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
मध्यक्रम में जेसन स्मिथ ने 23 गेंदों में 35 रन बनाकर पारी को सँभालने का प्रयास किया। उनके साथ मार्को जेनसन ने भी तेज़ बल्लेबाज़ी करते हुए 16 गेंदों में 31 रन जोड़े और कुछ देर के लिए मैच को रोमांचक बनाया। हालाँकि,आवश्यक रन रेट लगातार बढ़ता रहा और दबाव साउथ अफ्रीका के खेमे में साफ दिखने लगा।
अंतिम ओवरों में ट्रिस्टन स्टब्स ने शानदार संघर्ष दिखाया। उन्होंने 21 गेंदों में 45 रन की नाबाद पारी खेली,जिसमें 4 छक्के और 1 चौका शामिल था। स्टब्स ने आखिरी तक लड़ाई जारी रखी,लेकिन वह टीम को जीत की दहलीज़ तक नहीं पहुँचा सके। अंततः साउथ अफ्रीकी टीम 7 विकेट पर 210 रन ही बना सकी और भारत ने यह मुकाबला 30 रन से अपने नाम कर लिया।
भारतीय गेंदबाज़ी में अभिषेक शर्मा सबसे सफल रहे,जिन्होंने 2 विकेट झटके। इसके अलावा अर्शदीप सिंह,शिवम दुबे,वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल को 1-1 विकेट मिला। सभी गेंदबाज़ों ने मिलकर साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज़ों पर दबाव बनाए रखा और बड़े स्कोर के बावजूद मैच को नियंत्रण में रखा।
यह वार्म-अप मुकाबला भारतीय टीम के लिए कई मायनों में फायदेमंद साबित हुआ। शीर्ष क्रम से लेकर निचले क्रम तक बल्लेबाज़ों ने रन बनाए,जबकि गेंदबाज़ों को भी अलग-अलग संयोजनों के साथ परखने का मौका मिला। साउथ अफ्रीका के खिलाफ इस जीत ने भारतीय खेमे का आत्मविश्वास बढ़ाया है और आगामी मुकाबलों से पहले टीम को सकारात्मक संकेत दिए हैं।
