रायपुर,24 जनवरी (युआईटीवी)- भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में एक बार फिर अपनी आक्रामक क्रिकेट का शानदार नमूना पेश करते हुए 7 विकेट से बड़ी जीत दर्ज की और पाँच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली। इस मुकाबले में जहाँ भारतीय बल्लेबाजी की गहराई और निडर सोच देखने को मिली,वहीं मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव के बयान ने सभी का ध्यान खींचा। सूर्या ने खुलासा किया कि पावरप्ले के दौरान जब ईशान किशन उन्हें स्ट्राइक नहीं दे रहे थे,तो वह थोड़े नाराज़ हो गए थे,लेकिन बाद में उन्होंने हालात को समझा और ईशान की पारी की जमकर तारीफ की।
209 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज 6 रन के स्कोर पर संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के विकेट गंवा दिए। ऐसे में एक समय ऐसा लग रहा था कि न्यूजीलैंड मुकाबले में वापसी कर सकता है,लेकिन इसके बाद ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव ने मिलकर मैच की दिशा ही बदल दी। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई 122 रन की विस्फोटक साझेदारी ने कीवी गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।
मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने ईशान किशन की बल्लेबाजी को लेकर मजाकिया अंदाज में बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि ईशान ने दोपहर के लंच में क्या खाया था,लेकिन मैंने कभी किसी को 2 विकेट पर 6 रन से पावरप्ले के अंत तक 60 के आसपास पहुँचते हुए नहीं देखा। हम अपने बल्लेबाजों से यही चाहते हैं कि वे खुलकर खेलें।” सूर्या ने यह भी स्वीकार किया कि पावरप्ले के दौरान ईशान उन्हें स्ट्राइक नहीं दे रहे थे,जिससे वह थोड़े नाराज़ हो गए थे,लेकिन बाद में उन्होंने परिस्थितियों को समझा और महसूस किया कि ईशान उस समय टीम के लिए सही काम कर रहे थे।
सूर्यकुमार यादव ने इस मुकाबले में एक बार फिर अपनी क्लास साबित की। उन्होंने 37 गेंदों में 4 छक्कों और 9 चौकों की मदद से नाबाद 82 रन की तूफानी पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी में वही पुराना आत्मविश्वास,इनोवेशन और आक्रामकता नजर आई,जिसके लिए वह जाने जाते हैं। ईशान किशन के आउट होने के बाद शिवम दुबे ने भी उनका बेहतरीन साथ निभाया और दोनों के बीच 81 रन की अटूट साझेदारी हुई, जिसने भारत की जीत को औपचारिकता में बदल दिया।
अपनी शानदार फॉर्म को लेकर सूर्या ने कहा कि वह इस समय क्रिकेट का भरपूर आनंद ले रहे हैं। उन्होंने बताया, “मैं नेट्स में अच्छी बल्लेबाजी कर रहा था। मुझे अच्छा ब्रेक मिला और मैच से पहले बढ़िया प्रैक्टिस सेशन भी हुआ था। गेंदबाजी के साथ भी जबरदस्त प्रयास रहा।” उन्होंने गेंदबाजों की भी जमकर सराहना की और कहा कि जब न्यूजीलैंड ने दो विकेट पर 110 रन बना लिए थे,तब उन्हें लग रहा था कि विपक्षी टीम 230 के आसपास पहुँच सकती है,लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने जिम्मेदारी लेते हुए शानदार वापसी कराई।
सूर्यकुमार यादव ने टीम के माहौल पर भी बात की और कहा कि भारतीय कैंप इस वक्त काफी खुशहाल है। उन्होंने साफ किया कि वह चाहते हैं कि यह सकारात्मक माहौल आगे भी बना रहे,क्योंकि यही टीम की सबसे बड़ी ताकत है। कप्तान के इन शब्दों से साफ झलकता है कि भारतीय टीम न सिर्फ मैदान पर,बल्कि ड्रेसिंग रूम में भी एकजुट और आत्मविश्वास से भरी हुई है।
दूसरी ओर,न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सेंटनर के लिए यह मुकाबला निराशाजनक रहा। सीरीज में 0-2 से पिछड़ने के बाद सेंटनर ने भारतीय टीम की बल्लेबाजी की खुलकर तारीफ की और मजाकिया अंदाज में कहा कि शायद भारत के खिलाफ 300 रन बनाना ही सही रास्ता हो। उन्होंने कहा, “जब आप ऐसी टीम के खिलाफ खेलते हैं,जिसकी बल्लेबाजी में इतनी गहराई है और जो पहली ही गेंद से आक्रामक इरादे दिखाती है,तो आपके लिए जरूरी हो जाता है कि आप जहाँ संभव हो उन्हें दबाव में रखें।”
सेंटनर ने माना कि इस मैच में न्यूजीलैंड की टीम पर लगातार दबाव बना रहा और भारतीय बल्लेबाजों ने किसी भी मौके का फायदा उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हालाँकि,उन्होंने इसे सीखने का अवसर बताया और कहा कि उनकी टीम के पास वापसी करने का अच्छा मौका अभी भी है।
खुद सेंटनर का यह मुकाबला भी खास नहीं रहा। उन्होंने दो ओवर गेंदबाजी की, जिसमें 27 रन दिए,लेकिन कोई विकेट हासिल नहीं कर सके। इस पर उन्होंने कहा कि मैदान पर ओस की वजह से स्पिनरों के लिए गेंद पकड़ना काफी चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसी परिस्थितियों में आगे बढ़ना और खुद को ढालना जरूरी होता है।
यह मुकाबला भारतीय टीम के आत्मविश्वास और आक्रामक सोच का शानदार उदाहरण रहा। ईशान किशन की निडर बल्लेबाजी,सूर्यकुमार यादव की कप्तानी पारी और गेंदबाजों की सामूहिक कोशिश ने भारत को एक और यादगार जीत दिलाई। अब सीरीज के अगले मुकाबलों में जहाँ भारत अपनी बढ़त को और मजबूत करने उतरेगा,वहीं न्यूजीलैंड की टीम के सामने वापसी की बड़ी चुनौती होगी।
