वाशिंगटन,17 नवंबर (युआईटीवी)- इजरायल-हमास युद्ध मामले में दृढ़ विश्वास से प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि दोनों देशों के बीच जो दो-राज्य संबंधी मसला है,जब तक उसका समाधान नहीं हो जाता है,तब तक यह युद्ध समाप्त नहीं होगा। अमेरिका और इजरायल के बीच युद्ध के बाद के परिदृश्य में मतभेद बढ़ने,इजरायल से अमेरिका द्वारा यह कहना कि गाजा पर दोबारा कब्जा न किया जाए और अमेरिका के इस कथन पर इजरायल के इनकार के मध्य अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि, ” यह कैसे चलेगा,मैं इस बारे में आपको कुछ भी नहीं बता सकता। ”
बाइडेन ने कहा कि उन्हें भरोसा नहीं है कि जब तक दो-राज्य संबंधी मसला का समाधान नहीं होगा, तब तक इजरायल-हमास युद्ध समाप्त हो पाएगा।
बाइडेन ने यह टिप्पणी एक सवाल के जवाब में दिया,जब उनसे इजरायल-हमास युद्ध समाप्त होने की समय सीमा के बारे में पूछा गया। गाजा में मानवीय कारणों की मदद के लिए तत्काल युद्धविराम के लिए यूएनएससी ने पाँचवीं बार मतदान किया गया।
बाइडेन ने कहा, ” इजरायलियों को मैंने स्पष्ट कर दिया है कि यदि वे यह सोच रहे हैं कि वे गाजा पर कब्जा करने जा रहे हैं,तो उनके लिए एक बड़ी गलती है। क्योंकि मुझे ऐसा नहीं लगता है कि यह अंततः तब तक समाप्त होगा जब तक कि दो-राज्य समाधान न हो।”
गाजा में बंधकों के बारे में भी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से पूछा गया,बताया जा रहा है कि इन बंधकों में एक 3 वर्षीय अमेरिकी को भी बंधक बनाया गया था।
बाइडेन के हवाले से कई मीडिया आउटलेट्स ने कहा कि, ” मैं तब तक नहीं रुकूँगा,जब तक की उसे पकड़ नहीं लेते।”
इस बीच गाजा के अल-शिफा अस्पताल पर आईडीएफ ने अपनी छापेमारी तेज कर दी। इस छापेमारी को “हमास के खिलाफ लक्षित अभियान” बताया जा रहा है।
मरीजों की सुरक्षा का आह्वान करते हुए व्हाइट हाउस ने कहा कि दुनिया अपडेट माँग रही है,इसलिए वह अब नहीं देखना चाहता कि अस्पताल में आग की लड़ाई जारी रहे ।
अमेरिका ने अपने ख़ुफ़िया स्रोतों के माध्यम से इजरायल द्वारा किए जा रहे दावे का समर्थन किया कि आतंकवादी अल-शिफ़ा सहित कई अस्पतालों और उनके नीचे सुरंगों का उपयोग खुद के छिपने और बंधकों को रखने के लिए कर रहे थे।
व्हाइट हाउस ने इस मामले में कहा कि अमेरिका किसी भी प्रकार से इस बात का समर्थन नहीं करता है कि गाजा के सबसे बड़े अस्पताल पर हवाई हमले किए जाए। अमेरिका अस्पताल के अंदर गोलाबारी नहीं देखना चाहता है। क्योंकि अल-शिफा अस्पताल पर इजरायली सेना ने छापा मारा था। उस छापेमारी में अस्पताल में सैकड़ों मरीज और डॉक्टरों के फँसे होने की बात सामने आई है।
एनबीसी के हवाले से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि, ” हम किसी भी अस्पताल पर किए जाने वाले हवाई हमले का समर्थन नहीं करते हैं। अस्पताल में निर्दोष,असहाया और बीमार लोग चिकित्सा देखभाल प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं,वहाँ हम गोलीबारी नहीं देखना चाहते हैं। हम नहीं चाहते हैं कि ये लोग गोलीबारी में फँसे। इसलिए अस्पतालों और मरीजों की सुरक्षा की जानी चाहिए।
जब अंतर्राष्ट्रीय नेताओं और संगठनों के द्वारा दबाव दिया जाने लगा,तो युद्ध शुरू होने के पश्चात पहली बार इज़राइल गाजा में मानवीय कार्यों के लिए कुछ ईंधन की अनुमति देने पर सहमत हुआ।
16 लाख से अधिक लोग गाजा में विस्थापित हुए हैं। 11,200 से अधिक लोगों के मारे जाने की पुष्टि वहाँ के स्वास्थ्य अधिकारियों ने किया है।
एनबीसी न्यूज के अनुसार, इजरायल का कहना है कि हमास के आतंकवादी ने 7 अक्टूबर को जो हमला किया था,उसमें 1,200 लोग मारे गए थे और गाजा में 239 लोग बंधक बने हुए थे।
इस बीच, राष्ट्रपति जो बाइडेन और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से एक पत्र पर दो दर्जन डेमोक्रेटिक सांसदों ने हस्ताक्षर कर गाजा में संघर्ष विराम की मॉंग करने का आग्रह किया।
इस पत्र में जिन डेमोक्रेटिक सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं,उनमें मिनेसोटा की बेट्टी मैक्कलम, न्यूयॉर्क के प्रतिनिधि अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज़,विस्कॉन्सिन के मार्क पोकन और 21 अन्य लोग भी शामिल हैं। डेमोक्रेट्स ने इस हस्ताक्षरित पत्र में लिखा, “आपके रणनीतिक उद्देश्यों पर स्पष्टता का आग्रह करते हैं,ताकि क्षेत्र में तनाव कम किया जा सकें और शान्ति तथा स्थिरता कायम किया जा सके। “
