इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@ocjain4)

इजरायली कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता,पीएम मोदी ने प्रदर्शनी में देखीं अत्याधुनिक तकनीकें

नई दिल्ली,26 फरवरी (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली कंपनियों को भारत में निवेश बढ़ाने,मैन्युफैक्चरिंग इकाइयाँ स्थापित करने और तकनीकी साझेदारी को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का निमंत्रण दिया है। गुरुवार को जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक विशेष प्रदर्शनी का दौरा किया,जिसमें इजरायल की अग्रणी और अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

यह प्रदर्शनी एग्री-टेक,वॉटर-टेक,क्लाइमेट-टेक,हेल्थ-बायोटेक,स्मार्ट मोबिलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,साइबर सुरक्षा और क्वांटम तकनीक जैसे क्षेत्रों की नवीन खोजों और समाधानों पर केंद्रित थी। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदर्शनी में मौजूद वैज्ञानिकों,तकनीकी उद्यमियों और कंपनियों के प्रमुखों से सीधी बातचीत की और उनके नवाचारों को करीब से समझा। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों में भारत और इजरायल के बीच नवाचार,स्टार्टअप सहयोग और व्यापारिक साझेदारी को नई दिशा देने की अपार क्षमता है।

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से कृषि,जल प्रबंधन,स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्रों को दोनों देशों के लिए प्राथमिकता वाला बताया। उन्होंने कहा कि भारत की विशाल जनसंख्या और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ इजरायल की अत्याधुनिक तकनीक का मेल दोनों देशों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है। उन्होंने इजरायली कंपनियों से आग्रह किया कि वे ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत भारत में उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करने और स्थानीय भागीदारी को मजबूत करने पर विचार करें।

दोनों देशों के बीच “इंडिया-इजरायल इनोवेशन ब्रिज” पहल के तहत पहले से ही सहयोग चल रहा है। इस मंच का उद्देश्य आधुनिक चुनौतियों के समाधान के लिए संयुक्त रूप से अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहल भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नवाचार को बढ़ावा देने का एक प्रभावी माध्यम बन सकती है।

प्रदर्शनी के दौरान क्वांटम तकनीक विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इजरायली क्वांटम कंप्यूटिंग सेंटर के प्रतिनिधियों ने क्वांटम मशीन के जरिए अपनी क्षमताओं के बारे में जानकारी दी। क्लासीक नामक कंपनी ने यह बताया कि वह क्वांटम सॉफ्टवेयर विकास को सरल और सुलभ बनाने के लिए किस तरह के समाधान विकसित कर रही है। प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र में भारत-इजरायल सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि उभरती तकनीकों में साझेदारी भविष्य की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अहम भूमिका निभाएगी।

हेल्थ-टेक क्षेत्र में एआईएसएपी नामक स्टार्टअप ने एआई आधारित पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड तकनीक का प्रदर्शन किया,जो त्वरित जाँच और मार्गदर्शन प्रदान करने में सक्षम है। प्रधानमंत्री ने इस तकनीक को भारत जैसे देश के लिए उपयोगी बताया,जहाँ दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच अभी भी एक चुनौती है।

इजरायल के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के होराइजन स्कैनिंग डिवीजन ने “टेक स्काउट” नामक एआई टूल प्रस्तुत किया,जो रणनीतिक जोखिमों की पहचान और भविष्य के रुझानों के विश्लेषण में मदद करता है। स्मार्ट मोबिलिटी के क्षेत्र में मोबाइलआई ने अपने उन्नत सेंसर और चिप तकनीक का प्रदर्शन किया,जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है। साइबर सुरक्षा क्षेत्र में चेक प्वाइंट सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज ने अपने अत्याधुनिक समाधानों और भारत में चल रहे सहयोगी प्रोजेक्ट्स पर प्रकाश डाला।

जल और कृषि प्रौद्योगिकी में भी कई उल्लेखनीय नवाचार सामने आए। वाटरजेन ने हवा से पीने योग्य पानी बनाने की अपनी अनूठी तकनीक का प्रदर्शन किया,जो जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों के लिए कारगर साबित हो सकती है। एन-ड्रिप ने गुरुत्वाकर्षण आधारित माइक्रो-इरिगेशन प्रणाली पेश की,जो कम लागत में जल संरक्षण और उत्पादकता बढ़ाने में सहायक है। नेचुरल ऑफसेट फार्मिंग ने बिना बिजली के फसल कटाई के बाद होने वाले खाद्य नुकसान को कम करने के समाधान प्रस्तुत किए।

खाद्य प्रौद्योगिकी और जैव-विज्ञान के क्षेत्र में रेमिल्क ने प्रिसिजन फर्मेंटेशन तकनीक के जरिए लैब में तैयार दूध प्रोटीन का प्रदर्शन किया। बारएल्गी ने मशीन लर्निंग आधारित माइक्रोएल्गी उत्पादन प्रणाली पेश की,जो पोषण और पर्यावरणीय स्थिरता दोनों के लिए उपयोगी मानी जा रही है।

पर्यावरण और संसाधन प्रबंधन से जुड़े नवाचार भी प्रदर्शनी का हिस्सा रहे। मायनोरा बायो ने विशेष बायो-कन्वर्जन एडिटिव्स के जरिए प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन का समाधान प्रस्तुत किया। जियोफिजिकल इंस्टीट्यूट ने खनिज संसाधनों के आकलन के लिए हाई-रिजॉल्यूशन मॉडलिंग तकनीक का प्रदर्शन किया। वहीं,इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने अपने छोटे संचार उपग्रहों और एकीकृत सिंथेटिक एपर्चर रडार तकनीक को प्रदर्शित किया, जो अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में नई संभावनाएँ खोल सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि भारत और इजरायल का संबंध केवल रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं है,बल्कि यह नवाचार और तकनीकी सहयोग के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच बढ़ता तकनीकी सहयोग आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास,रोजगार सृजन और सतत विकास को नई गति देगा।