यरुशलम,26 नवंबर (युआईटीवी)- इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की दिसंबर में प्रस्तावित भारत यात्रा को मंगलवार को अचानक स्थगित कर दिया गया। इस घोषणा के साथ ही कई तरह की अटकलें शुरू हो गईं,हालाँकि इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने तुरंत स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यात्रा के स्थगन का सुरक्षा कारणों से कोई संबंध नहीं है। कार्यालय की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया कि नई दिल्ली और यरुशलम आपसी सहमति से यात्रा की नई तारीख तय करने पर काम कर रहे हैं।
नेतन्याहू की भारत यात्रा लंबे समय से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही थी। माना जा रहा था कि इस यात्रा के दौरान रक्षा,तकनीक,साइबर सुरक्षा,कृषि और नवाचार के क्षेत्रों में कई अहम समझौतों पर चर्चा हो सकती थी,लेकिन 25 नवंबर को बिना किसी स्पष्ट कारण के इस यात्रा को स्थगित कर दिया गया,जिसके बाद कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सुरक्षा कारणों से यह निर्णय लिया गया है। कुछ रिपोर्ट्स ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
हालाँकि,इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए एक आधिकारिक पोस्ट जारी किया। इस पोस्ट में कहा गया, “भारत के साथ इजरायल के संबंध अत्यंत मजबूत हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच विश्वास और सहयोग का गहरा रिश्ता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू को पूरा भरोसा है। यात्रा स्थगित होने का सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। वर्तमान में दोनों देश नई यात्रा तिथि पर विचार कर रहे हैं।”
इस बयान का उद्देश्य स्पष्ट रूप से यह दर्शाना था कि यात्रा स्थगित होने के बावजूद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में कोई बदलाव नहीं आया है। इजरायल और भारत पिछले कुछ वर्षों में सामरिक और आर्थिक साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। विशेषकर रक्षा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। भारत इजरायली हथियारों और तकनीकी प्रणालियों का एक महत्वपूर्ण खरीदार है,जबकि इजरायल भारत के साथ कृषि,जल प्रबंधन और स्टार्टअप नवाचार के क्षेत्रों में साझेदारी कर रहा है।
Prime Minister’s Office:
Israel’s bond with India and between Prime Minister Netanyahu and Prime Minister @narendramodi is very strong. The PM has full confidence in India’s security under PM Modi, and teams are already coordinating a new visit date.
— Prime Minister of Israel (@IsraeliPM) November 25, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच व्यक्तिगत संबंधों को भी अक्सर दोनों देशों के बढ़ते सहयोग का आधार माना जाता है। दोनों नेताओं के बीच कई बार मुलाकातें हो चुकी हैं और दोनों ने ही सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे की सराहना की है। इसी वर्ष अक्टूबर की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने गाजा शांति योजना की प्रगति के लिए नेतन्याहू को बधाई दी थी। यह वही शांति योजना है जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तैयार किया था और जिसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिला था।
बातचीत के बाद पीएम मोदी ने एक पोस्ट में लिखा था कि यह प्रगति प्रधानमंत्री नेतन्याहू के प्रभावी नेतृत्व को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा था कि वह उम्मीद करते हैं कि बंधकों की रिहाई और गाजा के लोगों के लिए मानवीय सहायता में वृद्धि से क्षेत्र में स्थिरता और शांति को बढ़ावा मिलेगा। मोदी के इस बयान ने यह संकेत दिया था कि भारत मध्य पूर्व में शांति प्रक्रियाओं में एक स्थिर और संतुलित भूमिका निभाना चाहता है।
इजरायल–भारत संबंधों की दृष्टि से नेतन्याहू की यात्रा का स्थगन भले ही एक प्रशासनिक निर्णय हो,लेकिन इससे दोनों देशों के संबंधों में किसी प्रकार की कमी नहीं आती। विशेषज्ञों का भी मानना है कि यह स्थगन अस्थायी है और निकट भविष्य में दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की मुलाकात जरूर होगी। यह मुलाकात न केवल द्विपक्षीय साझेदारी को आगे बढ़ाने में सहायक होगी,बल्कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में दोनों देशों की रणनीतिक जरूरतों को भी मजबूत करेगी।
नेतन्याहू की यात्रा का स्थगित होना एक साधारण प्रक्रिया का हिस्सा है,जिसमें नई तारीख पर सहमति बनाने और दोनों देशों की व्यस्तताओं का ध्यान रखने की आवश्यकता शामिल है,लेकिन यह तथ्य महत्वपूर्ण है कि दोनों देशों ने स्पष्ट किया है कि संबंधों में कोई कमी नहीं आई है और जल्द ही उच्च स्तरीय वार्ता की नई तारीख तय कर दी जाएगी। इससे यह साफ है कि भारत और इजरायल अपनी साझेदारी को अगले चरण में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह यात्रा उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
