फीफा विश्व कप 2026 से इटली बाहर (तस्वीर क्रेडिट@_Foreign_Policy)

फीफा विश्व कप 2026 से इटली बाहर,बोस्निया ने पेनल्टी शूटआउट में रच दिया इतिहास

बर्लिन,1 अप्रैल (युआईटीवी)- चार बार की विश्व चैंपियन इटली राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के लिए एक बार फिर निराशा भरी खबर सामने आई है। यूरोपीय प्लेऑफ के रोमांचक मुकाबले में बोस्निया और हर्जेगोविना राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने इटली को पेनल्टी शूटआउट में 4-1 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 से बाहर कर दिया। यह लगातार तीसरी बार है जब इटली विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने में नाकाम रही है,जिसने फुटबॉल जगत को हैरान कर दिया है।

जेनिका में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में दोनों टीमों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। निर्धारित 90 मिनट और अतिरिक्त समय तक स्कोर 1-1 से बराबर रहा, जिसके बाद मुकाबला पेनल्टी शूटआउट तक पहुँचा। यहाँ बोस्निया के खिलाड़ियों ने शानदार संयम और सटीकता का परिचय देते हुए चारों पेनल्टी गोल में तब्दील कीं,जबकि इटली की टीम दबाव में बिखरती नजर आई।

मैच की शुरुआत इटली के लिए सकारात्मक रही। टीम के युवा स्ट्राइकर मोइज कीन ने 15वें मिनट में बोस्निया के गोलकीपर निकोला वासिलज की एक बड़ी गलती का फायदा उठाकर शानदार गोल किया और इटली को शुरुआती बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद ऐसा लग रहा था कि इटली आसानी से मैच पर नियंत्रण बनाए रखेगा,लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

पहले हाफ के अंत से ठीक पहले मैच ने नाटकीय मोड़ लिया,जब इटली के डिफेंडर एलेसेंड्रो बास्टोनी को लास्ट-मैन फाउल के लिए रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया। इस फैसले ने मैच का पूरा संतुलन बदल दिया। 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर इटली ने इसके बाद रक्षात्मक रणनीति अपनाई और बढ़त बचाने की कोशिश की।

दूसरे हाफ में बोस्निया ने लगातार आक्रामक खेल दिखाया और इटली के डिफेंस पर दबाव बढ़ा दिया। अंततः 79वें मिनट में हारिस तबाकोविक ने शानदार गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इस गोल के बाद मैच और भी रोमांचक हो गया और दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी।

अतिरिक्त समय में भी दोनों टीमें कोई निर्णायक गोल नहीं कर सकीं,जिससे मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से होना तय हुआ। शूटआउट में इटली की किस्मत ने साथ नहीं दिया। सैंड्रो टोनाली ही इटली के लिए एकमात्र खिलाड़ी रहे,जो पेनल्टी को गोल में बदल सके। इसके विपरीत पियो एस्पोसिटो का शॉट बार के ऊपर चला गया,जबकि ब्रायन क्रिस्टांटे का प्रयास भी असफल रहा।

दूसरी ओर बोस्निया के खिलाड़ियों ने अद्भुत आत्मविश्वास दिखाया। सभी चार पेनल्टी को सफलतापूर्वक गोल में बदला गया,जिसमें निर्णायक किक एस्मिर बजरकतारेविक ने लगाई और अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। इस जीत के साथ बोस्निया ने 2014 के बाद पहली बार विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया है,जो उनके फुटबॉल इतिहास का एक सुनहरा पल है।

इस हार के बाद इटली के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ में गहरा निराशा का माहौल है। टीम के अनुभवी डिफेंडर लियोनार्डो स्पिनाजोला ने कहा कि उन्हें अभी भी इस हार पर विश्वास नहीं हो रहा है और यह पूरे देश के लिए बेहद दुखद क्षण है। वहीं टीम के मुख्य कोच जेननारो गुट्टूसो ने मैच के बाद माफी माँगते हुए स्वीकार किया कि टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी।

इटली का लगातार तीसरी बार विश्व कप से बाहर होना एक बड़ा झटका माना जा रहा है। 2006 में विश्व कप जीतने वाली यह टीम पिछले कुछ वर्षों में निरंतर गिरावट का सामना कर रही है। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद टीम का प्रदर्शन निरंतरता नहीं दिखा पा रहा है,जो चिंता का विषय बना हुआ है।

दूसरी ओर,यूरोपीय प्लेऑफ के अन्य मुकाबलों में भी रोमांच देखने को मिला। चेक रिपब्लिक राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने डेनमार्क के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ के बाद पेनल्टी शूटआउट में 5-3 से जीत हासिल कर विश्व कप में अपनी जगह पक्की की। इस मुकाबले में दोनों टीमों ने शानदार खेल दिखाया,लेकिन चेक टीम ने दबाव में बेहतर प्रदर्शन करते हुए बाजी मार ली।

इसके अलावा स्वीडन राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने भी पोलैंड राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को 3-2 से हराकर क्वालिफिकेशन हासिल किया। इस मैच में आखिरी क्षणों तक रोमांच बना रहा और 88वें मिनट में विक्टर ग्योकेरेस के गोल ने स्वीडन को जीत दिलाई।

यूरोपीय प्लेऑफ के समाप्त होने के साथ ही अब यूईएफए की ओर से विश्व कप 2026 के लिए सभी 16 टीमें तय हो चुकी हैं। इस बार का फीफा विश्व कप 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका,कनाडा और मैक्सिको में आयोजित किया जाएगा,जिसमें पहली बार 48 टीमें हिस्सा लेंगी।

इटली का बाहर होना इस टूर्नामेंट की सबसे बड़ी खबरों में से एक है। फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह एक चौंकाने वाला परिणाम है,क्योंकि इटली जैसी मजबूत टीम का लगातार तीन बार विश्व कप में न पहुँच पाना उनके इतिहास के विपरीत है। वहीं बोस्निया की टीम ने यह साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प और टीमवर्क के दम पर कोई भी टीम बड़ी से बड़ी चुनौती को पार कर सकती है।

अब सभी की नजरें विश्व कप 2026 पर टिकी हैं,जहाँ नई टीमें और नए सितारे उभरकर सामने आएँगे। लेकिन इटली के लिए यह समय आत्ममंथन का है,ताकि वह भविष्य में अपनी खोई हुई पहचान को फिर से हासिल कर सके।