‘जय सोमनाथ’ से इतिहास को फिर जिंदा करेंगे संजय लीला भंसाली (तस्वीर क्रेडिट@Tutejajoginder)

‘जय सोमनाथ’ से इतिहास को फिर जिंदा करेंगे संजय लीला भंसाली,पहली झलक ने बढ़ाई उत्सुकता

मुंबई,16 फरवरी (युआईटीवी)- भव्य सेट, गहन भावनाएँ और इतिहास को जीवंत कर देने वाली कहानी कहने की शैली के लिए मशहूर संजय लीला भंसाली एक बार फिर बड़े पर्दे पर नई पीरियड ड्रामा फिल्म के साथ लौटने की तैयारी में हैं। ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’, ‘बाजीराव मस्तानी’, ‘राम लीला’ और ‘ब्लैक’ जैसी चर्चित फिल्मों के बाद अब वह ‘जय सोमनाथ’ के जरिए दर्शकों को इतिहास के एक ऐसे अध्याय से रूबरू कराने जा रहे हैं,जो आस्था,संघर्ष और पुनर्निर्माण की गाथा से जुड़ा है। हाल ही में इस फिल्म की पहली झलक जारी की गई,जिसने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं।

‘जय सोमनाथ’ का निर्देशन दिग्गज फिल्मकार केतन मेहता कर रहे हैं,जबकि इसे संजय लीला भंसाली प्रस्तुत कर रहे हैं। जारी किए गए वीडियो में पहले सोमनाथ मंदिर के विध्वंस का दृश्य दिखाया गया है। धूल और मलबे के बीच टूटा हुआ ढांचा नजर आता है,जो उस ऐतिहासिक हमले की याद दिलाता है,जब मंदिर को निशाना बनाया गया था,लेकिन वीडियो के अंत में धूल के पीछे नए भव्य सोमनाथ मंदिर की झलक दिखाई देती है,जो पुनर्निर्माण और अडिग आस्था का प्रतीक है। वीडियो के साथ साझा किए गए कैप्शन में लिखा गया, “मंदिर तोड़ा जा सकता है,लेकिन आस्था को नहीं। संजय लीला भंसाली प्रस्तुत करते हैं- ‘जय सोमनाथ,’ निर्देशन- केतन मेहता।”

फिल्म 2027 में रिलीज होगी,हालाँकि,अभी इसकी स्टारकास्ट और सटीक रिलीज डेट की घोषणा नहीं की गई है। बावजूद इसके,पहली झलक ने ही फिल्म को लेकर चर्चा का माहौल बना दिया है। माना जा रहा है कि यह फिल्म केवल ऐतिहासिक घटनाओं का पुनर्सृजन नहीं होगी,बल्कि उस दौर की भावनात्मक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को भी प्रभावी ढंग से पेश करेगी।

इतिहास के पन्नों के अनुसार,1025–1026 ईस्वी के दौरान गजनवी ने भारत पर कई आक्रमण किए और गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर को निशाना बनाया। उस समय यह मंदिर अत्यंत समृद्ध और प्रतिष्ठित था। हमले के दौरान मंदिर के खजाने को लूटा गया और संरचना को भारी क्षति पहुँचाई गई। कहा जाता है कि शिवलिंग को भी खंडित करने का प्रयास किया गया। हालाँकि,समय-समय पर इस मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ और यह आज भी आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बना हुआ है। हाल ही में मंदिर के विध्वंस को 1000 वर्ष पूरे होने पर देशभर में इसके इतिहास और महत्व पर चर्चाएँ हुईं। ऐसे समय में इस विषय पर फिल्म का निर्माण दर्शकों के लिए विशेष महत्व रखता है।

संजय लीला भंसाली की पहचान भव्यता और ऐतिहासिक कथाओं को सिनेमाई रूप देने के लिए है। उनकी फिल्मों में सशक्त संगीत,शानदार सेट और गहराई से रची गई पटकथा देखने को मिलती है। ‘जय सोमनाथ’ से भी दर्शकों को कुछ ऐसा ही अनुभव मिलने की उम्मीद है। पहली झलक से साफ है कि फिल्म में इतिहास की गंभीरता और आस्था की शक्ति को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।

इस फिल्म के अलावा भंसाली की एक और बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘लव एंड वॉर’ भी चर्चा में है। इस फिल्म में रणबीर कपूर और आलिया भट्ट मुख्य भूमिकाओं में नजर आएँगे। हालाँकि,इस फिल्म की रिलीज डेट को लेकर अभी सस्पेंस बना हुआ है,लेकिन चर्चा है कि इसे 2026 के अंत तक सिनेमाघरों में उतारा जा सकता है। ‘लव एंड वॉर’ को लेकर भी दर्शकों में काफी उत्साह है,क्योंकि भंसाली लंबे समय बाद इस तरह की रोमांटिक-ड्रामा कहानी लेकर आ रहे हैं।

फिलहाल ‘जय सोमनाथ’ की पहली झलक ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले वर्षों में दर्शकों को बड़े पर्दे पर एक भव्य और भावनात्मक ऐतिहासिक कथा देखने को मिलेगी। यह फिल्म केवल अतीत की घटना का चित्रण नहीं होगी,बल्कि आस्था,साहस और पुनर्निर्माण की उस भावना को भी दर्शाएगी,जिसने सदियों से भारतीय संस्कृति को मजबूती दी है। 2027 में रिलीज होने वाली यह फिल्म इतिहास और सिनेमा प्रेमियों के लिए एक विशेष अनुभव साबित हो सकती है।