नई दिल्ली,25 जून (युआईटीवी)- मंगलवार को, जम्मू-कश्मीर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 1975 में पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल की घोषणा की याद में काला दिवस मनाया। उत्तरी कश्मीर के गांदरबल सहित विभिन्न जिलों ने इस उत्सव में भाग लिया।
आपातकाल के प्रभाव पर जोर देना
कार्यक्रम के दौरान भाजपा पदाधिकारियों ने आपातकाल के भारतीय लोकतंत्र पर पड़े नकारात्मक प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने और भविष्य में नागरिक स्वतंत्रता के किसी भी क्षरण को रोकने के लिए इस अवधि को याद रखने के महत्व पर जोर दिया।
बीजेपी नेताओं के बयान
भाजपा नेताओं ने आपातकाल और उसके परिणाम के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा: “काला दिवस का आयोजन भारतीय लोकतंत्र के लचीलेपन और सभी नागरिकों के अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए निरंतर सतर्कता की आवश्यकता की याद दिलाता है।”
भारतीय लोकतंत्र का लचीलापन
इस समारोह का उद्देश्य आपातकाल की अवधि के बारे में जनता की स्मृति को ताज़ा करना और भारत के लोकतंत्र की लचीलापन पर जोर देना था। भाजपा सदस्यों ने दोहराया कि आपातकाल के दौरान उत्पन्न चुनौतियों पर काबू पाने के बाद भारत मजबूत और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति अधिक प्रतिबद्ध होकर उभरा है।
निष्कर्ष
जम्मू और कश्मीर में काला दिवस की घटनाओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने और सभी नागरिकों के लिए नागरिक स्वतंत्रता के संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता बनाए रखने के महत्व की एक महत्वपूर्ण अनुस्मारक के रूप में कार्य किया।

