प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

झाँसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने से 10 नवजात शिशुओं की मौत,पीएम मोदी ने जताया दुख,’पीएमएनआरएफ’ से अनुग्रह राशि देने का किया ऐलान

नई दिल्ली,16 नवंबर (युआईटीवी)- उत्तर प्रदेश के झाँसी स्थित ‘महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज’ के एनआईसीयू वार्ड में शुक्रवार को लगी भीषण आग के कारण 10 नवजात शिशुओं की मृत्यु ने पूरे देश को गमगीन कर दिया। इस हृदयविदारक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक प्रकट किया और पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से ट्वीट कर घटना पर गहरा दुख जताया गया।

पीएमओ ने लिखा, “उत्तर प्रदेश में झाँसी के मेडिकल कॉलेज में आग लगने की यह घटना बेहद दुखद और मन को व्यथित करने वाली है। जिन परिवारों ने अपने मासूम बच्चों को खो दिया है,उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि उन्हें इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष’ से मृतक बच्चों के परिवारों को राहत के तौर पर 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि तथा घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की है।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सचिन माहौर के अनुसार,एनआईसीयू वार्ड में कुल 54 नवजात शिशु भर्ती थे। अचानक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में आग लगने से वार्ड में तेजी से आग फैल गई। ऑक्सीजन की अधिकता के कारण आग पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण हो गया। हालाँकि, राहत और बचाव कार्य में 47 बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन 10 नवजातों की जान नहीं बचाई जा सकी। घायलों का इलाज जारी है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश के झाँसी स्थित महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में हुए हृदयविदारक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स ‘ पर अपनी संवेदनाएँ प्रकट करते हुए लिखा, “झाँसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में हुई दुर्घटना में कई नवजात शिशुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत हृदय विदारक है। शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ। घायल बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूँ।”

राष्ट्रपति ने शोक संतप्त माता-पिता और परिवारजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, “ईश्वर से प्रार्थना करती हूँ कि वह उन्हें यह क्रूर आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करें।” साथ ही, उन्होंने घायल हुए शिशुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

राष्ट्रपति के इस संवेदनशील संदेश ने देशभर में मातम के माहौल में एकजुटता और सहानुभूति का भाव प्रकट किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर शोक जताते हुए जाँच के आदेश दिए और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएँ प्रकट की।

स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार की देखरेख में घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किए गए। मुख्यमंत्री ने इस मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन से वार्ड में सुरक्षा मानकों का विस्तृत मूल्यांकन करने को भी कहा गया है।

इस त्रासदी ने न केवल झाँसी बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मासूम नवजातों की असामयिक मौत ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा उपायों की पुनः समीक्षा और सुधार की आवश्यकता पर जोर देती है।

इस हृदयविदारक घटना ने उन माता-पिताओं को अपार पीड़ा दी है,जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया। सरकार और प्रशासन ने घटना की जाँच और पीड़ितों को राहत देने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। यह घटना सभी के लिए एक चेतावनी है कि अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थानों में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।