केदारनाथ धाम: स्वर्ण मंडित गर्भगृह में श्रद्धालु करेंगे बाबा केदार के दर्शन

केदारनाथ, 26 अप्रैल (युआईटीवी/आईएएनएस)| आज सुबह 6बजकर 20 मिनट पर पूरे विधिविधान के साथ ग्यारहवें ज्योतिलिर्ंग बाबा केदार के कपाट खुल गए हैं। इस बार बाबा के भक्त बाहर बर्फ के नजारे का लुत्फ उठा सकते हैं। तो अंदर प्रवेश करने पर उन्हें गर्भगृह का नजारा अलग ही दिखाई देगा।स्वर्ण मंडित गर्भगृह भी नजर आएगा। इस बार भक्तों को गर्भगृह की दीवारों पर सोने की परत नजर आएगी। इसके बीच में मौजूद शिवलिंग तो और भी खूबसूरत दिखाई देगा।श्रद्धालुओं को भी केदारनाथ में स्वर्ण मंदिर सा एहसास होगा। वहीं, केदारनाथ में स्वर्ण मंडित गर्भगृह की खूबसूरती देखते ही बन रही है।

आपको बता दें कि, साल 2022 में केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह के दीवारों पर सोने की परत से चढ़ाई गई। महाराष्ट्र के एक दानदाता ने बदरी केदार मंदिर समिति को 550 सोने की परत दी थी। जिसके बाद 19 कारीगरों और पुरातत्व विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों की देखरेख में सोने की परत चढ़ाने का काम शुरू हुआ। इससे पहले साल 2017 में बाबा केदार के गर्भगृह की दीवारों को चांदी से ढक दिया गया था। उस वक्त 230 किलो चांदी का इस्तेमाल किया गया था। जबकि, साल 2022 में शिवलिंग के भी चारों तरफ सोने और चांदी की परत लगाई गई है।

केदारनाथ धाम के गर्भगृह को स्वर्ण मंडित करने को लेकर विवाद भी हुआ था। तीर्थ पुरोहितों ने इसका पुरजोर विरोध भी किया था। पुरोहितों का कहना था कि केदारनाथ मंदिर एक मोक्ष धाम है। ऐसे में भक्त यहां मोक्ष प्राप्ति के लिए आते हैं न कि सोने और चांदी को देखने। उनका ये भी कहना था कि सोना चांदी चढ़ने से यहां की पौराणिक परंपराएं प्रभावित हो रही हैं। साथ ही पौराणिक मंदिर पर ग्रिल मशीन से छेद करना कतई ठीक नहीं है।

केदारनाथ गर्भगृह को स्वर्ण मंडित करने का विरोध चल ही रहा था कि इसी बीच बदरी केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय का एक फोटो वायरल हो गया। दरअसल, अजेंद्र अजय ने स्वर्ण मंडित गर्भगृह के साथ एक फोटो खिंचवाई थी और प्रचार प्रसार करने की कोशिश की थी। जिसका विरोध हो गया। बता दें कि केदारनाथ गर्भगृह की तस्वीर लेना प्रतिबंधित है। इसे परंपराओं और सुरक्षा के ²ष्टि से ठीक नहीं माना जाता है।

केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर खोल दिए गए हैं। पहली बार बाबा केदार की डोली और भक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। इससे पहले जब यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुले थे, उस वक्त भी फूलों की बारिश की गई थी। इधर, केदारनाथ धाम में बर्फ जमी हुई है, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आ रही है।

Kedarnath Dham: Devotees will visit Baba Kedar in the golden sanctum sanctorum

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