मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (तस्वीर क्रेडिट@PMishra_Journo)

केरल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों का जायजा लेने कोच्चि पहुँचे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार,युवाओं को दिलाई मतदाता शपथ

तिरुवनंतपुरम,6 मार्च (युआईटीवी)- केरल में आगामी विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर चुनावी तैयारियाँ तेज हो गई हैं। इसी क्रम में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार राज्य के दौरे पर हैं और चुनावी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह उन्होंने कोच्चि के गोश्री ब्रिज क्षेत्र का दौरा किया और वहाँ युवा मतदाताओं को ‘मतदाता शपथ’ दिलाकर उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से चुनाव आयोग ने युवाओं को मतदान के महत्व और उनकी जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने की कोशिश की।

भारत का चुनाव आयोग के अनुसार,मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कोच्चि में आयोजित मतदाता जागरूकता कार्यक्रम में भाग लिया और युवा मतदाताओं के साथ संवाद किया। गोश्री ब्रिज के पास आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने बड़ी संख्या में मौजूद युवाओं को ‘वोटर्स प्लेज’ यानी मतदाता शपथ दिलाई। इस शपथ के जरिए युवाओं से यह संकल्प दिलाया गया कि वे लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदान अवश्य करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान ज्ञानेश कुमार ने युवाओं के साथ गोश्री ब्रिज पर एक वॉक भी की। इस प्रतीकात्मक वॉक का उद्देश्य युवाओं को लोकतंत्र की प्रक्रिया से जोड़ना और उन्हें यह संदेश देना था कि देश की राजनीतिक दिशा तय करने में उनकी भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। इस दौरान उन्होंने युवा मतदाताओं से बातचीत की और चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता जागरूकता अभियानों की जानकारी भी साझा की।

इस कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण ‘जेन-जी एंथम’ का लॉन्च भी रहा। ज्ञानेश कुमार ने यहाँ ‘जेन-जेड एंथम’ जारी किया,जिसका उद्देश्य नई पीढ़ी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना और उन्हें मतदान के लिए प्रेरित करना है। यह गीत खासतौर पर युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है,ताकि वे मतदान को अपने अधिकार और जिम्मेदारी दोनों के रूप में समझें।

चुनाव आयोग का यह दौरा सिर्फ प्रतीकात्मक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है। आयोग का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में गुरुवार को केरल पहुँचा था। इस प्रतिनिधिमंडल में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी शामिल हैं। तीनों वरिष्ठ अधिकारियों का यह दल राज्य में चुनावी तैयारियों का विस्तृत आकलन कर रहा है।

गुरुवार को प्रतिनिधिमंडल ने कोच्चि में चुनावी तैयारियों की समीक्षा करते हुए दुर्बार हॉल ग्राउंड का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी व्यवस्थाओं,सुरक्षा इंतजामों और प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी ली गई। चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आगामी विधानसभा चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र,निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हों।

इसके अलावा आयोग 6 और 7 मार्च को विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी बैठक करेगा। इन बैठकों का उद्देश्य चुनाव से जुड़ी चुनौतियों और व्यवस्थाओं पर चर्चा करना है,ताकि समय रहते सभी आवश्यक कदम उठाए जा सकें। चुनाव आयोग राजनीतिक दलों से सुझाव भी लेगा,जिससे चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।

कोच्चि दौरे के दौरान ज्ञानेश कुमार ने अपनी पुरानी यादें भी साझा कीं। दरअसल,वे केरल कैडर के 1988 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी रहे हैं और उन्होंने राज्य में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वे जून 2001 से जुलाई 2004 तक एर्नाकुलम जिले के कलेक्टर भी रह चुके हैं।

करीब 22 साल बाद एर्नाकुलम लौटने पर उन्होंने अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस शहर से उनकी कई यादें जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा, “मैं एर्नाकुलम के लोगों से कहना चाहता हूँ कि कलेक्टर के रूप में सेवा देने के 22 साल बाद मैं फिर यहाँ आया हूँ। यहाँ आकर मुझे बेहद खुशी हो रही है।” उनके इस बयान से यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासनिक जीवन में बिताया गया समय उनके लिए अब भी बेहद खास है।

केरल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल भी धीरे-धीरे गर्म होता जा रहा है। राज्य की 140 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल मई 2026 में समाप्त हो रहा है,जिसके पहले नए चुनाव कराए जाने अनिवार्य हैं। इसलिए चुनाव आयोग ने अभी से तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है,ताकि समय पर सभी प्रक्रियाएँ पूरी की जा सकें।

वर्तमान में केरल में पिनारयी विजयन के नेतृत्व में सरकार चल रही है। वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के वरिष्ठ नेता हैं और उनकी अगुवाई में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सत्ता में है। आगामी चुनाव में उन्हें मुख्य रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) और भारतीय जनता पार्टी से चुनौती मिल सकती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है,क्योंकि राज्य में सत्तारूढ़ एलडीएफ अपनी उपलब्धियों के आधार पर फिर से सत्ता में लौटने की कोशिश करेगा,जबकि विपक्षी दल सरकार को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में हैं।

ऐसे में चुनाव आयोग की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वह चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए। इसी उद्देश्य से आयोग लगातार राज्य का दौरा कर रहा है और प्रशासनिक तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण कर रहा है।

कोच्चि में आयोजित युवा मतदाता कार्यक्रम यह दर्शाता है कि चुनाव आयोग सिर्फ प्रशासनिक तैयारियों पर ही नहीं,बल्कि मतदाताओं की जागरूकता पर भी समान रूप से ध्यान दे रहा है। खासकर युवा मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना आयोग की प्राथमिकताओं में शामिल है,क्योंकि वही भविष्य में देश की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाने वाले हैं।