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केरल हाईकोर्ट ने सबरीमाला में ‘अरावण’ के वितरण पर रोक लगाने का आदेश दिया

तिरुवनंतपुरम, 12 जनवरी (युआईटीवी/आईएएनएस)| केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को त्रावणकोर देवासम बोर्ड (टीडीबी) को प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में तीर्थयात्रियों को कीटनाशक युक्त इलायची से बने अरावण (मिठाई) के वितरण को तुरंत रोकने का आदेश दिया है। टीडीबी के अध्यक्ष के अनंतगोपन ने कहा कि जैसे ही कोर्ट का आदेश आया हमने मंदिर के अधिकारियों को ‘मिठाई’ के वितरण को तुरंत रोकने का निर्देश दिया। अरावण का प्रत्येक मिश्रण जो लगभग 300 किलोग्राम का होता है उसमें इलायची मात्र 750 ग्राम होती है। इसमें राज्य और केंद्रीय प्रयोगशालाओं के वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद कीटनाशक की उपस्थिति करीब 0.01 प्रतिशत थी जो स्वीकृत मानदंड है। चूंकि अदालत ने वितरण बंद करने के लिए कहा है, इसलिए हमने इसे रोक दिया है।

टीडीबी के अध्यक्ष ने कहा, हमने उत्पादन इकाई को इलायची का उपयोग किए बिना उत्पादन फिर से शुरू करने के लिए कहा है और भक्तों को यह इसका वितरण कल से किया जाएगा। सीपीआई-एम के एक वरिष्ठ नेता अनंतगोपन ने भी कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसा हमारे दो महीने लंबे त्योहारी सीजन के चरम समय पर हुआ है। उन्होंने कहा, प्रत्येक तीर्थयात्री के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज जो अरावण और अप्पम है जिसे वे वापस ले जाते हैं। अब हम इस मुद्दे को 14 तारीख के बाद उठाएंगे कि आगे क्या करना है। तब तक बिना इलायची के अरावण बनाया जाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार, सबरीमाला मंदिर एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। कोरोना काल के दौरान तीर्थयात्री मंदिर में दर्शन के लिए नहीं पहुंच सके थे, लेकिन इस वर्ष भारी संख्या में तीर्थयात्री मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। अरावण और अप्पम की बिक्री खूब हो रही है। अरावण को खरीदने के लिए कतार में प्रतीक्षा कर रहे तीर्थयात्रियों ने अदालत के निर्देश के बाद नाराजगी व्यक्त की और उन्हें केवल अप्पम दिया गया।

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