केरल: संगठनात्मक पुनर्गठन के बाद कांग्रेस में अंदरूनी विरोध

केरल: संगठनात्मक पुनर्गठन के बाद कांग्रेस में अंदरूनी विरोध

तिरुवनंतपुरम्, 5 जून (युआईटीवी/आईएएनएस)- केरल में कांग्रेस के नए ब्लॉक अध्यक्षों की हाल ही में घोषित सूची को लेकर पार्टी के एक धड़े ने सोमवार को नाराजगी जताई। एआईसीसी ने शुक्रवार देर रात 11 जिलों की सूची जारी की थी जबकि तीन और जिलों की सूची का इंतजार है।

केरल कांग्रेस में एक गुट का नेतृत्व प्रदेश पार्टी अध्यक्ष के. सुधाकरन कर रहे हैं, जबकि दूसरे धड़े का नेतृत्व विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन कर रहे हैं।

बीमार पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी एक और धड़े का नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि विपक्ष के पूर्व नेता रमेश चेन्निथला का भी एक अलग गुट है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सदस्य बेनी बेहानन ने कहा कि उन्होंने अगले दिन ह्वाट्सऐप पर आधी रात में भेजी गई सूची देखी तो वह चौंक गए।

एक गुट के शीर्ष नेता बेहानन ने कहा कि चांडी की सहमति के बिना नई सूची की घोषणा की गई थी। उन्होंने कहा, कांग्रेस जैसी पार्टी में इस तरह से चीजें नहीं होनी चाहिए। हमें बताया गया था कि सभी संबंधितों के साथ उचित परामर्श के बाद ही सूची की घोषणा की जाएगी। लेकिन यह खेदजनक है कि ऐसा नहीं किया गया। यह उस पार्टी के लिए अच्छा संकेत नहीं है जिसे एकजुट रहना है।

जब से कन्नूर से लोकसभा सदस्य सुधाकरन प्रेदश कांग्रेस अध्यक्ष बने हैं, तब से समीकरणों में बदलाव आया है। कभी ए और आई गुट रहे समूह अब एक साथ हो गए हैं। सतीसन और सुधाकरन भी साथ-साथ चल रहे हैं।

जब से चांडी की तबीयत खराब हुई है, सुधाकरन और सतीसन बुलंदियों पर हैं। चांडी गुट को सबसे ज्यादा चोट लग रही है और बेहानन ने पर्याप्त संकेत दिए हैं कि अगर कोई उन्हें हल्के में लेता है तो यह गलत होगा।

पिछले दो दशकों में, जब चांडी ए गुट का नेतृत्व कर रहे थे, बाकी सभी गुटों की संयुक्त संख्या से ज्यादा समर्थक उनके साथ थे। इसीलिए, अब बेहानन जैसे नेता उपेक्षा से दु:खी हैं।

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