इंडिगो

कोलकाता एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान में बम की आशंका से हड़कंप,यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया

नई दिल्ली,14 फरवरी (युआईटीवी)- पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर शनिवार सुबह उस समय अफरातफरी मच गई,जब इंडिगो की कोलकाता से शिलांग जाने वाली उड़ान में बम होने की आशंका से जुड़ा एक हस्तलिखित नोट मिला। यह फ्लाइट 6ई-7304 सुबह करीब 9:15 बजे रवाना होने वाली थी,लेकिन बोर्डिंग के दौरान विमान के शौचालय में एक पर्ची मिलने से सुरक्षा एजेंसियाँ तुरंत सक्रिय हो गईं।

जानकारी के मुताबिक,बोर्डिंग प्रक्रिया चल रही थी और यात्री अपनी सीटों पर बैठ रहे थे,तभी क्रू के एक सदस्य को विमान के शौचालय में एक संदिग्ध पर्ची दिखाई दी। पर्ची में विमान के अंदर बम होने की चेतावनी लिखी थी। जैसे ही यह सूचना पायलट और एयरपोर्ट अथॉरिटी तक पहुँचीं,तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए। किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए विमान को उड़ान भरने से रोक दिया गया और सभी यात्रियों को शांतिपूर्वक विमान से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई।

एहतियात के तौर पर विमान को एयरपोर्ट के आइसोलेशन बे में ले जाया गया,जहाँ उसे मुख्य टर्मिनल और अन्य विमानों से अलग रखा गया। इसके बाद मानक सुरक्षा प्रक्रिया के तहत बम निरोधक दस्ता,सीआईएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमों ने विमान की व्यापक तलाशी शुरू कर दी। विमान के हर हिस्से की बारीकी से जाँच की जा रही है,जिसमें केबिन,कार्गो होल्ड और शौचालय शामिल हैं। एयरपोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों और विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

एयरपोर्ट निदेशक ने बताया कि स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण है और सभी आवश्यक सावधानियाँ बरती जा रही हैं। यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर आवश्यक सहायता प्रदान की गई। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए एयरपोर्ट पर तनाव का माहौल जरूर बना,लेकिन अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई कर स्थिति को सँभाल लिया। अन्य उड़ानों के संचालन पर भी इसका सीमित प्रभाव पड़ा,हालाँकि सुरक्षा जाँच के चलते कुछ देरी की सूचना मिली।

घटना के बाद यात्रियों में स्वाभाविक रूप से चिंता देखी गई, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें संयम बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। जाँच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पर्ची में दी गई चेतावनी वास्तविक थी या महज शरारत।

हाल के महीनों में विमानन क्षेत्र में बम की धमकियों की घटनाएँ बढ़ी हैं,जिससे सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से अधिक सतर्क हैं। इससे पहले 30 जनवरी को कुवैत से दिल्ली लौट रहे इंडिगो के एक विमान को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस फ्लाइट को एहतियातन अहमदाबाद में आपात लैंडिंग करानी पड़ी थी। उस विमान में 180 यात्रियों समेत कुल 186 लोग सवार थे। हालाँकि,जाँच के बाद वह धमकी भी झूठी साबित हुई थी,लेकिन ऐसी घटनाएँ सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की धमकियाँ न केवल यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला हैं,बल्कि इससे विमानन परिचालन पर भी व्यापक असर पड़ता है। हर बार इस तरह की सूचना मिलने पर विमानों को खाली कराना,जाँच करना और उड़ानों का पुनर्निर्धारण करना पड़ता है,जिससे समय और संसाधनों की बड़ी हानि होती है। साथ ही यात्रियों को मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ता है।

फिलहाल कोलकाता एयरपोर्ट पर संबंधित एजेंसियाँ हर पहलू की गहन जाँच में जुटी हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पर्ची किसने और कब रखी। यदि यह शरारती तत्व की हरकत साबित होती है,तो दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विमानन सुरक्षा से जुड़े कानूनों के तहत ऐसी हरकतों को गंभीर अपराध माना जाता है।

प्रशासन ने दोहराया है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जाँच पूरी होने के बाद ही विमान को दोबारा उड़ान की अनुमति दी जाएगी। इस बीच एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है,ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

समय रहते उठाए गए कदमों के कारण एक संभावित संकट टल गया। हालाँकि,जाँच के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार है,लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी संदिग्ध सूचना को हल्के में नहीं लिया जाएगा और यात्रियों की सुरक्षा हर हाल में सर्वोपरि रहेगी।