कोलकाता के आनंदपुर गोदाम अग्निकांड (तस्वीर क्रेडिट@np_nationpress)

कोलकाता के आनंदपुर गोदाम अग्निकांड में मौतों का आँकड़ा आठ पहुँचा,कई अब भी लापता,राहत-बचाव जारी

कोलकाता,27 जनवरी (युआईटीवी)- कोलकाता के आनंदपुर इलाके में स्थित एक ड्राई फूड गोदाम में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने मंगलवार को बताया कि इस हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है,जबकि कई अन्य के अब भी लापता होने की आशंका जताई जा रही है। आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है,लेकिन मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश का काम लगातार जारी है।

यह दर्दनाक हादसा सोमवार तड़के करीब तीन बजे हुआ,जब नजीराबाद इलाके में स्थित गोदाम से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। गोदाम में मुख्य रूप से सूखा और पैकेट वाला खाद्य पदार्थ,साथ ही सॉफ्ट ड्रिंक की बोतलें रखी हुई थीं,जिससे आग तेजी से फैलती चली गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुँचीं और आग बुझाने के लिए लगभग 15 दमकल इंजनों को लगाया गया। दिन-रात की मशक्कत के बाद आग पर काबू तो पा लिया गया,लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक,सोमवार शाम तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी,जबकि मंगलवार को एक और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या आठ हो गई। बारुईपुर पुलिस जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राहत और तलाशी अभियान अब भी जारी है। आग लगभग काबू में है,जिससे अब अंदर जाकर मलबे को हटाने और संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश करना संभव हो सका है। हालाँकि,कई लोगों के लापता होने की आशंका के चलते प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ अभियान चला रहा है।

फायर डिपार्टमेंट के अनुसार,आग इतनी भयानक थी कि उसने पास के दो अन्य गोदामों को भी अपनी चपेट में ले लिया। लगभग पूरा इलाका जलकर खाक हो गया है। गोदाम एक पतली गली के भीतर स्थित था,जिसकी वजह से दमकलकर्मियों को घटनास्थल तक पहुँचने और बड़े वाहनों को अंदर ले जाने में काफी परेशानी हुई। संकरी सड़क,घना इलाका और गोदाम में मौजूद ज्वलनशील सामग्री ने आग बुझाने के काम को और कठिन बना दिया।

इस बीच,आग लगने के कारणों को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालाँकि,फायर ब्रिगेड के अधिकारियों को प्राथमिक जाँच में शॉर्ट सर्किट की आशंका लग रही है। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त गोदाम में रात की ड्यूटी पर कर्मचारी मौजूद थे,जो आग लगने के बाद अंदर ही फँस गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार,गोदाम में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करने वाले छह से ज्यादा लोग उस समय अंदर थे।

घटना के बाद स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों के आरोपों ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। कई लोगों का कहना है कि गोदाम बाहर से बंद था,जिससे अंदर फँसे मजदूर बाहर निकल ही नहीं पाए। फँसे हुए मजदूरों के परिजनों ने बताया कि सोमवार सुबह करीब तीन बजे उनके परिजनों ने अंदर से फोन कर आग लगने की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि जान बचाने के लिए मजदूरों ने एक दीवार तोड़ने की भी कोशिश की थी,लेकिन कुछ देर बाद उनका संपर्क पूरी तरह टूट गया।

राज्य के बिजली मंत्री अरूप बिस्वास भी मंगलवार को घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया और मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। मंत्री ने लापता लोगों के परिवारों से भी बातचीत की और प्रशासन को हर संभव मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह एक बेहद दुखद घटना है और सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।

आग से हुए नुकसान का आकलन अभी तक नहीं किया जा सका है,लेकिन माना जा रहा है कि गोदाम में रखा सारा सामान पूरी तरह जलकर राख हो चुका है। सूखा खाद्य पदार्थ और प्लास्टिक की बोतलों की मौजूदगी के कारण आग की तीव्रता काफी ज्यादा थी। आसपास के इलाके में धुएँ और जलने की तेज गंध से लोग घंटों तक परेशान रहे।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश पूरी करना और घटना के कारणों की विस्तृत जाँच कराना है। इस हादसे ने एक बार फिर शहर में गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा मानकों और आपातकालीन निकास की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आनंदपुर गोदाम अग्निकांड न सिर्फ कई परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति लेकर आया है, बल्कि यह भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत को भी रेखांकित करता है।