लखनऊ एयरपोर्ट पर दुबई-काठमांडू फ्लाइट फ्लाई दुबई की इमरजेंसी लैंडिंग (तस्वीर क्रेडिट@AviationAll_)

लखनऊ एयरपोर्ट पर दुबई-काठमांडू फ्लाइट फ्लाई दुबई की इमरजेंसी लैंडिंग,ईंधन की कमी के चलते लिया गया फैसला

लखनऊ,11 अप्रैल (युआईटीवी)- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर शनिवार शाम एक अंतर्राष्ट्रीय उड़ान की आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी,जिससे कुछ समय के लिए हवाई अड्डे पर हलचल बढ़ गई। दुबई से काठमांडू जा रही फ्लाई दुबई की फ्लाइट संख्या एफजेड 1133 को ईंधन की कमी के कारण लखनऊ में उतारना पड़ा। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार,विमान ने शाम करीब 8:22 बजे सुरक्षित लैंडिंग की।

इस विमान में कुल 154 यात्री सवार थे और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं। लैंडिंग के बाद विमान को एयरपोर्ट पर खड़ा कर दिया गया है और फिलहाल सभी यात्री विमान के अंदर ही मौजूद हैं। एयरपोर्ट प्रशासन,एयर ट्रैफिक कंट्रोल और सुरक्षा एजेंसियाँ पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं,ताकि किसी भी तरह की असुविधा या खतरे की स्थिति न उत्पन्न हो।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक,फ्लाइट के पायलट ने ईंधन स्तर कम होने की स्थिति को देखते हुए एहतियातन यह निर्णय लिया। विमानन नियमों के तहत,यदि किसी उड़ान में ईंधन की उपलब्धता निर्धारित न्यूनतम सीमा से नीचे जाने लगती है,तो पायलट को नजदीकी सुरक्षित हवाई अड्डे पर उतरने का अधिकार और जिम्मेदारी होती है। इसी प्रक्रिया का पालन करते हुए फ्लाइट को लखनऊ डायवर्ट किया गया।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है,जब हाल के दिनों में लखनऊ एयरपोर्ट पर आपात लैंडिंग के कुछ अन्य मामले भी सामने आ चुके हैं। इससे पहले 31 मार्च को एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक फ्लाइट को भी बीच हवा में तकनीकी चेतावनी मिलने के बाद लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। उस समय बागडोगरा से दिल्ली जा रही फ्लाइट में धुएँ का संकेत मिलने के बाद पायलट ने तुरंत निर्णय लेते हुए विमान को लखनऊ की ओर मोड़ दिया था।

उस घटना में विमान के एवियोनिक्स बे,यानी वह हिस्सा जहाँ विमान के महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम मौजूद होते हैं,में धुआँ देखा गया था। हालाँकि,स्थिति गंभीर नहीं बनी और पायलट ने ‘मेड-डे’ कॉल के बजाय ‘पैन-पैन’ कॉल जारी की थी,जो एक प्रकार की आपात सूचना होती है,लेकिन तत्काल खतरे से कम स्तर की मानी जाती है। उस फ्लाइट में 148 यात्री और चालक दल के छह सदस्य सवार थे और सभी सुरक्षित रूप से लखनऊ में उतरे थे।

लैंडिंग के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस ने यात्रियों को रिफ्रेशमेंट उपलब्ध कराया था और बाद में उन्हें वैकल्पिक उड़ानों के जरिए दिल्ली भेजा गया। एयरलाइन ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि चालक दल ने सभी मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।

शनिवार को फ्लाई दुबई की फ्लाइट के मामले में भी यही प्राथमिकता देखने को मिली। पायलट द्वारा समय रहते लिया गया निर्णय एक संभावित जोखिम को टालने में सफल रहा। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में त्वरित और सटीक निर्णय ही यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।

फिलहाल फ्लाई दुबई की इस फ्लाइट के यात्रियों के लिए आगे की व्यवस्था की जा रही है। संभावना है कि ईंधन भरने और आवश्यक तकनीकी जाँच के बाद विमान अपनी आगे की यात्रा फिर से शुरू करेगा। एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आधुनिक विमानन प्रणाली में सुरक्षा को लेकर कितनी सतर्कता बरती जाती है। चाहे मामला ईंधन की कमी का हो या तकनीकी चेतावनी का,हर स्थिति में पायलट और एयरलाइन द्वारा त्वरित कार्रवाई यात्रियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

लखनऊ एयरपोर्ट पर हुई यह इमरजेंसी लैंडिंग भले ही यात्रियों के लिए कुछ समय के लिए असुविधाजनक रही हो,लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह एक सफल और आवश्यक कदम साबित हुई। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद अब आगे की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।