मोहब्बत का पागलपन, प्रेमिका पर किए थे 51 प्रहार

रायपुर, 3 जून (युआईटीवी/आईएएनएस)| मोहब्बत कई बार इंसान को पागल बना देती है और यह पागलपन इस हद तक पहुंच जाता है कि वह अपने सपनों की रानी या सपनों के राजा को क्रूरता से मारने में भी संकोच नहीं करता। ऐसी ही कहानी है कोरबा की नीलम कुसुम पन्ना की, कभी कुसुम का दोस्त रहा शाहबाज, उसकी जान का दुश्मन बन गया और पेचकस व नुकीली वस्तु से उसके शरीर पर 51 घाव कर जान ले ली।

शाहबाज बस में कंडक्टरी किया करता था, इस दौरान उसकी कोरबा के सीएसईबी पुलिस चौकी क्षेत्र की पंप कॉलोनी में रहने वाली नीलम कुसुम से दोस्ती हो गई। शाहबाज नौकरी करने के लिए गुजरात चला गया। इस दौरान कुसुम और शाहबाज के बीच कुछ दूरियां भी हुई।

वक्त गुजरा तो दोनों के बीच फिर से बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया, फिर वक्त के साथ हालात भी बदलें और शाहबाज को इस बात का शक होने लगा कि कुसुम उसके अलावा किसी और से भी बातचीत करती है।

बीते साल क्रिसमस से एक दिन पहले शाहबाज गुजरात से कोरबा और फिर सीधे कुसुम के घर पहुंचता है। उसके यहां क्रिसमस की तैयारी चल रही थी। उस वक्त घर में कोई नहीं था। कुसुम और शाहबाज के बीच विवाद हुआ और उसके बाद शाहबाज ने कुसुम पर पेचकस और नुकीले औजार से ताबड़तोड़ हमले बोल दिया। कुसुम के सीने पर 34 और पीठ पर 16 वार किए गए और मौके से फरार हो गया।

इस मामले को लव जिहाद का भी रंग देने की कोशिश हुई, क्योंकि कुसुम का झुकाव ईसाई धर्म की तरफ था और शाहबाज मुस्लिम था। जब वह पकड़ा गया तो सारी बातें सामने आ गई। शाहबाज गुजरात से छत्तीसगढ़ हवाई जहाज के जरिए पहुंचा था, इस बात की पुष्टि कुसुम के कमरे से हवाई जहाज का टिकट मिलने से भी हुआ था।

राज्य में कई और भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जब दोस्ती ने मोहब्बत का रूप लिया, तो दोनों एक-दूसरे के लिए जान देने को तैयार रहे, मगर बात बिगड़ी तो जान भी ले ली।

बीते साल जुलाई में राजधानी में एक युवक ने अपनी प्रेमिका की हथौड़ों से हमला कर हत्या कर दी थी और खुद फांसी के फंदे पर लटक गया था। अर्चना साहू और कमलेश साहू के बीच लगभग एक दशक से ज्यादा मोहब्बत चला, मगर अचानक इन दो के बीच तीसरे व्यक्ति के आने का शक हुआ, तो स्थिति यहां तक पहुंच गई। एक अन्य मामला रायपुर का है। इसमें एक युवक और युवती के बीच रिसेप्शन के दिन ही झगड़ा हुआ। युवक ने युवती की हत्या के बाद आत्महत्या कर ली। बाद में दोनों के शव बरामद किए गए।

एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में हर रोज तीन हत्याएं और तीन दुष्कर्म के अपराध दर्ज किए जा रहे हैं। राज्य में वर्ष 2021 में हत्या के 1057 और दुष्कर्म के 1093 अपराध दर्ज किए गए। पुरानी आंकड़ों से तुलना की जाए तो वर्ष 2018 में दुष्कर्म के मामले में राज्य देश में पांचवें स्थान पर था और 2021 में वह 11वें स्थान पर आ गया, अपहरण और डकैती के मामले में स्थिति सुधरी है।

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