वाशिंगटन,26 मार्च (युआईटीवी)- अमेरिका में आगामी मिडटर्म चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी की ऐतिहासिक जीत का दावा करते हुए चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। वॉशिंगटन डीसी के यूनियन स्टेशन में आयोजित हाउस रिपब्लिकन डिनर को संबोधित करते हुए ट्रंप ने न केवल अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया,बल्कि विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी पर तीखा हमला भी बोला।
अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि यह चुनाव केवल एक सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया नहीं है,बल्कि उनकी सरकार के कामकाज पर एक तरह का जनमत संग्रह है। उन्होंने दावा किया कि पिछले चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को स्पष्ट जनादेश मिला था और इस बार भी जनता उसी तरह का समर्थन देगी। उन्होंने कहा कि “आपकी मदद से इस नवंबर हम कट्टरपंथी वामपंथी डेमोक्रेट्स को हराएंगे और ऐसी जीत हासिल करेंगे,जैसी देश ने पहले कभी नहीं देखी।”
राष्ट्रपति ने अपने पिछले चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि रिपब्लिकन पार्टी ने सभी सात स्विंग स्टेट्स में जीत हासिल की थी,इलेक्टोरल कॉलेज में भी बढ़त बनाई थी और पॉपुलर वोट में भी जीत दर्ज की थी। उनके अनुसार,यह संकेत है कि देश की जनता उनकी नीतियों और नेतृत्व पर भरोसा करती है और उसी भरोसे के आधार पर आगामी मिडटर्म चुनावों में भी बड़ा जनादेश मिलने की उम्मीद है।
ट्रंप ने इस दौरान फंड रेजिंग के आँकड़ों को भी अपनी लोकप्रियता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में रिकॉर्ड 37 मिलियन डॉलर की राशि जुटाई गई,जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है। उनके मुताबिक,इतनी बड़ी रकम का जुटना इस बात का संकेत है कि पार्टी के समर्थक और कार्यकर्ता चुनाव को लेकर कितने उत्साहित हैं और वे जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं।
आर्थिक मोर्चे पर अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उनकी नीतियों के कारण महँगाई में कमी आई है और आम लोगों को राहत मिली है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने दवाइयों की कीमतों में 50 से 90 प्रतिशत तक की कटौती की है,जिससे आम नागरिकों को सीधा लाभ मिला है। इसके अलावा उन्होंने टिप और ओवरटाइम पर टैक्स खत्म करने जैसे प्रस्तावों का भी उल्लेख किया,जिन्हें वे आम लोगों के हित में बड़ा कदम बता रहे हैं।
सीमा सुरक्षा और इमिग्रेशन के मुद्दे पर भी ट्रंप ने अपनी सरकार की नीतियों को सफल बताया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 महीनों में एक भी अवैध प्रवासी को अमेरिका में प्रवेश नहीं करने दिया गया है। उन्होंने इमिग्रेशन एजेंसियों और एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इन एजेंसियों ने शानदार काम किया है और एयरपोर्ट्स पर इंतजार का समय भी काफी कम हुआ है। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि डेमोक्रेट्स इन सख्त नीतियों का विरोध कर रहे हैं,जिससे देश की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
विदेश नीति के मोर्चे पर बोलते हुए ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपने सख्त रुख का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम एक “कैंसर” की तरह था,जिसे खत्म करना जरूरी था। ट्रंप ने दावा किया कि हालिया सैन्य कार्रवाइयों के बाद ईरान काफी कमजोर हो गया है और अब वह बातचीत के लिए तैयार है। हालाँकि,उनके इन दावों पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।
अपने भाषण में ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि डेमोक्रेट्स देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं और उनकी नीतियाँ अस्थिरता को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि “उन्हें नीति बनानी नहीं आती” और वे केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को भटकाने का काम करते हैं। वोटर आईडी और इमिग्रेशन नियंत्रण के विरोध को लेकर उन्होंने कहा कि जो लोग इनका विरोध करते हैं,वे चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करना चाहते हैं।
ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि डेमोक्रेट्स सीमा सुरक्षा और अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों को पारित होने से रोक रहे हैं। उनके अनुसार,यदि रिपब्लिकन पार्टी को कांग्रेस में कुछ और सीटें मिल जाती हैं,तो वे बड़े बदलाव ला सकते हैं और देश में सुरक्षा तथा विकास को नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें मजबूती से चुनाव लड़ना होगा और पार्टी को एकजुट रहना होगा।
यह मिडटर्म चुनाव अमेरिका की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है,क्योंकि इससे अमेरिकी कांग्रेस के नियंत्रण का फैसला होगा। आमतौर पर देखा गया है कि मिडटर्म चुनावों में सत्तारूढ़ राष्ट्रपति की पार्टी को नुकसान उठाना पड़ता है और विपक्ष को बढ़त मिलती है,लेकिन ट्रंप ने इस परंपरा को खारिज करते हुए दावा किया कि इस बार यह ट्रेंड बदलेगा और रिपब्लिकन पार्टी पहले से भी मजबूत होकर उभरेगी।
वर्तमान में कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी के पास मामूली बहुमत है,जिसे बनाए रखना और बढ़ाना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती है। वहीं डेमोक्रेट्स इस बहुमत को खत्म कर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में दोनों पार्टियों के बीच मुकाबला बेहद कड़ा होने की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की आक्रामक चुनावी रणनीति और उनकी स्पष्ट बयानबाजी समर्थकों को एकजुट करने में मदद कर सकती है,लेकिन साथ ही यह विरोधियों को भी सक्रिय कर सकती है। मिडटर्म चुनावों के नतीजे यह तय करेंगे कि आने वाले वर्षों में अमेरिकी राजनीति की दिशा क्या होगी और ट्रंप प्रशासन की नीतियों को कितना समर्थन मिलता है।
ट्रंप का यह बयान चुनावी माहौल को और अधिक गर्माने वाला है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या उनके दावे वास्तविकता में बदलते हैं या फिर अमेरिकी राजनीति एक बार फिर अप्रत्याशित मोड़ लेती है।
