नई दिल्ली,24 जनवरी (युआईटीवी)- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के बिलारी कोतवाली क्षेत्र से एक संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है,जिसने स्थानीय स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। आरोप है कि 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक हिंदू छात्रा को ट्यूशन में साथ पढ़ने वाली उसकी मुस्लिम सहेलियों ने बुर्का पहनाया और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। इस मामले में पुलिस ने पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर पाँच नाबालिग मुस्लिम छात्राओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और जाँच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। घटना से जुड़ा एक सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद मामला और भी चर्चा में आ गया है।
पुलिस के अनुसार,यह पूरा मामला बिलारी कोतवाली क्षेत्र के साहू कुंज मोहल्ले में स्थित एक कोचिंग सेंटर के आसपास का बताया जा रहा है। पीड़िता और आरोपी छात्राएं उसी कोचिंग सेंटर में पढ़ने जाती थीं। आरोप है कि कुछ दिन पहले कोचिंग सेंटर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में पाँच बुर्कानशीं छात्राएँ एक हिंदू छात्रा को बुर्का पहनाते हुए दिखाई दीं। यही वीडियो बाद में वायरल हुआ,जिसके बाद पीड़िता के परिजनों ने इसे गंभीर मामला बताते हुए पुलिस से शिकायत की।
पीड़िता के भाई ने पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया है कि उनकी बहन पर न सिर्फ बुर्का पहनाने का दबाव बनाया गया,बल्कि उसे बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन के लिए भी मजबूर किया जा रहा था। उनका कहना है कि यह सब कुछ धीरे-धीरे और मानसिक दबाव के जरिए किया जा रहा था। भाई के मुताबिक,जब उन्हें इस पूरी घटना की जानकारी मिली और वीडियो सामने आया,तब परिवार ने बिना देरी किए पुलिस से संपर्क किया।
एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित छात्राएँ छात्रा को यह समझाने की कोशिश कर रही थीं कि उसे अपना धर्म बदलकर मुस्लिम बन जाना चाहिए। परिजनों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से उनकी बेटी मानसिक रूप से परेशान हो गई थी। उन्होंने पुलिस से सख्त कार्रवाई की माँग की है,ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पाँचों नामजद छात्राओं के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार,जिन छात्राओं पर आरोप लगाए गए हैं,उनकी उम्र 15 से 17 वर्ष के बीच बताई जा रही है, यानी सभी आरोपी नाबालिग हैं। इस वजह से जाँच और आगे की कार्रवाई किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत की जा रही है।
बिलारी कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की गहनता से जाँच कर रही है और पीड़िता के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। इसके अलावा कोचिंग सेंटर के संचालक और आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है,ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों को समझा जा सके। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जाँच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुँचा जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा है कि फिलहाल आरोपी छात्राओं का पक्ष सामने नहीं आया है। उनकी ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सीसीटीवी में दिख रही घटना किस संदर्भ में हुई और क्या वास्तव में किसी तरह का दबाव या जबरदस्ती की गई थी या नहीं। पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों को सुनने के बाद और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले के सामने आने के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया है,हालाँकि पुलिस का दावा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा है। पुलिस और प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि मामला संवेदनशील है और इसमें शामिल सभी छात्राएँ नाबालिग हैं, इसलिए कानून के तहत सावधानी बरती जा रही है।
कानूनी जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में जाँच एजेंसियों के लिए यह जरूरी होता है कि वे भावनाओं के बजाय तथ्यों और सबूतों के आधार पर कार्रवाई करें। धर्म परिवर्तन जैसे आरोपों में ठोस सबूतों की अहम भूमिका होती है,खासकर जब मामला नाबालिगों से जुड़ा हो।
फिलहाल मुरादाबाद पुलिस का कहना है कि जाँच जारी है और जल्द ही तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इस बीच, प्रशासन ने सभी समुदायों से संयम और शांति बनाए रखने की अपील की है,ताकि जाँच प्रक्रिया बिना किसी दबाव के पूरी की जा सके।
