नई दिल्ली, 6 फरवरी (युआईटीवी)- पैसा, जिसे आधुनिक दुनिया में सफलता और सुरक्षा का सबसे बड़ा पैमाना माना जाता है,हर इंसान की जरूरत और चाहत दोनों बन चुका है। आम धारणा यही है कि अगर इंसान के पास पर्याप्त पैसा हो,तो वह हर तरह की खुशी हासिल कर सकता है,लेकिन दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और टेस्ला,स्पेसएक्स व एक्स जैसे दिग्गज कारोबारों के मालिक एलन मस्क ने इस सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मस्क ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक सैड इमोजी के साथ लिखा कि पैसों से खुशियाँ नहीं खरीदी जा सकतीं। उनका यह बयान न सिर्फ भावनात्मक है,बल्कि ऐसे समय में आया है जब उनकी दौलत इतिहास के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच चुकी है।
दरअसल,गुरुवार को एलन मस्क ने एक्स पर एक पोस्ट साझा की,जिसमें उन्होंने लिखा, “जिसने भी कहा कि पैसे से खुशी नहीं खरीदी जा सकती,वह वास्तव में जानता था कि वह क्या कह रहा है।” इस वाक्य के साथ उन्होंने एक उदास चेहरे वाली इमोजी भी लगाई। दुनिया के सबसे अमीर शख्स का ऐसा बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। कई यूजर्स ने इसे अमीरी के बावजूद इंसानी भावनाओं और अकेलेपन से जोड़कर देखा,तो कुछ ने इसे मस्क के हालिया तनावपूर्ण घटनाक्रमों से जोड़कर समझने की कोशिश की।
एलन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर काफी सक्रिय रहते हैं और अक्सर अपने विचारों,राजनीतिक टिप्पणियों और निजी भावनाओं को खुलकर साझा करते हैं। लेकिन इस बार उनका बयान इसलिए भी ज्यादा ध्यान खींच रहा है क्योंकि हाल ही में वह 800 अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति वाले दुनिया के पहले इंसान बन गए हैं। मौजूदा आकलन के मुताबिक,उनकी कुल संपत्ति 852 अरब डॉलर तक पहुँच चुकी है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।
मस्क की दौलत में यह जबरदस्त उछाल स्पेसएक्स और उनकी एआई व सोशल मीडिया कंपनी एक्सएआई के मर्जर के बाद देखने को मिला है। इसी हफ्ते स्पेसएक्स ने एक्सएआई को खरीद लिया, जिससे दोनों कंपनियों का एकीकरण हो गया। फोर्ब्स के अनुमान के अनुसार, इस मर्जर से एलन मस्क की संपत्ति में करीब 84 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। डील से पहले मस्क के पास स्पेसएक्स में बड़ी हिस्सेदारी और एक्सएआई में कंट्रोलिंग शेयर था,लेकिन मर्जर के बाद स्पेसएक्स उनकी सबसे कीमती संपत्ति बनकर उभरी है।
दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में एलन मस्क ने जॉन डी. रॉकफेलर,जेफ बेजोस और बिल गेट्स जैसे दिग्गज नामों को पीछे छोड़ दिया है। उनके पास टेस्ला में भी बड़ी हिस्सेदारी है,साथ ही स्टॉक ऑप्शन और नवंबर में मंजूर हुआ एक रिकॉर्ड-ब्रेकिंग पे पैकेज भी शामिल है। अगर टेस्ला अगले दशक में अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को हासिल करती है,तो यह पैकेज अकेले 1 ट्रिलियन डॉलर तक का हो सकता है। ऐसे में मस्क की आर्थिक स्थिति जितनी मजबूत दिखती है,उनके शब्द उतने ही विरोधाभासी नजर आते हैं।
Whoever said “money can’t buy happiness” really knew what they were talking about 😔
— Elon Musk (@elonmusk) February 5, 2026
विशेषज्ञों का मानना है कि मस्क का यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि दौलत और सफलता के शिखर पर पहुँचने के बाद भी मानसिक संतुष्टि और खुशी की गारंटी नहीं होती। मस्क लंबे समय से अत्यधिक काम के दबाव,विवादित फैसलों और सार्वजनिक आलोचनाओं के बीच घिरे रहे हैं। एक्स के अधिग्रहण के बाद से ही वह लगातार विवादों में रहे हैं,चाहे वह कंटेंट मॉडरेशन का मुद्दा हो या फिर एआई चैटबॉट ग्रोक को लेकर उठे सवाल।
इसी कड़ी में एलन मस्क के लिए हालिया समय में कानूनी और नियामक चुनौतियाँ भी बढ़ी हैं। फ्रांस में उनकी कंपनी एक्स को लेकर चल रही जाँच ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा है। इस सप्ताह फ्रांस की पुलिस ने एक्स के पेरिस ऑफिस पर छापा मारा और मस्क को पूछताछ के लिए बुलाया गया। अभियोजक कार्यालय के अनुसार,यह तलाशी जनवरी 2025 में शुरू की गई एक जाँच से जुड़ी हुई है। फ्रांस की साइबरक्राइम यूनिट ने यूरोपोल की मदद से यह कार्रवाई की है,जिससे मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पेरिस के अभियोजक के मुताबिक,एलन मस्क और एक्स की पूर्व चीफ एग्जीक्यूटिव लिंडा याकारिनो दोनों को अप्रैल में होने वाली सुनवाई में पेश होने के लिए बुलाया गया है। इसके अलावा,एक्स के कर्मचारियों से गवाह के तौर पर पूछताछ की जाएगी। अभियोजक लॉरे बेकुओ ने बताया कि यह जाँच शुरू में प्लेटफॉर्म के एल्गोरिदम के कथित गलत इस्तेमाल पर केंद्रित थी,लेकिन अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है।
जाँच में अब एक्स के एआई चैटबॉट ग्रोक से जुड़े गंभीर आरोप भी शामिल कर लिए गए हैं। इनमें यौन डीपफेक कंटेंट और होलोकॉस्ट से इनकार करने वाले कंटेंट के सर्कुलेशन जैसे संवेदनशील और गंभीर मुद्दे शामिल हैं। यूरोप में इस तरह के कंटेंट को लेकर नियम काफी सख्त हैं और ऐसे में मस्क की कंपनी पर कानूनी दबाव और बढ़ सकता है।
इन तमाम घटनाओं के बीच मस्क का यह कहना कि पैसों से खुशी नहीं खरीदी जा सकती,उनकी निजी सोच और मौजूदा परिस्थितियों की झलक देता है। एक ओर वह अभूतपूर्व दौलत और कारोबारी सफलता के शिखर पर हैं,तो दूसरी ओर उन पर कानूनी,सामाजिक और मानसिक दबाव लगातार बढ़ रहे हैं। शायद यही वजह है कि उनका यह छोटा सा पोस्ट दुनिया भर के लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि असली खुशी का मतलब क्या है।
एलन मस्क का बयान यह भी याद दिलाता है कि दौलत इंसान को सुविधाएँ और ताकत तो दे सकती है,लेकिन आंतरिक शांति और संतोष का रास्ता हमेशा पैसों से होकर नहीं गुजरता। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के शब्द इस सच्चाई को और भी गहराई से सामने लाते हैं,कि सफलता के शिखर पर पहुँचने के बाद भी इंसानी भावनाएँ,चुनौतियाँ और सवाल जस के तस बने रहते हैं।
