मुंबई,30 जनवरी (युआईटीवी)- मुंबई के सहार इलाके में एक अमेरिकी नागरिक महिला के साथ कथित ठगी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक कैब चालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 50 वर्षीय देशराज यादव के रूप में हुई है,जिस पर आरोप है कि उसने मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से महज 400 मीटर दूर स्थित एक पाँच सितारा होटल तक पहुँचाने के बदले महिला से 18 हजार रुपये,यानी करीब 200 अमेरिकी डॉलर वसूल लिए। यह मामला न केवल मुंबई में टैक्सी सेवाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है,बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की सुरक्षा और भरोसे को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक,यह घटना 12 जनवरी की है,जब अमेरिका की नागरिक अर्जेंटीना एरियनो मुंबई पहुँची थीं। एयरपोर्ट से होटल जाने के लिए उन्होंने टैक्सी ली,लेकिन चालक ने सीधे होटल ले जाने के बजाय उन्हें अँधेरी (पूर्व) इलाके में लगभग 20 मिनट तक इधर-उधर घुमाया। इसके बाद वह उसी क्षेत्र में वापस लौट आया और अंत में महिला को होटल के सामने उतार दिया। इस पूरी यात्रा के लिए आरोपी चालक ने महिला से 18 हजार रुपये वसूल लिए,जो तय दूरी और सामान्य किराए की तुलना में कई गुना अधिक था।
महिला ने उस समय इस घटना को लेकर किसी तरह की औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई,लेकिन 26 जनवरी को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी आपबीती साझा की। उसी दिन बनाया गया उनका वीडियो देखते-ही-देखते वायरल हो गया और कुछ ही समय में इसे एक लाख से ज्यादा बार देखा गया। पोस्ट में महिला ने टैक्सी का रजिस्ट्रेशन नंबर भी सार्वजनिक किया था,जिससे मामला और गंभीर हो गया। सोशल मीडिया पर लोगों ने न केवल घटना पर नाराजगी जताई,बल्कि मुंबई पुलिस से त्वरित कार्रवाई की माँग भी की।
वीडियो और पोस्ट के वायरल होते ही सहार पुलिस हरकत में आ गई। चूँकि,पीड़िता से सीधे संपर्क नहीं हो पा रहा था,इसलिए पुलिस ने 27 जनवरी को स्वतः संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई। जोन-8 के पुलिस उपायुक्त मनीष कलवानिया की निगरानी में वरिष्ठ निरीक्षक मनोज चालके और उनकी टीम ने जाँच शुरू की और महज तीन घंटे के भीतर आरोपी कैब चालक देशराज यादव को गिरफ्तार कर लिया।
जाँच के दौरान पुलिस ने उस पाँच सितारा होटल से भी जानकारी जुटाई,जहाँ पीड़िता ठहरी थीं। होटल रिकॉर्ड के अनुसार,अर्जेंटीना एरियनो ने 12 जनवरी को होटल में चेक-इन किया था और अगले दिन चेक-आउट कर पुणे चली गई थीं। इसके बाद वह भारत से अमेरिका लौट गईं। पुलिस ने यह भी बताया कि महिला ने होटल स्टाफ को इस ठगी की घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी,जिससे मामला लंबे समय तक सामने नहीं आ सका।
फिलहाल पुलिस पीड़िता से संपर्क कर उनका बयान दर्ज करने की कोशिश कर रही है,ताकि कानूनी प्रक्रिया को और मजबूत किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि महिला का बयान मिलने से यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के समय आरोपी ने किस तरह से उसे भ्रमित किया और भुगतान किस माध्यम से किया गया। पुलिस इस पहलू की भी जाँच कर रही है कि कहीं यह ठगी किसी संगठित गिरोह का हिस्सा तो नहीं है।
जाँच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे मामले में आरोपी के एक सहयोगी की भी भूमिका हो सकती है। पुलिस को संदेह है कि एयरपोर्ट के आसपास सक्रिय कुछ लोग यात्रियों को निशाना बनाने के लिए आपस में मिलीभगत कर काम करते हैं। इस सहयोगी की तलाश जारी है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
देशराज यादव फिलहाल पुलिस हिरासत में है और उसकी टैक्सी को जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही परिवहन विभाग को भी सूचना भेजी जा रही है,ताकि आरोपी का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई करना जरूरी है,ताकि भविष्य में कोई भी चालक यात्रियों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी करने की हिम्मत न कर सके।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया किस तरह आम लोगों की आवाज को मजबूती देता है। अगर अमेरिकी महिला ने अपनी आपबीती सार्वजनिक न की होती,तो संभव है कि यह घटना कभी सामने ही न आती। मुंबई पुलिस की त्वरित कार्रवाई की भी सराहना की जा रही है,जिसने कुछ ही घंटों में आरोपी को पकड़कर यह संदेश दिया कि शहर में पर्यटकों के साथ किसी भी तरह की ठगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हालाँकि,यह घटना मुंबई जैसे महानगर में टैक्सी सेवाओं की निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। पुलिस और प्रशासन के सामने अब यह चुनौती है कि एयरपोर्ट और पर्यटन स्थलों के आसपास सक्रिय ऐसे तत्वों पर लगाम लगाई जाए,ताकि देश और विदेश से आने वाले यात्रियों का भरोसा बना रहे और मुंबई की छवि सुरक्षित रह सके।
