नंद्याल,22 जनवरी (युआईटीवी)- आंध्र प्रदेश के नंद्याल जिले में गुरुवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने लोगों को दहला दिया। इस दर्दनाक दुर्घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई,जबकि चार यात्री घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि टक्कर के बाद बस और लॉरी दोनों में आग लग गई और कुछ ही देर में दोनों वाहन जलकर खाक हो गए। गनीमत यह रही कि बस में सवार अधिकतर यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया,जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा रात करीब एक से दो बजे के बीच हुआ। नेल्लोर से हैदराबाद जा रही एक निजी बस नंद्याल जिले के एक हिस्से से गुजर रही थी। बस जैसे ही एक डिवाइडर के पास पहुँचीं,तभी अचानक उसका आगे का दाहिना टायर फट गया। टायर फटते ही बस चालक का वाहन पर से नियंत्रण हट गया। अनियंत्रित बस सड़क के डिवाइडर को पार करती हुई दूसरी लेन में चली गई और सामने से आ रही एक लॉरी से जा टकराई।
नंद्याल के पुलिस अधीक्षक सुनील श्योरान ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस और लॉरी दोनों क्षतिग्रस्त हो गए। टक्कर के तुरंत बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और बस तथा लॉरी पूरी तरह आग की चपेट में आ गए। सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाएँ मौके पर पहुँचीं। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। बस के दरवाजे और खिड़कियाँ तोड़कर अंदर फँसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। उस समय बस में कुल 36 यात्री सवार थे। पुलिस के अनुसार,सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया,जो राहत की बात रही।
हालाँकि,इस हादसे में बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं,लॉरी चालक और उसके क्लीनर की भी आग की चपेट में आने से जान चली गई। तीनों मृतकों के शवों को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नंद्याल के सरकारी अस्पताल भेज दिया है। मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
हादसे में चार यात्रियों को मामूली फ्रैक्चर की चोटें आई हैं। इन घायलों को तुरंत नंद्याल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया,जहाँ उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार,सभी घायल यात्रियों की हालत स्थिर है और उन्हें खतरे से बाहर बताया जा रहा है। अन्य यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया।
आग लगने की सूचना मिलने के बाद कुरनूल से आरएफसीएल और एफसीएल की टीमें भी घटनास्थल पर पहुँचीं। इन टीमों ने आग बुझाने और यह जाँच करने का काम शुरू किया कि आग लगने का वास्तविक कारण क्या था। शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि आग टक्कर के बाद लगी,लेकिन यह भी जाँच की जा रही है कि कहीं बैटरी या ईंधन से जुड़ी किसी तकनीकी खराबी के कारण तो आग नहीं फैली। फिलहाल,इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
हादसे के बाद कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था। पुलिस ने मौके पर मौजूद रहकर जले हुए वाहनों को हटवाया और धीरे-धीरे यातायात बहाल कराया। इस दौरान यात्रियों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लंबी दूरी की बसों की तकनीकी जाँच पर सवाल खड़े करता है। शुरुआती जाँच में सामने आया है कि टायर फटना इस दुर्घटना की मुख्य वजह हो सकता है। अक्सर रात के समय तेज रफ्तार और भारी वाहनों की तकनीकी खराबी ऐसे हादसों का कारण बनती है। पुलिस अब यह भी जाँच कर रही है कि बस की मेंटेनेंस में कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई थी।
फिलहाल,पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की जाँच की जा रही है। हादसे से जुड़े प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।
इस दर्दनाक सड़क हादसे ने एक बार फिर यह याद दिला दिया है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही या तकनीकी खराबी कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। प्रशासन और परिवहन विभाग से उम्मीद की जा रही है कि वे इस घटना से सबक लेते हुए भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएँगे।
