शिवम दुबे (तस्वीर क्रेडिट@AjayPandeyAAS)

चौथे टी20 में न्यूज़ीलैंड की दमदार वापसी,भारत को 50 रन से हराया; शिवम दुबे की तूफानी पारी भी हार नहीं टाल सकी

विशाखापत्तनम,29 जनवरी (युआईटीवी)- एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए पांच मैचों की टी20 सीरीज के चौथे मुकाबले में न्यूज़ीलैंड ने भारत के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 रन से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही कीवी टीम ने सीरीज में आखिरकार अपना खाता खोला,हालाँकि टीम इंडिया पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुकी है। इस मुकाबले में जहाँ न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बटोरे,वहीं भारतीय टीम की बल्लेबाजी शुरुआती झटकों से उबर नहीं सकी और लक्ष्य का पीछा करते हुए 18.4 ओवरों में 165 रन पर सिमट गई।

टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूज़ीलैंड की शुरुआत बेहद विस्फोटक रही। सलामी बल्लेबाज डेवोन कॉन्वे और टिम सीफर्ट ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट्स लगाए। दोनों के बीच महज 8.2 ओवरों में 100 रन की शतकीय साझेदारी हुई,जिसने मैच की दिशा तय कर दी। खास बात यह रही कि दोनों बल्लेबाजों ने सिर्फ 8.1 ओवरों में टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुँचा दिया,जो भारतीय सरजमीं पर टी20 फॉर्मेट में टीम इंडिया के खिलाफ किसी भी टीम का सबसे तेज शतक रहा।

डेवोन कॉन्वे ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और भारतीय गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया। उन्होंने 23 गेंदों में 3 छक्कों और 4 चौकों की मदद से 44 रन बनाए। हालाँकि,कॉन्वे अपनी पारी को बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके और आउट हो गए,लेकिन तब तक वह न्यूज़ीलैंड को मजबूत स्थिति में पहुँचा चुके थे। उनके आउट होने के बाद टिम सीफर्ट ने पारी को सँभाले रखा और रन गति को बरकरार रखा।

सीफर्ट ने 36 गेंदों में 62 रन की शानदार पारी खेली,जिसमें 3 छक्के और 7 चौके शामिल रहे। उनकी पारी ने न्यूज़ीलैंड को बड़े स्कोर की ओर अग्रसर किया। मध्यक्रम में ग्लेन फिलिप्स ने 24 रन का योगदान दिया,जबकि डेरिल मिचेल ने अंत में 18 गेंदों में नाबाद 39 रन ठोकते हुए टीम को 215 रन के मजबूत स्कोर तक पहुँचाया। मिचेल की पारी ने अंतिम ओवरों में भारतीय गेंदबाजों पर अतिरिक्त दबाव बना दिया और न्यूज़ीलैंड को 7 विकेट पर 215 रन तक पहुँचा दिया।

भारतीय गेंदबाजी की बात करें तो अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव ने 2-2 विकेट झटके,जबकि जसप्रीत बुमराह और रवि बिश्नोई को 1-1 सफलता मिली। हालाँकि,भारतीय गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में कोई खास मदद नहीं मिली और सलामी जोड़ी ने मैच पर कीवी टीम की पकड़ मजबूत कर दी।

216 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। पहली ही गेंद पर अभिषेक शर्मा खाता खोले बिना आउट हो गए,जिससे टीम इंडिया पर दबाव बन गया। इसके कुछ ही ओवर बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव भी केवल 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से भारतीय बल्लेबाजी क्रम लड़खड़ा गया और रन गति भी प्रभावित हुई।

इसके बाद रिंकू सिंह और संजू सैमसन ने तीसरे विकेट के लिए 28 गेंदों में 46 रन की साझेदारी कर पारी को सँभालने की कोशिश की। संजू सैमसन ने 15 गेंदों में 4 चौकों की मदद से 24 रन बनाए,जबकि रिंकू सिंह ने 30 गेंदों में 2 छक्के और 3 चौकों के साथ 39 रन की उपयोगी पारी खेली। हालाँकि,दोनों बल्लेबाजों के आउट होते ही भारतीय टीम एक बार फिर मुश्किल में फँस गई।

मेजबान टीम ने 82 रन के स्कोर तक अपने 5 विकेट गंवा दिए थे और यहाँ से मैच पूरी तरह न्यूज़ीलैंड के पक्ष में झुकता नजर आने लगा। ऐसे समय में शिवम दुबे ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए दर्शकों को रोमांचित कर दिया। उन्होंने हर्षित राणा के साथ मिलकर 27 गेंदों में 63 रन की साझेदारी की,जिससे भारत की हार का अंतर कुछ हद तक कम हो सका।

शिवम दुबे ने बेहद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 15 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके साथ ही वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीसरे सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए। दुबे की यह पारी भारत के लिए इस मैच का सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू रही। उन्होंने 23 गेंदों में 7 छक्के और 3 चौकों की मदद से 65 रन बनाए। हालाँकि,दुर्भाग्यवश वह रन आउट हो गए और उनकी पारी का अंत वहीं हो गया।

दुबे के आउट होते ही भारतीय टीम की उम्मीदें भी लगभग समाप्त हो गईं। इसके बाद कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिककर बड़ा योगदान नहीं दे सका और पूरी टीम 18.4 ओवरों में 165 रन पर ढेर हो गई। न्यूज़ीलैंड के गेंदबाजों ने मध्य और अंतिम ओवरों में अनुशासित गेंदबाजी करते हुए भारत को लक्ष्य तक पहुँचने का कोई मौका नहीं दिया।

इस जीत के बावजूद न्यूज़ीलैंड के लिए राहत की बात सिर्फ इतनी है कि उन्होंने सीरीज में अपनी पहली जीत दर्ज कर ली है। भारतीय टीम पहले ही पाँच मैचों की टी20 सीरीज में 3-1 की अजेय बढ़त बना चुकी है। अब सीरीज का अंतिम मुकाबला 31 जनवरी को तिरुवनंतपुरम में खेला जाएगा,जहाँ भारत की नजरें सीरीज को एक और जीत के साथ समाप्त करने पर होंगी,जबकि न्यूज़ीलैंड की टीम इस लय को बरकरार रखते हुए सम्मानजनक विदाई लेने की कोशिश करेगी।