नई दिल्ली,13 अप्रैल (युआईटीवी)- भारतीय संगीत जगत की महान और बहुमुखी गायिका आशा भोसले के निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। दशकों तक अपनी मधुर आवाज और अनूठी गायकी से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं,लेकिन उनकी आवाज और उनके गीत सदैव लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे। उनके निधन पर देश के शीर्ष नेताओं,कलाकारों और आम नागरिकों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भारतीय संगीत की सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली आवाजों में से एक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी भावनाएँ साझा करते हुए लिखा कि आशा जी की असाधारण संगीत यात्रा ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनियाभर में अनगिनत दिलों को छुआ। उन्होंने कहा कि चाहे उनकी दिल को छू लेने वाली भावनात्मक धुनें हों या फिर जोश से भरे गीत,उनकी आवाज हमेशा बेमिसाल रही।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में आशा भोसले के साथ हुई अपनी मुलाकातों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उनके साथ बिताए गए पल और बातचीत की यादें हमेशा उनके दिल में जीवित रहेंगी। उन्होंने आशा भोसले के परिवार,प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी आशा भोसले के निधन पर शोक जताया और इसे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि आज का दिन हर भारतीय,खासकर संगीत प्रेमियों के लिए बेहद दुखद है,क्योंकि हम सबकी प्रिय आशा ताई अब हमारे बीच नहीं रहीं। उन्होंने कहा कि आशा भोसले ने अपनी मधुर आवाज और अद्वितीय प्रतिभा के माध्यम से भारतीय संगीत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
Deeply saddened by the passing of Asha Bhosle Ji, one of the most iconic and versatile voices India has ever known. Her extraordinary musical journey, spanning decades, enriched our cultural heritage and touched countless hearts across the world. Be it her soulful melodies or… pic.twitter.com/SbFrzf1Meu
— Narendra Modi (@narendramodi) April 12, 2026
अमित शाह ने आशा भोसले की बहुमुखी प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि वे हर तरह के संगीत में खुद को ढाल लेने की अद्भुत क्षमता रखती थीं। उन्होंने हिंदी,मराठी,बांग्ला, तमिल,गुजराती सहित कई भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा और लोकगीतों में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी। उनकी गायकी में विविधता और गहराई दोनों का अद्भुत संगम देखने को मिलता था।
उन्होंने आगे कहा कि आशा भोसले की आवाज जितनी कोमल और मधुर थी,उनका स्वभाव भी उतना ही सरल और आत्मीय था। उनसे जब भी मुलाकात होती थी,तो संगीत और कला जैसे विषयों पर लंबी और सार्थक बातचीत होती थी। उन्होंने कहा कि भले ही आज आशा जी हमारे बीच नहीं हैं,लेकिन उनकी आवाज हमेशा हमारे दिलों में गूँजती रहेगी।
आशा भोसले का संगीत करियर छह दशकों से भी अधिक लंबा रहा,जिसमें उन्होंने हजारों गीतों को अपनी आवाज दी। उन्होंने बॉलीवुड के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषाओं के संगीत में भी अपनी गहरी छाप छोड़ी। उनकी आवाज में एक अनोखी लचक और भावनात्मक गहराई थी, जो हर तरह के गीत को जीवंत बना देती थी। रोमांटिक गीतों से लेकर ग़ज़ल,भजन,पॉप और लोकगीतों तक,उन्होंने हर शैली में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
उनकी गायकी का जादू केवल भारत तक सीमित नहीं रहा,बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई। उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया,जिनमें पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मान भी शामिल हैं। उनका योगदान भारतीय संगीत इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।
आशा भोसले की आवाज ने कई पीढ़ियों को जोड़ा और उनकी गायकी ने समय के साथ खुद को ढाला। यही कारण है कि वे हर दौर में प्रासंगिक बनी रहीं। उनके गीत आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं,जितने अपने समय में थे और आने वाले समय में भी उनकी मधुर धुनें लोगों के दिलों में गूँजती रहेंगी।
उनके निधन से न केवल संगीत जगत को बल्कि पूरे देश को एक गहरी क्षति हुई है। यह एक ऐसा खालीपन है जिसे भर पाना मुश्किल होगा। हालाँकि,उनकी यादें,उनके गीत और उनकी विरासत हमेशा हमारे साथ रहेंगी। देश आज एक महान कलाकार को श्रद्धांजलि दे रहा है,जिसने अपनी आवाज से अनगिनत लोगों के जीवन को छुआ और संगीत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
इस कठिन समय में पूरा देश उनके परिवार के साथ खड़ा है और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है। आशा भोसले भले ही इस दुनिया से विदा हो गई हों,लेकिन उनका संगीत अमर है और सदैव जीवित रहेगा।
