Pentagon seen from an airplane over Washington D.C., the United States.

उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण का जवाब देने में अमेरिका सक्षम

वाशिंगटन, 5 नवंबर (युआईटीवी/आईएएनएस)| अमेरिका आवश्यक होने पर उत्तर कोरिया द्वारा भविष्य में किए जाने वाले परमाणु परीक्षण का जवाब देगा। यह बात पेंटागन के एक प्रवक्ता ने कही। समाचार एजेंसी योनहाप की रिपोर्ट के अनुसार रक्षा विभाग की उप प्रवक्ता सबरीना सिंह ने निकट भविष्य में उत्तर कोरियाई परमाणु परीक्षण की संभावना पर प्रकाश डालते हुए यह टिप्पणी की।

उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण की संभावना के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा, हम इस क्षेत्र में अपने सहयोगियों और भागीदारों के साथ संपर्क में हैं और अगर ऐसा कोई परीक्षण होता है, तो जरूरत पड़ने पर हम तुरंत जवाब देंगे।

इसके पहले सियोल और वाशिंगटन की ओर से कहा गया था कि उत्तर कोरिया ने अपने सातवें परमाणु परीक्षण के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

पेंटागन के प्रवक्ता ने एक दैनिक प्रेस वार्ता में कहा,हम उत्तर कोरिया की परमाणु परीक्षण की संभावनाओं को लेकर चिंतित हैं। हम जानते हैं कि उत्तर कोरिया ने परीक्षण की तैयारी कर ली है। हमने यह बात पहले भी कही थी।

अमेरिका के रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने गुरुवार को दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री ली जोंग-सुप के साथ बैठक में उल्लेख किया था कि प्योंगयांग द्वारा अमेरिका या उसके सहयोगियों के खिलाफ परमाणु हमले का परिणाम उत्तर कोरियाई शासन का अंत होगा।

ऑस्टिन ने कोरियाई प्रायद्वीप में और उसके आसपास उत्तर कोरियाई उकसावे को रोकने या उनका मुकाबला करने के लिए अमेरिकी बलों की तैयारी पर भी सहमति व्यक्त की।

यह पूछे जाने पर कि अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को बढ़ाने की योजना कैसे बनाई है, सिंह ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन संयुक्त सैन्य अभ्यास के महत्व पर प्रकाश डाला।

दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका की सैन्य रणनीतियों के संबंध में बताने के लिए आज मेरे पास कुछ नहीं है, लेकिन चल रहा संयुक्त सैन्य अभ्यास विजिलेंट स्टॉर्म खुद बोलता है।

उन्होंने कहा, इन अभ्यासों से हमारा विश्वास बढ़ता है और हम आगे भी दक्षिण कोरिया या जापान के साथ अभ्यास जारी रखेंगे।

व्हाइट हाउस राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने उत्तर कोरिया के लगातार उकसावे के बाद कोरियाई प्रायद्वीप पर बढ़ते तनाव के बीच रक्षा तैयारियों और क्षमताओं के महत्व को भी रेखांकित किया। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम इन उकसावों के बारे में चिंतित हैं। यह सब प्रायद्वीप और इस क्षेत्र को और अधिक असुरक्षित और अस्थिर बना रहा है।

प्योंगयांग ने इस साल 50 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं, इनमें सितंबर के अंत से अब तक एक दर्जन से अधिक मिसाइलें शामिल हैं।

किर्बी ने दोहराया कि हम इस मुद्दे को कूटनीतिक रूप से हल करना पसंद करेंगे, लेकिन किम शासन इसमें रुचि नहीं दिखा रहा, इसलिए हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे पास उपयुक्त सैन्य क्षमता हो।

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