सैन फ्रांसिस्को,8 अक्टूबर (युआईटीवी)- अमेरिकी चिप निर्माता कंपनी एनवीडिया ने अपने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया है कि वह एच-1बी वीज़ा प्रायोजन जारी रखेगी और आवेदन से जुड़े सभी खर्चों को खुद वहन करेगी। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेंसन हुआंग ने कर्मचारियों को लिखे पत्र में कहा कि वह खुद भी एक प्रवासी हैं और अमेरिका में मिलने वाले अवसरों ने उनके जीवन को गहराई से बदल दिया है। उन्होंने लिखा, “एनवीडिया का जो चमत्कार आज हम देख रहे हैं,वह दुनिया के अलग-अलग देशों से आए प्रतिभाशाली लोगों के बिना संभव नहीं था। प्रवासन ने ही हमें यह पहचान दी है।”
हुआंग ने पत्र में प्रवासन की महत्वता पर जोर देते हुए कहा कि कानूनी प्रवासन अमेरिका की तकनीकी और वैचारिक बढ़त बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में ट्रंप प्रशासन द्वारा किए गए बदलावों के बावजूद एनवीडिया एच-1बी वीज़ा प्रायोजन को जारी रखेगा। उन्होंने लिखा, “एनवीडिया में हमने दुनिया भर के असाधारण लोगों के साथ अपनी कंपनी बनाई है। हम एच-1बी आवेदकों को प्रायोजित करना और सभी संबंधित शुल्कों को वहन करना जारी रखेंगे। यदि आपके पास एच-1बी वीज़ा के बारे में कोई प्रश्न हैं,तो कृपया एनवीडिया-आव्रजन विभाग से संपर्क करें।”
यह घोषणा ऐसे समय में आई है,जब अमेरिका में एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम को लेकर सख्त नियम लागू किए गए हैं। 19 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक आदेश पर हस्ताक्षर किए,जिसके तहत एच-1बी वीज़ा आवेदन प्रक्रिया को काफी हद तक सीमित कर दिया गया और आवेदन शुल्क 1 लाख डॉलर (लगभग 83 लाख रुपये) कर दिया गया। ट्रंप प्रशासन ने इस कदम का उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों को नौकरी के अवसरों में प्राथमिकता देना बताया।
वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक ने इस नीति का बचाव करते हुए कहा कि नई फीस से बड़ी कंपनियों द्वारा विदेशी कर्मचारियों को रखने की प्रवृत्ति कम हो जाएगी,क्योंकि अब उन्हें सरकार को भारी शुल्क देना पड़ेगा। उनका कहना था कि इससे कंपनियों के लिए विदेशी कर्मचारियों को रखना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होगा और अमेरिकी कर्मचारियों को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे।
हालाँकि,इस कदम के खिलाफ अमेरिका में कई यूनियनों,शिक्षाविदों और संगठनों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। उनका तर्क है कि यह शुल्क “अभूतपूर्व,अनुचित और गैरकानूनी” है। शिकायत में कहा गया है कि राष्ट्रपति को कांग्रेस द्वारा बनाए गए कानूनी ढाँचे को एकतरफा बदलने का अधिकार नहीं है और इसमें रखे गए अपवाद “पक्षपात और भ्रष्टाचार” को बढ़ावा दे सकते हैं।
एनवीडिया के लिए यह घोषणा न केवल कर्मचारियों को आश्वस्त करने के उद्देश्य से है,बल्कि कंपनी का संदेश यह भी है कि प्रतिभाशाली प्रवासी कर्मचारियों का योगदान तकनीकी और नवाचार क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण है। हुआंग ने पत्र में कहा कि कंपनी के आज के वैश्विक स्तर पर सफलता में प्रवासियों का योगदान अनिवार्य रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विदेशी प्रतिभा को उनके योगदान के आधार पर स्वीकार किया जाएगा और उनके वीज़ा से संबंधित खर्च कंपनी उठाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से अमेरिका में उच्च तकनीकी कंपनियों और नवाचार के क्षेत्र में प्रतिभाशाली विदेशी कर्मचारियों की भूमिका मजबूत बनेगी,जबकि सरकार द्वारा लगाए गए भारी शुल्क और कठोर नियम कंपनियों के लिए आर्थिक दबाव बढ़ा सकते हैं,एनवीडिया जैसी कंपनियों की पहल इस चुनौती का सामना करने और अपने कर्मचारियों को सुरक्षित रखने में मददगार साबित होगी।
एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम अमेरिका में उच्च तकनीकी कुशल श्रमिकों को लाने का प्रमुख माध्यम है। एनवीडिया जैसी कंपनियों के लिए यह कार्यक्रम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी की चिप निर्माण और एआई टेक्नोलॉजी जैसी अत्याधुनिक परियोजनाओं में वैश्विक प्रतिभाओं की भागीदारी अनिवार्य है। हुआंग ने इस बात पर जोर दिया कि प्रवासी कर्मचारियों के बिना कंपनी की वर्तमान सफलता संभव नहीं होती।
इस घोषणा से कर्मचारियों में भरोसा और उत्साह दोनों बढ़े हैं। कई प्रवासी कर्मचारी,जो एच-1बी वीज़ा पर अमेरिका में काम कर रहे हैं,ने एनवीडिया के इस कदम की सराहना की है। उनका कहना है कि कंपनी का यह रवैया दिखाता है कि वह अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और पेशेवर विकास के प्रति गंभीर है।
एनवीडिया ने स्पष्ट कर दिया है कि वह एच-1बी वीज़ा प्रायोजन जारी रखेगी और सभी शुल्कों को वहन करेगी,ताकि विदेशी प्रतिभाशाली कर्मचारी अपनी प्रतिभा के अनुसार कंपनी की सफलता में योगदान दे सकें। यह कदम न केवल प्रवासी कर्मचारियों के लिए राहत देने वाला है,बल्कि अमेरिका में तकनीकी क्षेत्र में नवाचार और प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा देगा।
एनवीडिया की यह घोषणा तकनीकी उद्योग के लिए एक मजबूत संदेश है कि वैश्विक प्रतिभाओं को अपनाना और उनका सम्मान करना आज भी अमेरिका के नवाचार और आर्थिक विकास का आधार है और इस दिशा में कंपनियाँ प्रतिबद्ध हैं।

