शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी स्टारर फिल्म ‘ओ’ रोमियो’ (तस्वीर क्रेडिट@movielover93582)

‘ओ रोमियो’ के सहारे दोबारा बॉक्स ऑफिस फतह की कोशिश में शाहिद कपूर,क्या दोहराई जाएगी ‘कबीर सिंह’ वाली सफलता?

मुंबई,13 फरवरी (युआईटीवी)- शाहिद कपूर,तृप्ति डिमरी और अविनाश तिवारी की रोमांटिक-एक्शन ड्रामा फिल्म ‘ओ रोमियो’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और रिलीज के साथ ही इस फिल्म को लेकर चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है। फिल्म में जबरदस्त एक्शन,तीखे संवाद और हिंसा से भरपूर कई दृश्य हैं,जो दर्शकों को झकझोर सकते हैं। हालाँकि,इसे रोमांटिक ड्रामा के तौर पर पेश किया गया है,लेकिन फिल्म में रोमांस से ज्यादा क्रूरता और आक्रामक भावनाएँ देखने को मिलती हैं। यही वजह है कि कई दर्शक और समीक्षक इसकी तुलना शाहिद कपूर की साल 2019 में आई फिल्म कबीर सिंह से कर रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ‘ओ रोमियो’ भी ‘कबीर सिंह’ की तरह बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच पाएगी?

‘कबीर सिंह’ शाहिद कपूर के करियर की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक रही है। इस फिल्म ने न केवल उनके अभिनय को नई पहचान दी,बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी रिकॉर्ड तोड़ कमाई की। करीब 60 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में लगभग 400 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। फिल्म को भले ही इसके टॉक्सिक पुरुष किरदार और आक्रामक प्रस्तुति के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा,लेकिन दर्शकों का एक बड़ा वर्ग इससे जुड़ गया और फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई। सात सालों के लंबे अंतराल के बाद शाहिद को यह बड़ी सफलता मिली थी।

हालाँकि,‘कबीर सिंह’ के बाद शाहिद कपूर की फिल्मों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। साल 2022 में रिलीज हुई जर्सी एक प्रेरणादायक स्पोर्ट्स ड्रामा थी,जिसमें शाहिद ने अर्जुन तलवार नाम के क्रिकेटर का किरदार निभाया था। फिल्म की कहानी एक ऐसे पिता की थी,जो अपने अधूरे सपनों को बेटे के जरिए पूरा करने की कोशिश करता है। भावनात्मक कहानी और सशक्त अभिनय के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो पाई। करीब 60 से 95 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने सिनेमाघरों में लगभग 30 करोड़ रुपये ही कमाए। बाद में मेकर्स ने ओटीटी रिलीज के जरिए लागत निकालने की कोशिश की।

‘जर्सी’ के बाद शाहिद कपूर ने एक बार फिर एक्शन और हिंसक किरदार की ओर रुख किया। ओटीटी पर रिलीज हुई फिल्म ब्लडी डैडी में उनका अंदाज बेहद आक्रामक और खतरनाक था। इस फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज न कर सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उतारा गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म का बजट लगभग 200 करोड़ रुपये बताया गया,जिसे लेकर इंडस्ट्री में सवाल भी उठे। कई लोगों ने पूछा कि इतने बड़े बजट की फिल्म को थिएटर रिलीज से क्यों वंचित रखा गया। यह भी चर्चा रही कि शाहिद ने इस फिल्म के लिए करीब 40 करोड़ रुपये की फीस ली। हालाँकि,ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म को औसत प्रतिक्रिया मिली और यह कोई खास चर्चा नहीं बटोर पाई।

इसके बाद शाहिद कपूर ने अपनी इमेज में बदलाव लाने की कोशिश की और कृति सेनन के साथ रोमांटिक अंदाज में तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया में नजर आए। यह फिल्म पारंपरिक लव स्टोरी से हटकर थी,जिसमें कृति ने एक रोबोट का किरदार निभाया था और शाहिद को उससे प्यार हो जाता है। साइंस फिक्शन और रोमांस के इस मिश्रण को दर्शकों ने शुरुआती दिनों में पसंद किया। पहले हफ्ते में फिल्म का कलेक्शन शानदार रहा,लेकिन दसवें दिन के बाद रफ्तार धीमी पड़ गई। 75 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने लगभग 100 से 150 करोड़ रुपये के बीच कारोबार किया और इसे औसत हिट माना गया।

इन तीनों फिल्मों के प्रदर्शन को देखते हुए साफ है कि ‘कबीर सिंह’ के बाद शाहिद कपूर को वैसी बड़ी थिएट्रिकल सफलता नहीं मिल पाई। ऐसे में ‘ओ रोमियो’ उनके करियर के लिए अहम साबित हो सकती है। फिल्म का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर इसकी तुलना ‘कबीर सिंह’ से होने लगी थी। एक बार फिर शाहिद एक गुस्सैल,जुनूनी और हिंसक प्रेमी के किरदार में नजर आ रहे हैं। फिल्म में उनके किरदार की भावनात्मक उथल-पुथल, एक्शन सीक्वेंस और तीखे संवाद दर्शकों को उसी पुराने अवतार की याद दिलाते हैं।

हालाँकि,आज का दर्शक 2019 के मुकाबले काफी बदल चुका है। कंटेंट की विविधता बढ़ी है और दर्शकों की पसंद भी परिपक्व हुई है। ऐसे में केवल आक्रामक प्रेम कहानी के सहारे ब्लॉकबस्टर बनना आसान नहीं होगा। फिल्म की कहानी,निर्देशन और सह-कलाकारों का प्रदर्शन भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा। तृप्ति डिमरी और अविनाश तिवारी जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों की मौजूदगी फिल्म को मजबूती देती है,लेकिन अंतिम फैसला दर्शकों के हाथ में ही है।

ट्रेड विश्लेषकों का मानना है कि फिल्म की ओपनिंग अहम होगी। यदि पहले वीकेंड में मजबूत कलेक्शन आता है तो फिल्म लंबी रेस में टिक सकती है। हालाँकि,समीक्षकों की प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया पर वर्ड ऑफ माउथ भी निर्णायक भूमिका निभाएगा। ‘कबीर सिंह’ के समय जिस तरह युवाओं में फिल्म को लेकर दीवानगी देखने को मिली थी,वैसा माहौल दोबारा बन पाना चुनौतीपूर्ण होगा।

फिलहाल ‘ओ रोमियो’ को शाहिद कपूर के करियर की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। यह फिल्म तय करेगी कि क्या वह दोबारा उसी तीव्र और विवादास्पद रोमांटिक किरदार के जरिए बॉक्स ऑफिस पर राज कर सकते हैं या नहीं। लगातार फ्लॉप और औसत फिल्मों के बाद यह उनके लिए बड़ा मौका है। आने वाले दिनों में बॉक्स ऑफिस आँकड़ें साफ कर देंगे कि ‘ओ रोमियो’ केवल चर्चा तक सीमित रहेगी या फिर ‘कबीर सिंह’ की तरह इतिहास रचेगी।