राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़

राज्यसभा में कांग्रेस की बेंच के नीचे से मिली नोटों की गड्डी,सभापति ने कानूनी रूप से जाँच की बात कही

नई दिल्ली,6 दिसंबर (युआईटीवी)- हाल ही में राज्यसभा में एक विवादित घटना घटी, जब कांग्रेस की बेंच के नीचे नोटों की गड्डी बरामद हुई। यह जानकारी राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने दी। उन्होंने बताया कि 5 दिसंबर को सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद जब सुरक्षा अधिकारियों ने नियमित जाँच की, तो उन्होंने सीट संख्या 222 से नोटों की एक गड्डी बरामद की,जो वर्तमान में कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी के लिए आवंटित है। इस मामले को सभापति के ध्यान में लाया गया और उन्होंने इसकी जाँच कानूनी तरीके से कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जाँच पूरी तरह से पारदर्शी हो।

इस घटना के बाद,जैसे ही सभापति ने इस बारे में जानकारी दी,विपक्षी दलों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जब तक मामले की पूरी जाँच नहीं हो जाती और कुछ भी स्पष्ट नहीं हो जाता,तब तक सभापति को अभिषेक मनु सिंघवी का नाम नहीं लेना चाहिए। खड़गे ने यह भी कहा कि आरोपित व्यक्ति का नाम उछालने से पहले जाँच होनी चाहिए, ताकि कोई गलतफहमी न पैदा हो।

इस पर सत्तापक्ष के सांसदों ने आपत्ति जताई और हंगामा शुरू कर दिया, जिससे सदन में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सत्तापक्ष के सांसदों ने खड़गे की इस टिप्पणी को निंदनीय बताया। इसके जवाब में खड़गे ने कहा, “आप लोग चिल्लर के काम करके देश का नाम बदनाम कर रहे हैं।” उन्होंने सभापति से यह भी पूछा कि कैसे कोई व्यक्ति किसी का नाम और उसकी सीट का जिक्र कर सकता है,जब तक कि मामला स्पष्ट न हो। सभापति ने इस पर जवाब दिया कि उन्होंने केवल उस सीट का जिक्र किया है,जो सिंघवी को आवंटित की गई थी और यह जानकारी देना उनका कर्तव्य था।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर है। उन्होंने कहा कि इस घटना से सदन की गरिमा को नुकसान पहुँचा है। नड्डा ने यह भी विश्वास जताया कि सही और उचित जाँच होगी और इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष के नेता विस्तृत जाँच की माँग करेंगे, ताकि मामले की सही जानकारी सामने आ सके। नड्डा ने विपक्ष से अपील की कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए इसकी निंदा करें।

यह घटना संसद में उठे विवादों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच एक नया मोड़ ले चुकी है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या इस जाँच के परिणाम कुछ गंभीर खुलासे करेंगे।