नई दिल्ली,7 फरवरी (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7–8 फरवरी 2026 को मलेशिया की आधिकारिक यात्रा पर रवाना हो गए हैं। यात्रा से पहले जारी अपने बयान में उन्होंने भारत–मलेशिया संबंधों को और मजबूत करने का स्पष्ट संकेत दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ बातचीत को लेकर उत्सुक हैं और दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने पर विशेष जोर रहेगा। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है,जब अगस्त 2024 में भारत और मलेशिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया था और उसके बाद यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली मलेशिया यात्रा है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में लिखा कि वह अपने मित्र प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर मलेशिया की आधिकारिक यात्रा पर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और मलेशिया के ऐतिहासिक संबंधों में हाल के वर्षों में लगातार प्रगति हुई है और यह यात्रा उस प्रगति को और आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगी। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि इस दौरे के दौरान रक्षा और सुरक्षा सहयोग को गहराने,आर्थिक साझेदारी और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने तथा नए क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार करने पर चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान में यह भी कहा कि भारत और मलेशिया के रिश्ते केवल कूटनीतिक या आर्थिक नहीं हैं,बल्कि ऐतिहासिक,सभ्यतागत और सांस्कृतिक जुड़ाव पर आधारित हैं। दोनों देशों के बीच सदियों पुराने संबंध रहे हैं,जिनमें व्यापार,संस्कृति,भाषा और परंपराओं का आदान-प्रदान शामिल है। आधुनिक समय में इन संबंधों ने रणनीतिक और वैश्विक आयाम भी ग्रहण कर लिया है,खासकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच।
Celebrating the India-Malaysia people-to-people connect!
PM Anwar Ibrahim and I are heading to the community programme in Kuala Lumpur.@anwaribrahim pic.twitter.com/wkMCYuatB6
— Narendra Modi (@narendramodi) February 7, 2026
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का मलेशिया में बसे भारतीय समुदाय से मिलने का भी कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि मलेशिया में लगभग तीन मिलियन भारतीय प्रवासी रहते हैं,जो दुनिया के सबसे बड़े भारतीय प्रवासी समुदायों में से एक है। प्रधानमंत्री ने इस समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि मलेशिया की प्रगति में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है और वे भारत तथा मलेशिया के बीच एक “जीवित पुल” की तरह कार्य करते हैं। उनकी उपस्थिति और योगदान दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक मित्रता को एक मजबूत आधार प्रदान करता है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह मलेशिया यात्रा उनकी तीसरी यात्रा होगी। इससे पहले भी वे मलेशिया का दौरा कर चुके हैं,जहाँ दोनों देशों के बीच व्यापार,निवेश,शिक्षा,पर्यटन और लोगों से लोगों के संपर्क को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए थे। इस बार की यात्रा को विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत पहली उच्चस्तरीय राजनीतिक बातचीत होगी। माना जा रहा है कि इस दौरान रक्षा सहयोग,समुद्री सुरक्षा,आतंकवाद के खिलाफ सहयोग,डिजिटल तकनीक,सेमीकंडक्टर,हरित ऊर्जा और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में नए समझौतों पर चर्चा हो सकती है।
भारत और मलेशिया के आर्थिक संबंध भी लगातार मजबूत हो रहे हैं। मलेशिया दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारत मलेशिया से पाम ऑयल,इलेक्ट्रॉनिक्स और रसायन आयात करता है,जबकि मलेशिया भारत से फार्मास्यूटिकल्स,ऑटोमोबाइल्स,इंजीनियरिंग उत्पाद और आईटी सेवाएँ आयात करता है। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से इन आर्थिक संबंधों को और विस्तार मिलने की उम्मीद है,खासकर निवेश और इनोवेशन के क्षेत्र में।
रणनीतिक दृष्टि से भी यह दौरा अहम माना जा रहा है। भारत और मलेशिया दोनों ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति,स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था के समर्थक हैं। समुद्री सुरक्षा,नौवहन की स्वतंत्रता और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के विचार काफी हद तक मेल खाते हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच होने वाली बातचीत क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण को और मजबूत कर सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया यात्रा को भारत–मलेशिया संबंधों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। यह दौरा न केवल द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और गहराई देगा,बल्कि ऐतिहासिक मित्रता,आर्थिक सहयोग और लोगों से लोगों के संपर्क को भी नई दिशा प्रदान करेगा।
