मैड्रिड,27 मार्च (युआईटीवी)- बैडमिंटन जगत की दिग्गज और ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट कैरोलिना मारिन ने आखिरकार अपने शानदार करियर को विराम देने का ऐलान कर दिया है। रियो ओलंपिक 2016 में महिला एकल फाइनल में भारत की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु को हराकर इतिहास रचने वाली मारिन ने सोशल मीडिया के जरिए अपने संन्यास की जानकारी दी। उनके इस फैसले ने खेल जगत, खासकर बैडमिंटन समुदाय को भावुक कर दिया है।
31 वर्षीय मारिन ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए साफ शब्दों में कहा कि उनका प्रोफेशनल बैडमिंटन करियर अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि वह अपने होमटाउन हुएलवा में आयोजित होने वाली यूरोपियन चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लेंगी,जबकि उन्हें इस टूर्नामेंट में वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली थी। मारिन का यह फैसला उनके प्रशंसकों के लिए चौंकाने वाला जरूर रहा,लेकिन इसके पीछे की वजह लगातार चोटों से जूझना बताया गया है।
अपने संदेश में मारिन ने कहा कि वह चाहती थीं कि आखिरी बार कोर्ट पर उतरकर अपने प्रशंसकों से विदाई लें,लेकिन केवल औपचारिक विदाई के लिए अपने शरीर को जोखिम में डालना उन्हें मंजूर नहीं था। उन्होंने कहा कि कई गंभीर चोटों ने उनके करियर को प्रभावित किया और अंततः उन्हें यह कठिन निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने इस फैसले पर पूरी तरह कायम हैं और अब अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत करना चाहती हैं।
कैरोलिना मारिन का नाम बैडमिंटन इतिहास में सबसे सफल महिला खिलाड़ियों में गिना जाता है। उन्होंने अपने करियर में तीन बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया और कई बार यूरोपियन चैंपियनशिप का खिताब भी जीता। इसके अलावा,वह ओलंपिक खेलों में बैडमिंटन का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली स्पेनिश खिलाड़ी बनीं,जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उनकी आक्रामक खेल शैली,तेज गति और कोर्ट पर ऊर्जा ने उन्हें दुनिया भर में अलग पहचान दिलाई।
मारिन ने अपने करियर के सफर को याद करते हुए कहा कि उनका आखिरी मुकाबला अनजाने में पेरिस ओलंपिक 2024 के दौरान हुआ था,जब उन्हें घुटने में गंभीर चोट लगी और वह सेमीफाइनल से बाहर हो गई थीं। उन्होंने कहा कि उस समय ही उनका करियर लगभग खत्म हो गया था,हालाँकि उस वक्त उन्हें इसका अंदाजा नहीं था। इस बयान से यह साफ होता है कि पिछले कुछ समय से वह शारीरिक रूप से काफी संघर्ष कर रही थीं।
अपने भावुक संदेश में मारिन ने अपने प्रशंसकों,कोच और सपोर्ट स्टाफ का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनके जीवन के सबसे मुश्किल पलों में भी लोगों ने उनका साथ नहीं छोड़ा और हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने अपने समर्थकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके बिना यह सफर संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि वह अपने जुनून को अलविदा कह रही हैं,लेकिन उन्हें इस बात पर गर्व है कि उन्होंने अपने करियर में जो कुछ हासिल किया, वह केवल ट्रॉफियों और पदकों तक सीमित नहीं था,बल्कि उन्होंने खेल की दुनिया में सम्मान और प्रेरणा भी अर्जित की।
मारिन ने यह भी संकेत दिया कि अब वह एक नए रास्ते पर आगे बढ़ेंगी,जहाँ वह अपने अनुभव और ज्ञान के जरिए खेल को कुछ वापस लौटाने की कोशिश करेंगी। उन्होंने कहा कि वह खेल के मूल्यों को बनाए रखने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए काम करेंगी। यह बयान दर्शाता है कि भले ही उन्होंने कोर्ट को अलविदा कह दिया हो,लेकिन खेल से उनका जुड़ाव बना रहेगा।
अपने संन्यास के साथ मारिन ने एक भावनात्मक इच्छा भी साझा की। उन्होंने कहा कि वह चाहती थीं कि उनका करियर उनके जन्मस्थान हुएलवा में ही समाप्त हो और अब वह वहीं रहकर अपने इस लंबे सफर को पूरा करेंगी। उन्होंने कहा कि भले ही उनके हाथ में अब रैकेट नहीं होगा,लेकिन उनका दिल हमेशा बैडमिंटन के लिए धड़कता रहेगा।
कैरोलिना मारिन का करियर प्रेरणा,संघर्ष और सफलता की कहानी रहा है। उन्होंने न सिर्फ स्पेन में बल्कि पूरी दुनिया में बैडमिंटन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। खासकर यूरोप में इस खेल को लोकप्रिय बनाने में उनका योगदान बेहद अहम माना जाता है। उनकी उपलब्धियों और खेल के प्रति समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा।
उनके संन्यास के साथ बैडमिंटन जगत ने एक युग का अंत देखा है। हालाँकि,उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। खेल प्रेमी और प्रशंसक उन्हें हमेशा एक चैंपियन के रूप में याद करेंगे,जिन्होंने हर चुनौती का सामना करते हुए अपने नाम को इतिहास में दर्ज कराया।
