ओमान में आमने-सामने होंगे अमेरिका और ईरान (तस्वीर क्रेडिट@garrywalia_)

‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ का दावा: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने और आठ युद्ध समाप्त करने की घोषणा की

वाशिंगटन,25 फरवरी (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कांग्रेस को संबोधित करते हुए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और विवादास्पद दावा किया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। अपने भाषण में ट्रंप ने “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर” नामक एक विशेष सैन्य अभियान का उल्लेख किया और इसे अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के तहत एक निर्णायक कार्रवाई बताया। उन्होंने यह भी दावा किया कि अपने कार्यकाल के पहले दस महीनों में उन्होंने आठ युद्ध समाप्त कर दिए हैं और नौवें संघर्ष को खत्म करने की दिशा में प्रयास जारी हैं।

ट्रंप ने कहा कि दशकों से अमेरिका की स्पष्ट नीति रही है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी प्राथमिकता कूटनीतिक समाधान रही है,लेकिन यदि आवश्यकता पड़ी तो अमेरिका अपनी सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता के लिए कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप के अनुसार,ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत अमेरिकी सेना ने ईरान की धरती पर सटीक हमले कर उसके परमाणु हथियार कार्यक्रम को “पूरी तरह नष्ट” कर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े आतंकवादी प्रायोजक को परमाणु हथियार रखने की अनुमति देना मानवता के लिए खतरा होता और उनकी सरकार ने इस खतरे को समाप्त कर दिया है।

हालाँकि,ट्रंप ने अपने संबोधन में अभियान के तकनीकी या रणनीतिक विवरण साझा नहीं किए,लेकिन उन्होंने इसे “शक्ति के बल पर शांति” की नीति का हिस्सा बताया। उनके अनुसार,अमेरिका ने यह संदेश दिया है कि वह कूटनीति को प्राथमिकता देता है,परंतु राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए निर्णायक सैन्य कार्रवाई भी कर सकता है। इस संदर्भ में उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इस वर्ष अपनी सशस्त्र सेनाओं पर रिकॉर्ड एक ट्रिलियन डॉलर का निवेश कर रहा है,जो उसकी सैन्य क्षमता और वैश्विक नेतृत्व को और मजबूत करेगा।

अपने भाषण में ट्रंप ने नाटो देशों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन के सदस्य देशों ने अब अपनी जीडीपी का 5 प्रतिशत रक्षा खर्च के लिए देने पर सहमति जताई है,जबकि पहले यह लक्ष्य 2 प्रतिशत था। ट्रंप ने इसे अपनी कूटनीतिक सफलता बताया और कहा कि जब उन्होंने यह मुद्दा उठाया था,तो कई लोगों ने इसे असंभव बताया था। उनके अनुसार,यह कदम वैश्विक सुरक्षा ढाँचे को अधिक संतुलित और प्रभावी बनाएगा।

लैटिन अमेरिका की स्थिति पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेनाओं ने दुश्मन को पूरी तरह परास्त कर दिया है और वेनेजुएला में अवैध तानाशाह निकोलस मादुरो के शासन का अंत कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि मादुरो को अमेरिकी न्याय प्रणाली के तहत जवाबदेह ठहराया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका अब वेनेजुएला की नई राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ मिलकर काम कर रहा है,ताकि दोनों देशों के लिए असाधारण आर्थिक लाभ सुनिश्चित किए जा सकें। ट्रंप के इस बयान ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई बहस को जन्म दिया है,क्योंकि वेनेजुएला की राजनीतिक स्थिति लंबे समय से विवाद और अस्थिरता का विषय रही है।

राष्ट्रपति ने मादक पदार्थों के खिलाफ अपनी सख्त नीति को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय ड्रग कार्टेल को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है और अवैध फेंटानिल को सामूहिक विनाश का हथियार करार दिया है। ट्रंप के अनुसार,एक नए सैन्य अभियान के तहत समुद्र और जलमार्गों से अमेरिका में हो रही फेंटानिल की तस्करी को लगभग पूरी तरह रोक दिया गया है। उन्होंने इसे अमेरिकी युवाओं और परिवारों की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया।

अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अपने पहले दस महीनों में उन्होंने आठ युद्ध समाप्त किए हैं। उन्होंने जिन संघर्षों का उल्लेख किया उनमें कंबोडिया और थाईलैंड के बीच तनाव,पाकिस्तान और भारत के बीच टकराव,कोसोवो और सर्बिया के बीच विवाद तथा इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सक्रिय कूटनीति और मजबूत नेतृत्व के जरिए इन संघर्षों को शांत कराया। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए भी अमेरिका कड़ी मेहनत कर रहा है और उन्हें विश्वास है कि यह नौवां संघर्ष भी जल्द समाप्त होगा।

ट्रंप के इन दावों ने अमेरिकी राजनीति और वैश्विक कूटनीति में व्यापक चर्चा छेड़ दी है। समर्थकों का कहना है कि राष्ट्रपति ने अमेरिका की ताकत और वैश्विक नेतृत्व को पुनर्स्थापित किया है,जबकि आलोचकों का तर्क है कि इतने बड़े सैन्य अभियानों और युद्ध समाप्ति के दावों के लिए अधिक पारदर्शिता और स्वतंत्र पुष्टि की आवश्यकता है। विशेष रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट करने का दावा अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर महत्व रखता है और इसके रणनीतिक परिणाम दूरगामी हो सकते हैं।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इन दावों पर अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया क्या रूप लेगी,लेकिन इतना तय है कि ट्रंप का यह भाषण अमेरिकी विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के एजेंडे को एक बार फिर वैश्विक बहस के केंद्र में ले आया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन दावों की पुष्टि किस प्रकार होती है और विश्व समुदाय इन घटनाओं को किस दृष्टि से देखता है।