मुंबई,27 जनवरी (युआईटीवी)- गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार द्वारा घोषित पद्म पुरस्कार 2026 की सूची में हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल का नाम शामिल होते ही पूरे देश में भावुक प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। सरकार ने धर्मेंद्र को कला के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित करने का ऐलान किया है। यह सम्मान न केवल देओल परिवार के लिए,बल्कि पूरे मनोरंजन जगत और उन लाखों प्रशंसकों के लिए भी गर्व का क्षण है,जिन्होंने दशकों तक धर्मेंद्र को पर्दे पर देखा और सराहा।
धर्मेंद्र को मिले इस सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पर फिल्म इंडस्ट्री से लगातार प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में अभिनेता राकेश रोशन की पत्नी पिंकी रोशन ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर धर्मेंद्र की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह खबर उनके दिल को खुशी से भर देने वाली है। पिंकी रोशन ने धर्मेंद्र को अपने बचपन और परिवार का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि वह हमेशा से उनके लिए एक बेहद प्यारे और स्नेही इंसान रहे हैं।
पिंकी रोशन ने अपने पोस्ट में भावुक शब्दों में लिखा कि बचपन से उन्होंने धर्मेंद्र का प्यार और अपनापन महसूस किया है। उन्होंने उन्हें एक सरल,नेक और दिल से जुड़ने वाले इंसान के रूप में याद किया। उन्होंने यह भी लिखा कि काश धर्मेंद्र खुद यह सम्मान देख पाते,लेकिन उनकी विरासत हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी। इस पोस्ट के सामने आते ही कई फिल्मी सितारों और प्रशंसकों ने कमेंट्स के जरिए अपनी सहमति और भावनाएँ जाहिर कीं।
धर्मेंद्र का नाम हिंदी सिनेमा के उन कलाकारों में शुमार है,जिन्होंने न केवल अभिनय से बल्कि अपनी शख्सियत से भी दर्शकों के दिलों पर राज किया। ‘ही-मैन’ के नाम से मशहूर धर्मेंद्र ने अपने लंबे करियर में हर तरह के किरदार निभाए। रोमांटिक हीरो से लेकर एक्शन स्टार और संवेदनशील पारिवारिक पात्रों तक,उन्होंने हर भूमिका में अपनी अलग छाप छोड़ी। ‘शोले’ में वीरू का किरदार हो या ‘सीता और गीता’ और ‘यादों की बारात’ जैसी फिल्मों में उनकी मौजूदगी,धर्मेंद्र का अभिनय आज भी सिनेमा प्रेमियों के लिए यादगार है।
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धर्मेंद्र ने कई दशकों तक हिंदी सिनेमा में सक्रिय रहकर न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की,बल्कि अभिनय की एक ऐसी विरासत छोड़ी,जो आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों के लिए प्रेरणा बनी। उनकी फिल्मों के गीत,संवाद और दृश्य आज भी लोगों की यादों में ताजा हैं। यही वजह है कि पद्म विभूषण जैसे बड़े सम्मान से उन्हें नवाजा जाना उनके योगदान की स्वाभाविक पहचान माना जा रहा है।
अभिनय के साथ-साथ धर्मेंद्र की निजी छवि भी हमेशा लोगों के बीच चर्चा में रही। उन्हें एक जमीन से जुड़े,विनम्र और अपने सहकर्मियों के प्रति स्नेह रखने वाले इंसान के तौर पर जाना जाता था। इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने समय-समय पर यह स्वीकार किया है कि धर्मेंद्र के साथ काम करना उनके लिए एक सीखने वाला अनुभव रहा। यही मानवीय गुण उन्हें सिर्फ एक बड़ा अभिनेता नहीं,बल्कि एक प्रिय व्यक्तित्व भी बनाते हैं।
धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ रही,जिसका निर्देशन श्रीराम राघवन ने किया था। इस फिल्म को दिनेश विजन की मैडॉक फिल्म्स ने प्रोड्यूस किया और इसकी कहानी श्रीराम राघवन,अरिजीत बिस्वास और पूजा लाधा सुरती ने लिखी। फिल्म में अगस्त्य नंदा,सिमर भाटिया,जयदीप अहलावत,सिकंदर खेर,राहुल देव,विवान शाह और एकावली खन्ना जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आए। 1 जनवरी 2026 को रिलीज हुई इस फिल्म को दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली,लेकिन धर्मेंद्र की मौजूदगी को एक भावनात्मक विदाई के तौर पर देखा गया।
पद्म विभूषण से सम्मानित किए जाने की घोषणा के बाद देओल परिवार की ओर से भी आभार और सम्मान की भावना व्यक्त की गई है। यह सम्मान धर्मेंद्र के उस लंबे सफर का प्रतीक है,जिसमें उन्होंने भारतीय सिनेमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। गणतंत्र दिवस के अवसर पर मिला यह सम्मान न सिर्फ एक कलाकार को श्रद्धांजलि है,बल्कि उस दौर को भी याद करने का मौका है,जब धर्मेंद्र जैसे सितारों ने हिंदी सिनेमा को उसकी पहचान दी।
आज भले ही धर्मेंद्र हमारे बीच नहीं हैं,लेकिन उनके निभाए किरदार,उनकी मुस्कान और उनका अभिनय हमेशा सिनेमा के इतिहास में जीवित रहेंगे। पद्म विभूषण के जरिए देश ने उनके योगदान को सम्मानित कर यह साफ कर दिया है कि कला और संस्कृति में दिया गया सच्चा योगदान कभी भुलाया नहीं जाता।
