नई दिल्ली,29 जनवरी (युआईटीवी)- टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच एक नई रिपोर्ट ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही इस सस्पेंस से पर्दा उठ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक,पाकिस्तान क्रिकेट टीम सोमवार को कोलंबो के लिए रवाना होने वाली है और उससे पहले ही देश के क्रिकेट प्रमुख टूर्नामेंट में टीम की भागीदारी को लेकर अंतिम घोषणा कर सकते हैं। इस घटनाक्रम ने क्रिकेट जगत में चर्चाओं को तेज कर दिया है,क्योंकि कुछ दिन पहले तक पाकिस्तान के वर्ल्ड कप में खेलने पर सवाल खड़े हो गए थे।
सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अनिश्चितता के बावजूद पाकिस्तान टीम ने कोलंबो जाने की पूरी तैयारी कर ली है। टीम ने लाहौर से एयर लंका की फ्लाइट के जरिए ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ कोलंबो जाने की बुकिंग करा ली है। टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार,उम्मीद की जा रही है कि शुक्रवार तक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी इस मेगा इवेंट में टीम की भागीदारी को लेकर स्थिति साफ कर देंगे। बोर्ड के भीतर और सरकार के स्तर पर लगातार बैठकों का दौर जारी है,ताकि किसी भी तरह का राजनीतिक या वित्तीय नुकसान न हो।
दरअसल,पाकिस्तान की भागीदारी पर सवाल उस समय खड़े हुए थे,जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने के फैसले का विरोध किया था। आईसीसी द्वारा सुरक्षा चिंताओं के चलते बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के उस अनुरोध को खारिज कर दिया गया था,जिसमें उसने भारत के खिलाफ अपने मैच श्रीलंका में कराने की माँग की थी। इसी फैसले के विरोध में पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी ने 7 फरवरी से 8 मार्च तक होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान टीम की भागीदारी पर संदेह जताया था।
नकवी का रुख यह था कि अगर बांग्लादेश के सुरक्षा संबंधी मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया गया,तो यह टूर्नामेंट की निष्पक्षता और समानता पर सवाल खड़े करता है। इसी कारण पीसीबी ने पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर कड़ा रुख अपनाया और संकेत दिए कि जरूरत पड़ी तो टीम को वर्ल्ड कप में न भेजने का फैसला भी लिया जा सकता है। हालाँकि, इसके बाद आईसीसी,पीसीबी और पाकिस्तान सरकार के बीच लगातार बातचीत चलती रही।
इसी सिलसिले में सोमवार को मोहसिन नकवी ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। इस बैठक में वर्ल्ड कप में टीम को भेजने या न भेजने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक,प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बांग्लादेश के समर्थन में पीसीबी के रुख को सही ठहराया,लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी सलाह दी कि किसी भी स्थिति में पाकिस्तान को वर्ल्ड कप का बहिष्कार नहीं करना चाहिए। पीएम शरीफ का मानना था कि बहिष्कार की स्थिति में पाकिस्तान को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में उसकी छवि को भी धक्का लग सकता है।
प्रधानमंत्री की इस सलाह के बाद संकेत मिलने लगे हैं कि पाकिस्तान अंततः टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने का फैसला कर सकता है। यही वजह है कि टीम की यात्रा से जुड़ी तैयारियाँ तेज कर दी गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार,खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को यह संदेश दिया गया है कि वे वर्ल्ड कप में भागीदारी को लेकर सकारात्मक सोच बनाए रखें और किसी भी तरह की अनिश्चितता से प्रभावित न हों।
इस बीच पाकिस्तान की टीम घरेलू मोर्चे पर भी व्यस्त है। पाकिस्तान गुरुवार से लाहौर में शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 अंतर्राष्ट्रीय सीरीज में ऑस्ट्रेलिया का सामना कर रहा है। यह सीरीज न केवल खिलाड़ियों की फॉर्म परखने का मौका है,बल्कि वर्ल्ड कप से पहले टीम संयोजन को अंतिम रूप देने का भी अहम चरण माना जा रहा है। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट की नजर इस सीरीज के प्रदर्शन पर भी रहेगी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि खिलाड़ियों के बीच वर्ल्ड कप को लेकर उत्साह बना हुआ है। कुछ खिलाड़ी तो पहले से ही मानसिक रूप से लंबे विदेशी दौरे के लिए खुद को तैयार मान रहे हैं। खास तौर पर खैबर पख्तूनख्वा से आने वाले कुछ खिलाड़ियों ने यह सोचकर घर से अपना पूरा सामान साथ रख लिया है कि उन्हें एक महीने से अधिक समय तक देश से बाहर रहना पड़ सकता है। यह दर्शाता है कि टीम के भीतर अब भी वर्ल्ड कप में खेलने की उम्मीद मजबूत बनी हुई है।
पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर भले ही आधिकारिक घोषणा अभी बाकी हो,लेकिन हालिया घटनाक्रम यह संकेत दे रहे हैं कि टीम टी20 वर्ल्ड कप में खेलने के लिए तैयार है। अब सभी की नजरें पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी के उस बयान पर टिकी हैं,जो आने वाले दिनों में इस लंबे चले आ रहे सस्पेंस को खत्म कर सकता है। अगर पाकिस्तान की भागीदारी की पुष्टि होती है,तो यह फैसला न सिर्फ क्रिकेट के लिहाज से अहम होगा,बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की स्थिति को भी स्पष्ट करेगा।
