नई दिल्ली,27 मई (युआईटीवी)- देश के पहले प्रधानमंत्री और आधुनिक भारत की नींव रखने वाले पंडित जवाहरलाल नेहरू की 61वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 27 मई को राजधानी दिल्ली स्थित शांति वन में कांग्रेस नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी,लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी,कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने शांति वन पहुँचकर पंडित नेहरू की समाधि पर पुष्प अर्पित किए और उनके योगदान को याद किया।
पंडित नेहरू न सिर्फ भारत के पहले प्रधानमंत्री थे,बल्कि वह एक ऐसे दूरदर्शी नेता थे,जिन्होंने स्वतंत्र भारत को आधुनिक,लोकतांत्रिक और वैज्ञानिक सोच वाला राष्ट्र बनाने का सपना देखा और उसे वास्तविकता का रूप देने के लिए जीवन भर संघर्ष किया। उनके विचार,मूल्य और नीतियाँ आज भी भारत की सामाजिक,राजनीतिक और शैक्षिक संरचना की आधारशिला माने जाते हैं।
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन।
सशक्त और समावेशी भारत का सपना लिए, नेहरू जी ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व से स्वतंत्र भारत की मजबूत नींव रखी। सामाजिक न्याय, आधुनिकता, शिक्षा, संविधान और लोकतंत्र की स्थापना में उनका योगदान अमूल्य है।… pic.twitter.com/BcORSxrnQc
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 27, 2025
राहुल गांधी ने पंडित नेहरू की एक तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, “भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन। सशक्त और समावेशी भारत का सपना लिए,नेहरू ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व से स्वतंत्र भारत की मजबूत नींव रखी। सामाजिक न्याय,आधुनिकता,शिक्षा,संविधान और लोकतंत्र की स्थापना में उनका योगदान अमूल्य है। हिंद के जवाहर की विरासत और उनके आदर्श सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।”
राहुल गांधी के इस संदेश में यह स्पष्ट झलकता है कि कांग्रेस आज भी नेहरू को अपने वैचारिक और नैतिक मूल्यों का स्तंभ मानती है।
“नागरिकता, देश की सेवा में होती है”
~ पंडित जवाहरलाल नेहरू
भारत को शून्य से शिखर तक पहुँचाने वाले, आधुनिक भारत के निर्माता, लोकतंत्र के निर्भीक प्रहरी, भारत को वैज्ञानिक, आर्थिक, औद्योगिक व विभिन्न क्षेत्रों में विकासशील बनाने वाले, देश को निरंतर ‘विविधता में एकता’ का संदेश… pic.twitter.com/S31wdCFntA
— Mallikarjun Kharge (@kharge) May 27, 2025
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए पंडित नेहरू को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, “भारत को शून्य से शिखर तक पहुँचने वाले,आधुनिक भारत के निर्माता,लोकतंत्र के निर्भीक प्रहरी,भारत को वैज्ञानिक,आर्थिक,औद्योगिक व विभिन्न क्षेत्रों में विकासशील बनाने वाले,देश को निरंतर ‘विविधता में एकता’ का संदेश देने वाले,हमारे प्रेरणास्रोत,पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। उनके योगदान के बिना 21वीं सदी के भारत की कल्पना नहीं की जा सकती।”
इस संदेश में खड़गे ने नेहरू को एक ऐसे नेता के रूप में प्रस्तुत किया,जिन्होंने भारत को उसकी मूलभूत संरचनाओं के साथ भविष्य के लिए तैयार किया।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी नेहरू की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए लिखा,“देश की स्वतंत्रता से लेकर एक आधुनिक,सशक्त और प्रगतिशील भारत के निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का अतुलनीय योगदान राष्ट्र सदैव कृतज्ञता के साथ स्मरण करता रहेगा। उनकी दूरदर्शिता,विचार और राष्ट्र के प्रति समर्पित जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत है।” पायलट का यह बयान यह दर्शाता है कि युवा कांग्रेस नेताओं के लिए भी नेहरू की सोच और नीतियाँ प्रेरणादायक बनी हुई हैं।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी नेहरू को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “आधुनिक भारत के सबसे ऊँचे स्तंभों में से एक हमारे प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि। उनके अपार समर्पण और बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा,चाहे उनके विरोधी कुछ भी करें। उन्होंने जो लोकतांत्रिक,समावेशी और वैज्ञानिक सोच आधारित भारत की परिकल्पना की थी,वही आज हमारे संविधान और संस्थानों की बुनियाद है। ऐसा कोई दूसरा नेता नहीं हुआ और न होगा।” वेणुगोपाल ने अपने संदेश के माध्यम से उन आलोचकों को भी जवाब दिया,जो नेहरू की नीतियों को लेकर सवाल उठाते हैं।
पंडित नेहरू की पुण्यतिथि पर कांग्रेस पार्टी ने जिस तरह से एकजुट होकर श्रद्धांजलि अर्पित की,वह यह दिखाता है कि आज भी नेहरू की विचारधारा पार्टी की आत्मा का एक अहम हिस्सा है। चाहे सामाजिक न्याय की बात हो,शिक्षा का प्रसार,औद्योगिक विकास या विदेश नीति हर क्षेत्र में उनके सिद्धांत आज भी प्रासंगिक माने जाते हैं।
पंडित जवाहरलाल नेहरू केवल एक राजनेता नहीं थे,बल्कि वह एक विचारधारा के वाहक थे। स्वतंत्र भारत की नींव रखने वाले इस महान नेता ने लोकतंत्र को न केवल जीवित रखा,बल्कि उसे भारतीय जनमानस का अभिन्न अंग भी बना दिया। उनकी पुण्यतिथि पर कांग्रेस नेताओं द्वारा दी गई श्रद्धांजलि यह स्पष्ट करती है कि उनकी विरासत न केवल कांग्रेस पार्टी,बल्कि देश के भविष्य निर्माण के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
उनकी सोच,उनके आदर्श और उनके सिद्धांत आने वाली पीढ़ियों को हमेशा मार्गदर्शन करते रहेंगे। 21वीं सदी का भारत जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है,उसमें कहीं न कहीं पंडित नेहरू के विचारों की गूँज अब भी सुनाई देती है।
