नई दिल्ली,5 नवंबर (युआईटीवी)- अमेरिका के केंटकी राज्य में मंगलवार शाम एक भीषण विमान हादसा हुआ,जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। लुईविल मुहम्मद अली इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद यूपीएस कार्गो विमान एमडी-11 क्रैश होकर आग की लपटों में समा गया। हादसा इतना भयावह था कि विमान देखते ही देखते आग के गोले में तब्दील हो गया और उसकी लपटें आसमान तक पहुँच गईं। इस दुर्घटना में कम-से-कम चार लोगों की मौत की पुष्टि की गई है,जबकि 11 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है,जहाँ कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
संघीय उड्डयन प्रशासन (एफएए) के अनुसार,यूपीएस उड़ान संख्या 2976 मंगलवार शाम लगभग 5 बजे के बाद केंटकी के लुईविल मुहम्मद अली इंटरनेशनल एयरपोर्ट से टेकऑफ कर रही थी। विमान को होनोलूलू के डैनियल के. इनौये इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर रवाना होना था,लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद तकनीकी खराबी की वजह से विमान ने नियंत्रण खो दिया और हवाई अड्डे के समीप खुले क्षेत्र में जा गिरा।
जैसे ही विमान जमीन से टकराया,उसमें जोरदार विस्फोट हुआ और आग की भीषण लपटें उठीं। बताया जा रहा है कि विमान में लगभग 2.5 लाख गैलन फ्यूल मौजूद था,जिसकी वजह से आग बेहद तेजी से फैल गई। आसपास का इलाका तुरंत धुएँ और लपटों से भर गया। स्थानीय दमकल विभाग को आग पर काबू पाने में घंटों लग गए। घटना स्थल से उठता काला धुआँ कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था।
लुईविल एयरपोर्ट के जन सूचना अधिकारी जोनाथन बिवेन ने मीडिया को बताया कि हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है। बिवेन ने कहा, “मैं पुष्टि कर सकता हूँ कि इस दुर्घटना में चार लोगों की जान चली गई है। कम-से-कम 11 लोग घायल हुए हैं और उन्हें तत्काल इलाज के लिए स्थानीय अस्पतालों में भेजा गया है।” उन्होंने यह भी बताया कि हादसे के बाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाली सभी उड़ानें मंगलवार रात के लिए रद्द कर दी गईं हैं।
घटना के बाद संघीय उड्डयन प्रशासन (एफएए) और राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (एनटीएसबी) की टीमें मौके पर पहुँच गईं। एफएए ने बयान जारी करते हुए कहा कि दुर्घटना की प्रारंभिक जाँच में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है,लेकिन सटीक कारणों का पता लगाने के लिए एनटीएसबी विस्तृत जाँच करेगा। जाँच के दौरान विमान के ब्लैक बॉक्स और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर की खोज की जा रही है,जिससे यह पता लगाया जा सके कि टेकऑफ के बाद विमान में क्या खराबी आई।
यूपीएस एयरलाइंस की ओर से भी बयान जारी किया गया है। कंपनी ने कहा, “हम इस दुखद घटना से बेहद व्यथित हैं। हमारे विचार और प्रार्थनाएँ उन क्रू मेंबर्स और उनके परिवारों के साथ हैं,जिन्होंने इस दुर्घटना में अपनी जान गंवाई। हम एफएए और एनटीएसबी के साथ पूर्ण सहयोग कर रहे हैं,ताकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा सके।” यूपीएस ने कहा कि उनकी प्राथमिकता इस समय राहत कार्यों में मदद करना और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देना है।
दुर्घटना स्थल के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दमकल विभाग,पुलिस और बचाव दल पूरी रात मलबे को हटाने और आग बुझाने में लगे रहे। बताया जा रहा है कि विमान हवाई अड्डे से लगभग एक मील की दूरी पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। आसपास के कई घरों और इमारतों को भी आंशिक नुकसान हुआ है। हालाँकि,अधिकारियों ने बताया कि किसी स्थानीय निवासी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
स्थानीय निवासी जॉन थॉम्पसन,जो उस समय एयरपोर्ट के पास अपने घर में थे, ने बताया, “हमने एक जोरदार धमाका सुना। पूरा घर हिल गया। खिड़कियाँ तक काँपने लगीं। जब बाहर देखा तो आसमान में विशाल आग का गोला दिखाई दिया और फिर धुएँ का गुबार फैल गया।” इस घटना से स्थानीय लोग बेहद दहशत में हैं।
लुईविल के मेयर क्रेग ग्रीनबर्ग ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “यह हमारे शहर के लिए एक बहुत ही दुखद शाम है। हम अपने उन नागरिकों और क्रू मेंबर्स के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं,जिन्होंने इस हादसे में अपनी जान गंवाई। शहर प्रशासन,फायर डिपार्टमेंट और सभी एजेंसियाँ मिलकर राहत कार्यों में जुटी हैं।”
वहीं,केंटकी के गवर्नर एंडी बेशियर ने भी दुर्घटना को “दिल दहला देने वाली त्रासदी” बताया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और राहत-बचाव में हर संभव मदद दी जा रही है। गवर्नर ने बताया कि एनटीएसबी की टीम बुधवार सुबह से मौके पर विस्तृत जाँच शुरू करेगी।
हादसे के बाद मंगलवार रात से एयरपोर्ट पर सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। जन सूचना अधिकारी जोनाथन बिवेन ने यात्रियों से अपील की कि वे बुधवार और गुरुवार की अपनी उड़ानों की स्थिति जानने के लिए संबंधित एयरलाइनों से संपर्क करें।
केंटकी का लुईविल मुहम्मद अली इंटरनेशनल एयरपोर्ट अमेरिका के सबसे व्यस्त कार्गो हब्स में से एक है,जहाँ यूपीएस का प्रमुख लॉजिस्टिक सेंटर स्थित है। इस वजह से इस हादसे का असर न केवल स्थानीय,बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी पड़ सकता है।
इस विमान दुर्घटना ने एक बार फिर विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एमडी-11 विमान पुराने मॉडल का है और इसमें कई बार टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान स्थिरता से जुड़ी समस्याएँ सामने आ चुकी हैं। अब जाँच एजेंसियों के लिए यह चुनौती होगी कि वे यह पता लगाएँ कि क्या इस विमान में कोई तकनीकी खराबी पहले से थी या यह अचानक हुई दुर्घटना थी।
लुईविल के इस हादसे ने न केवल चार परिवारों की जिंदगियाँ उजाड़ दी हैं,बल्कि पूरे शहर को शोक और सदमे में डाल दिया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही हादसे की सच्चाई सामने आएगी और ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएँगे।
