केएल राहुल (तस्वीर क्रेडिट@Chirayu_Jain26)

पर्थ टेस्ट : केएल राहुल ‘विवादित’ डीआरएस कॉल आउट होने से हुए निराश

पर्थ,22 नवंबर (युआईटीवी)- भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पर्थ स्टेडियम में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का पहला मैच आज से खेला जा रहा है। पर्थ स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया खिलाफ पहले टेस्ट मैच में भारतीय ओपनर केएल राहुल का आउट होना विवाद का विषय बन गया। 23वें ओवर में मिचेल स्टार्क की गेंद पर राहुल ने डिफेंड करने की कोशिश की,लेकिन गेंद विकेटकीपर के पास चली गई। मैदानी अंपायर ने उन्हें नॉट आउट दिया। हालाँकि,ऑस्ट्रेलियाई टीम ने डीआरएस (डिसीजन रिव्यू सिस्टम) का सहारा लिया, क्योंकि उन्हें लगा कि गेंद राहुल के बल्ले का किनारा लेकर गई थी।

थर्ड अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ ने रिव्यू में अल्ट्रा-एज तकनीक के जरिए देखा कि गेंद के पास आने पर एक स्पाइक नजर आ रहा था। इसके आधार पर उन्होंने माना कि गेंद ने बल्ले का किनारा छुआ है। हालाँकि,फुटेज में यह भी दिखा कि बल्ला और पैड आपस में टकरा सकते थे,जिससे स्पाइक का कारण स्पष्ट नहीं था।

थर्ड अंपायर ने फ्रंट-ऑन एंगल की माँग की,लेकिन उन्हें यह उपलब्ध नहीं कराया गया। मजबूरी में उन्हें पीछे से मिले अधूरे एंगल के आधार पर फैसला करना पड़ा और राहुल को आउट करार दिया गया। इस फैसले से राहुल और भारतीय टीम दोनों हैरान रह गए। राहुल ने 74 गेंदों में 26 रन बनाए थे और आउट होने के बाद ड्रेसिंग रूम जाते समय निराशा जताई।

थर्ड अंपायर के इस फैसले पर कमेंटेटर भी चकित रह गए। कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने भी इस विवादित निर्णय पर अपनी राय दी,जिसमें रवि शास्त्री (पूर्व भारतीय कोच) ने कहा, “मैदानी अंपायर का फैसला पलटने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं थे। राहुल बदकिस्मत रहे।” वहीं,केरी ओ’कीफ (ऑस्ट्रेलिया के पूर्व गेंदबाज) ने इस फैसले पर सहमति जताई और कहा कि हो सकता है स्पाइक बल्ला और पैड के टकराने की वजह से आया हो। चैनल 7 पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर मैथ्यू हेडन ने कहा कि गेंद गुजरते समय बल्ला और पैड एक साथ नहीं थे और स्निको द्वारा पकड़ी गई आवाज शायद बल्ला और पैड के टकराने की थी। अंतर्राष्ट्रीय अंपायर साइमन टॉफेल ने थर्ड अंपायर का बचाव किया और कहा कि, “उन्होंने सही निर्णय लेने की कोशिश की, लेकिन सभी कैमरा एंगल उपलब्ध नहीं थे। साइड-ऑन एंगल में बल्ला पैड से दूर था, और आरटीएस पर पहली आवाज बल्ले और गेंद की टकराहट की थी।” उन्होंने यह भी माना कि यदि और स्पष्ट फुटेज उपलब्ध होता,तो दूसरी आवाज (बल्ला-पैड की) को बेहतर तरीके से समझा जा सकता था।

केएल राहुल का यह विवादित आउट होना क्रिकेट में तकनीकी सहायता के उपयोग पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हॉट स्पॉट तकनीक की अनुपस्थिति और अधूरे कैमरा एंगल के कारण थर्ड अंपायर को निर्णय लेने में कठिनाई हुई।

इस घटना ने न केवल राहुल की निराशा बढ़ाई,बल्कि क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच भी बहस का मुद्दा बन गया। तकनीकी उपकरणों के उपयोग के बावजूद, क्रिकेट में सही निर्णय लेने के लिए अधिक स्पष्टता और बेहतर प्रौद्योगिकी की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।