प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@RitamVarta)

ईद पर पीएम मोदी ने कतर के अमीर से की बातचीत,पश्चिम एशिया तनाव के बीच ऊर्जा सुरक्षा और शांति पर जोर

नई दिल्ली,20 मार्च (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईद के अवसर पर कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से टेलीफोन पर बातचीत कर उन्हें और कतर की जनता को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है,जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा बुनियादी ढाँचे पर हमलों को लेकर वैश्विक चिंता गहराती जा रही है। इस संवाद के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती को दोहराया और क्षेत्रीय स्थिरता की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने अपने “भाई” शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बात की और उन्हें ईद की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने अपने संदेश में यह भी कहा कि भारत कतर के साथ एकजुटता से खड़ा है और क्षेत्र में ऊर्जा बुनियादी ढाँचे पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करता है। पीएम मोदी ने इन हमलों को वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया और इस मुद्दे पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिंता को रेखांकित किया।

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है,जब पश्चिम एशिया में इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। हाल के दिनों में ऊर्जा प्रतिष्ठानों और बुनियादी ढाँचे पर हुए हमलों ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है,जिससे तेल और गैस की आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में भारत जैसे ऊर्जा आयात पर निर्भर देश के लिए यह स्थिति विशेष चिंता का विषय है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में होर्मुज जलडमरूमध्य का भी उल्लेख किया,जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक अहम मार्ग है। उन्होंने कहा कि भारत इस जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध आवागमन का समर्थन करता है। यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विश्व के एक बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी मार्ग से होकर गुजरता है और यहाँ किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कतर में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और उनके प्रति कतर सरकार द्वारा किए जा रहे सहयोग की सराहना भी की। कतर में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक कार्यरत हैं,जो वहाँ के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में भारत के लिए उनके हितों और सुरक्षा का मुद्दा प्राथमिकता पर रहता है। पीएम मोदी ने इस बात के लिए कतर सरकार का आभार व्यक्त किया कि वह भारतीय समुदाय की देखभाल और उनके कल्याण के लिए लगातार प्रयासरत है।

भारत और कतर के बीच संबंध लंबे समय से मजबूत और बहुआयामी रहे हैं। ऊर्जा,व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। हाल के वर्षों में इन संबंधों में और मजबूती आई है,जिसका प्रतिबिंब इस तरह की उच्चस्तरीय बातचीत में भी देखने को मिलता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने केवल कतर ही नहीं,बल्कि हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र के अन्य प्रमुख नेताओं से भी बातचीत की है। इनमें शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान,सुल्तान हैथम बिन तारिक और कुवैत के क्राउन प्रिंस शामिल हैं। इन सभी वार्ताओं में क्षेत्रीय शांति,स्थिरता और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया गया है। भारत का यह रुख स्पष्ट करता है कि वह पश्चिम एशिया में किसी भी प्रकार के संघर्ष के बजाय संवाद और सहयोग के माध्यम से समाधान चाहता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में भारत की यह सक्रिय कूटनीति उसकी विदेश नीति की परिपक्वता को दर्शाती है। एक ओर जहाँ भारत अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों की रक्षा कर रहा है,वहीं दूसरी ओर वह अंतर्राष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी और कतर के अमीर के बीच हुई यह बातचीत केवल ईद की शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रही,बल्कि इसमें क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर गंभीर चर्चा भी हुई। यह संवाद इस बात का संकेत है कि भारत पश्चिम एशिया में शांति,स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कितना सजग है और इन मुद्दों पर अपने साझेदार देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।