वाराणसी से पीएम मोदी ने दिखाई चार वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी (तस्वीर क्रेडिट@Indian_567)

वाराणसी से पीएम मोदी ने दिखाई चार वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी,बनारस-खजुराहो रूट से बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन

वाराणसी,8 नवंबर (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बनारस रेलवे स्टेशन पर आयोजित भव्य समारोह में इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री के हरी झंडी दिखाते ही पूरे स्टेशन पर ‘हर हर महादेव’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयकारे गूँज उठे। यात्रियों और काशीवासियों ने पुष्पवर्षा कर प्रधानमंत्री का स्वागत किया,जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह फूल बरसाकर इस ऐतिहासिक पल को यादगार बना दिया।

शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी ने जिन चार वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई,उनमें बनारस–खजुराहो,लखनऊ–सहारनपुर,फिरोजपुर–दिल्ली और एर्नाकुलम–बेंगलुरु रूट की ट्रेनें शामिल हैं। इन नई ट्रेनों के शुरू होने से देश के विभिन्न हिस्सों में न केवल यात्रियों को तेज़ और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा,बल्कि धार्मिक,सांस्कृतिक और व्यावसायिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। विशेष रूप से बनारस से खजुराहो जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण काफी खास माना जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रेन में यात्रा करने वाले स्कूली बच्चों से भी संवाद किया। बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रधानमंत्री का स्वागत किया और उनसे अपनी पढ़ाई तथा आकांक्षाओं के बारे में चर्चा की। मोदी ने बच्चों को मेहनत और ईमानदारी से देश की सेवा करने का संदेश दिया। इस दौरान स्टेशन पर उमड़ी भीड़ ने प्रधानमंत्री का जोश और आत्मीयता से स्वागत किया।

प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार की शाम दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुँचे थे। उनका विशेष विमान लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट,बाबतपुर पर शाम पाँच बजे उतरा, जहाँ से वे सड़क मार्ग से बीएलडब्ल्यू (बनारस लोकोमोटिव वर्क्स) स्थित गेस्ट हाउस के लिए रवाना हुए। रास्ते में हरहुआ,गिलट बाजार,जेपी मेहता,फुलवरिया फ्लाईओवर और बरेका जैसे स्थानों पर स्थानीय नागरिकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने भी वाहन से हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन किया।

बनारस–खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस को विशेष महत्व इसलिए भी दिया जा रहा है क्योंकि यह मार्ग देश के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को आपस में जोड़ता है। यह ट्रेन वाराणसी,प्रयागराज,चित्रकूट और खजुराहो जैसे तीर्थस्थलों से होकर गुजरेगी,जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक ही यात्रा में कई पवित्र स्थानों के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। यह ट्रेन न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी,बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी योगदान देगी।

जानकारों के अनुसार,बनारस–खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस का अंकज्योतिषीय मूलांक 8 है,जिसे भारतीय परंपरा में समृद्धि और प्रगति का प्रतीक माना जाता है। आध्यात्मिक दृष्टि से भी यह ट्रेन खास मानी जा रही है,क्योंकि यह दो ऐतिहासिक और पवित्र नगरों—काशी और खजुराहो को जोड़ती है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे ‘भारत की सांस्कृतिक आत्मा को जोड़ने वाली रेल सेवा’ बताया।

यह नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए स्वचालित दरवाजे,जीपीएस आधारित सूचना प्रणाली,वाई-फाई,आधुनिक बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं। रेलवे मंत्रालय के अनुसार,यह ट्रेन वर्तमान में चल रही ट्रेनों की तुलना में लगभग 2 घंटे 40 मिनट का समय बचाएगी। यात्रियों को तेज़,आरामदायक और आधुनिक यात्रा का अनुभव मिलेगा।

कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “वंदे भारत ट्रेनें भारत की आत्मनिर्भरता,आधुनिकता और नई ऊर्जा का प्रतीक हैं। जब भारत की ट्रेनें तेजी से आगे बढ़ती हैं,तो देश का विकास भी उतनी ही गति से होता है।” उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश के विकास इंजन का अहम हिस्सा बन चुका है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में अधोसंरचना के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन हुआ है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस अवसर पर कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी ने देश को नई दिशा दी है। आज यूपी के हर जिले को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। वाराणसी से खजुराहो तक वंदे भारत का संचालन धार्मिक,सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से प्रदेश के लिए ऐतिहासिक कदम है।”

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि “वंदे भारत ट्रेनों की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए सरकार जल्द ही इनकी संख्या दोगुनी करेगी। आने वाले वर्षों में भारत के हर राज्य को वंदे भारत ट्रेनों से जोड़ा जाएगा।”

वाराणसी स्टेशन पर लोगों में उत्साह का माहौल था। हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक,स्कूली बच्चे,व्यापारी और श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। बनारस में यह आयोजन केवल एक ट्रेन के उद्घाटन का नहीं,बल्कि भारत की प्रगति और तकनीकी आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

चार नई वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत के साथ भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री मोदी की पहल से शुरू हुई वंदे भारत श्रृंखला अब देश के हर कोने को जोड़ने की दिशा में निरंतर अग्रसर है और यह दिन इस यात्रा का एक गौरवशाली अध्याय बन गया है।