वेटिकन सिटी,24 फरवरी (युआईटीवी)- पोप फ्रांसिस की हालत इन दिनों काफी गंभीर बनी हुई है। हाल ही में वेटिकन ने यह जानकारी दी कि उनके स्वास्थ्य में गिरावट आई है और कुछ रक्त परीक्षणों से यह पता चला है कि उनकी किडनी में गड़बड़ी हो गई है। हालाँकि,इस समस्या के बावजूद,पोप ने रविवार को प्रार्थना सभा में भाग लिया,जो उनकी इच्छाशक्ति और धार्मिक आस्था को दर्शाता है। पोप फ्रांसिस (88 वर्ष) वर्तमान में निमोनिया और फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रहे हैं। इन संक्रमणों के कारण उनकी स्थिति नाजुक हो गई है और रक्त परीक्षणों से पता चला कि उनकी किडनी भी प्रभावित हुई है, हालाँकि डॉक्टरों ने कहा है कि यह स्थिति नियंत्रण में है।
शनिवार को डॉक्टरों ने बताया कि पोप के प्लेटलेट काउंट में कमी आई थी,जो एक गंभीर स्वास्थ्य संकेत हो सकता है। प्लेटलेट्स का कम होना खून के थक्के बनने की प्रक्रिया में बाधा डाल सकता है और इससे खून बहने का खतरा बढ़ सकता है। इसके बाद,पोप को रक्त चढ़ाया गया,ताकि थक्के बनने की प्रक्रिया को सामान्य किया जा सके। चिकित्सकों के अनुसार,पोप को दवा भी दी जा रही है,ताकि उनके स्वास्थ्य में सुधार हो सके।
इससे पहले,वेटिकन ने यह भी बताया था कि पोप को सांस संबंधी समस्याएँ हो रही थीं और उन्हें रक्त चढ़ाए जाने के बाद अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता थी। उनके फेफड़ों में संक्रमण के कारण उनकी श्वसन क्षमता प्रभावित हो रही थी और उन्हें ऑक्सीजन की अधिक मात्रा दी जा रही थी। डॉक्टरों के अनुसार,पोप फ्रांसिस को फेफड़ों के संक्रमण से जुड़ी जटिलताएँ उत्पन्न हो रही हैं,जो उनकी स्थिति को और भी गंभीर बना सकती हैं। इसके बावजूद,पोप की मानसिक स्थिति ठीक है और वह होश में हैं।
वेटिकन के प्रवक्ता माटेओ ब्रूनी ने इस बारे में एक बयान जारी किया,जिसमें कहा गया कि पोप रात को शांति से सोए,उनकी रात शांति से गुजरी और उन्हें आराम मिली। हालाँकि, बयान में यह जानकारी नहीं दी गई कि पोप बिस्तर से उठे थे या उन्होंने सुबह का नाश्ता किया था। चिकित्सकों के अनुसार,पोप फ्रांसिस की स्थिति गंभीर है,लेकिन वह पूरी तरह से होश में हैं और उनके लिए अतिरिक्त ऑक्सीजन दी जा रही है।
यह ध्यान देने योग्य है कि पोप के फेफड़े पहले से ही कमजोर थे,क्योंकि उनके युवा अवस्था में एक फेफड़े का हिस्सा निकाल दिया गया था। इस कारण,उनकी श्वसन प्रणाली पहले ही कमजोर हो चुकी थी और अब निमोनिया और फेफड़ों के संक्रमण ने उनकी स्थिति को और भी जटिल बना दिया है। चिकित्सकों का कहना है कि पोप को श्वसन संकट का सामना करना पड़ रहा है,जो दमा से संबंधित हो सकता है। यह भी कहा गया कि पोप के सामने सबसे बड़ा खतरा संक्रमण से संबंधित जटिलताओं का है।
चिकित्सकों ने यह भी चेतावनी दी है कि पोप फ्रांसिस के लिए मुख्य खतरा सेप्सिस का हो सकता है,जो रक्त का एक गंभीर संक्रमण है। यह संक्रमण निमोनिया से जुड़ी जटिलताओं के कारण उत्पन्न हो सकता है और शरीर के अन्य अंगों को प्रभावित कर सकता है। सेप्सिस की स्थिति में शरीर की इम्यून सिस्टम पर भारी दबाव पड़ता है, और यह जीवन के लिए खतरे की स्थिति बन सकती है। इसलिए चिकित्सकों ने सतर्क रहने की सलाह दी है और पोप की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पोप को पहले 14 फरवरी को ब्रोंकाइटिस (गले और श्वसन नलिका में सूजन) के कारण रोम के जेमेली अस्पताल में भर्ती किया गया था। इसके बाद से उनकी स्थिति लगातार निगरानी में रही है। डॉक्टरों ने यह भी कहा था कि पोप की उम्र,उनकी शारीरिक कमजोरी और फेफड़ों की पुरानी बीमारी के कारण उनकी स्थिति गंभीर है। पोप फ्रांसिस का स्वास्थ्य हाल के दिनों में लगातार चर्चा का विषय रहा है और पूरी दुनिया उनकी बेहतर स्वास्थ्य की कामना कर रही है।
वेटिकन की ओर से जारी की गई अद्यतन जानकारी में कहा गया कि पोप के स्वास्थ्य में सुधार के संकेत मिल रहे हैं,लेकिन उनकी स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। पोप को विशेष देखभाल और उपचार की आवश्यकता है और डॉक्टरों द्वारा उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है। वेटिकन के प्रवक्ता ने बताया कि पोप की हालत में कोई भी गंभीर परिवर्तन होने पर तत्काल जानकारी दी जाएगी।
इस समय,पोप फ्रांसिस का स्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है,क्योंकि वह केवल कैथोलिक चर्च के प्रमुख नहीं हैं,बल्कि उनकी उपस्थिति और दिशा-निर्देश पूरी दुनिया में करोड़ों लोगों के लिए मार्गदर्शन का स्रोत हैं। पोप की धार्मिक भूमिका और कार्यक्षमता के कारण,उनके स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है और उनकी शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
समग्र रूप से,पोप फ्रांसिस की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है,लेकिन वेटिकन ने स्पष्ट किया है कि वह पूरी तरह से चिकित्सा देखरेख में हैं और उनकी स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। आगे आने वाले दिनों में उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अधिक जानकारी मिल सकती है और दुनिया भर के लोग उनके स्वास्थ्य के बारे में चिंतित हैं।

