डोनाल्ड ट्रंप (तस्वीर क्रेडिट@KraantiKumar)

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया

लॉस एंजेल्स,28 नवंबर (युआईटीवी)- अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी मैनुअल तामायो-टोरेस को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी हाल ही में हुई घटनाओं के बाद हुई,जब आरोपी ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो पोस्ट किए,जिनमें उसने ट्रंप और उनके परिवार के खिलाफ गंभीर धमकियाँ दी थीं।

तामायो-टोरेस ने फेसबुक पर कई वीडियो पोस्ट किए थे,जिनमें वह हथियारों के साथ दिख रहा था। एक वीडियो में वह सफेद रंग की एआर-15 राइफल पकड़े हुए दिखाई दिया,जिसमें 30 राउंड की मैगजीन लगी थी। वीडियो में उसने स्पष्ट रूप से धमकी दी कि ट्रंप और उनके परिवार के सदस्यों की मौत निश्चित है। उसने कहा, “तुम मरने वाले हो,तुम्हारा बेटा मरने वाला है और तुम्हारा पूरा परिवार खत्म होने वाला है। यह तुम्हारे भविष्य की सच्चाई है।”

अदालती दस्तावेजों में ट्रंप का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया था,बल्कि उन्हें “व्यक्ति 1” के रूप में संदर्भित किया गया। यह तरीका आमतौर पर सार्वजनिक व्यक्तियों,विशेषकर पूर्व या नव-निर्वाचित राष्ट्रपतियों के लिए उपयोग किया जाता है।

दस्तावेजों के अनुसार,तामायो-टोरेस ने न केवल धमकियाँ दीं,बल्कि उसने ट्रंप पर अपने बच्चों के अपहरण और तस्करी का आरोप भी लगाया। हालाँकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि तामायो-टोरेस के वास्तव में बच्चे थे या नहीं।

तामायो-टोरेस पर नवनिर्वाचित राष्ट्रपति को धमकाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही,उसके खिलाफ बंदूक खरीदने के दौरान झूठे बयान देने के चार आरोप भी लगाए गए हैं। इन सभी आरोपों के कारण उसकी गिरफ्तारी सैन डिएगो के पास से हुई, जहाँ से वह भागने की कोशिश कर रहा था।

यह मामला एरिजोना में दर्ज किया गया है, जहाँ तामायो-टोरेस के खिलाफ जाँच चल रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार,आरोपी ने सोशल मीडिया पर अपनी धमकियों के माध्यम से राष्ट्रपति और उनके परिवार को निशाना बनाया। इसने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया और तामायो-टोरेस को गिरफ्तार करने के लिए अभियान चलाया गया।

यह मामला न केवल सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है,बल्कि यह भी दर्शाता है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई सामग्री का क्या प्रभाव हो सकता है। तामायो-टोरेस के खिलाफ आरोप गंभीर हैं और इन पर कानूनी कार्रवाई जारी है।

यह घटना बताती है कि सार्वजनिक हस्तियों के खिलाफ इस तरह की धमकियाँ सुरक्षा के लिए कितनी चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। साथ ही यह सोशल मीडिया के दुरुपयोग और हथियारों की अवैध खरीद के प्रति चेतावनी भी देती है।