प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास [चित्र साभार Avishek Goyal @AG_knocks (x) ]

फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास के साथ पीएम नरेंद्र मोदी ने मुलाकात कर गाजा संकट पर गहरी चिंता जताई

न्यूयॉर्क,23 सितंबर (युआईटीवी)- फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूयॉर्क में द्विपक्षीय मुलाकात की। राष्ट्रपति महमूद अब्बास के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने गाजा संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की। गाजा क्षेत्र में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति तथा वहाँ उभर रहे मानवीय संकट पर उन्होंने गहरी चिंता जताई है।

फिलिस्तीन के लोगों को पीएम मोदी ने भारत के ओर से निरंतर मानवीय सहायता प्रदान करने के अटूट समर्थन की पुष्टि की। इजरायल-फिलिस्तीन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की समय-परीक्षित सैद्धांतिक स्थिति को दोहराया और युद्ध विराम,बातचीत,बंधकों की रिहाई तथा कूटनीति के रास्ते पर लौटने का भी उन्होंने आह्वान किया।

बैठक के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि,फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से न्यूयॉर्क में मुलाकात की। भारत के द्वारा क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता को जल्द बहाल करने के समर्थन को दोहराया गया। राष्ट्रपति महमूद अब्बास के साथ फिलिस्तीन के लोगों के साथ दीर्घकालिक मित्रता को और अधिक मजबूती प्रदान करने के विचारों का आदान-प्रदान किया।

क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता स्थापित करने पर प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सिर्फ दो-राष्ट्र समाधान ही प्रदान कर सकता है। प्रधानमंत्री ने याद दिलाते हुए कहा कि फिलिस्तीन को मान्यता देने वाले पहले देशों में से एक भारत था। उन्होंने भारत के द्वारा संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन की सदस्यता के लिए किए जाने वाले निरंतर समर्थन की बात कही।

भारत-फिलिस्तीन के द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर दोनों देशों के नेताओं ने विचार-विमर्श किया। इस चर्चा में फिलिस्तीन को संयुक्त राष्ट्र में भारत का समर्थन,फिलिस्तीन को शिक्षा,स्वास्थ्य और अन्य क्षमता निर्माण प्रयासों के क्षेत्र में दिया जाने वाला सहायता और समर्थन शामिल था।

भारत-फिलिस्तीन के मध्य के द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक गहरा करने के लिए दोनों देशों के नेताओं ने अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।