नई दिल्ली,24 जून (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल्ली सरकार के सभी मंत्रियों ने खत लिख कर जल संकट पर हस्तक्षेप करने की माँग की,ताकि इस जल संकट को दूर किया जा सके। सोमवार को दिल्ली सरकार के सभी मंत्रियों ने आतिशी के अनशन स्थल पर एक मीटिंग की। सभी ने दिल्ली को उनके हक का पानी दिए जाने की माँग की है। प्रधानमंत्री को सभी मंत्रियों ने अपने हस्ताक्षर किए हुए पत्र को भेजने का निर्णय लिया,ताकि इस मामले में प्रधानमंत्री हस्तक्षेप कर जल संकट को दूर कर सकें।
साथ ही इस बैठक में प्रस्ताव लाया गया कि सभी के सामने स्थिति को स्पष्ट करने के लिए एलजी के साथ दिल्ली सरकार के सभी मंत्री वजीराबाद बैराज पर एक संयुक्त दौरा करेंगे।
इस बैठक के बारे में आम आदमी पार्टी के नेता और मंत्री गोपाल राय ने बताया कि सोमवार को आतिशी के अनशन स्थल पर यह अहम बैठक की गई और इस दौरान इस बात पर चर्चा हुई कि दिल्ली को जो पानी 30 साल पहले मिल रहा था, वही पानी 30 साल बाद भी मिल रहा है,अभी के समय में दिल्ली की आबादी पहले की तुलना में 3 गुना से अधिक हो गई है।
मंत्री गोपाल राय के अनुसार,30 साल पहले दिल्ली के लिए 1000 एमजीडी पानी दिया जाना तय हुआ था और अभी भी लगभग वही पानी मिल रहा है। गर्मियों में जब पानी की माँग बढ़ जाती है,तो उसमें भी कटौती कर दी जाती है। रोजाना 100 एमजीडी पानी कम मिलने के चलते दिल्ली वालों को लगभग 46 करोड़ लीटर पानी कम मिल रहा है,जिससे दिल्ली की लगभग 28 लाख जनता पानी के लिए तरस रही है।
प्रधानमंत्री पर गोपाल राय ने आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली के जल संकट पर प्रधानमंत्री भी पूरे तरीके से मौन हैं। केंद्र और हरियाणा दोनों जगह डबल इंजन की सरकार है,लेकिन फिर भी इसे सुलझाने के लिए वे किसी प्रकार का कोई हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं।
गोपाल राय ने बताया कि केंद्रीय जल मंत्री,एलजी इत्यादि समेत सभी लोगों से आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्री इससे पहले भी मुलाकात और बातचीत कर चुके हैं। लेकिन जल संकट का अभी तक कोई भी समाधान निकलता दिखाई नहीं दे रहा है।
गोपाल राय ने कहा कि दो महत्वपूर्ण एजेंडा आज की मीटिंग में रखा गया और उस पर चर्चा हुई। उनके अनुसार प्रधानमंत्री के नाम पर दिल्ली के मंत्रियों का हस्ताक्षर किया हुआ एक पत्र लिखा गया है और इस पत्र को प्रधानमंत्री को भेजा जा रहा है,ताकि वह दिल्ली सरकार को इस जल संकट को दूर करने में मदद करें।
दूसरे प्रस्ताव पर गोपाल राय ने बताया कि वजीराबाद पुल और मुनक नहर का दिल्ली सरकार के सभी मंत्रियों और अधिकारियों के साथ दिल्ली के एलजी एक साथ दौरा करें। जिससे यह स्पष्ट होगी कि हरियाणा सरकार जो कह रही है, वह कर रही है या नहीं। हरियाणा से कितना पानी आया है और कितना पानी पहुँचा है,उसका रजिस्टर लगातार मेंटेन होता है,उसे भी जाँच किया सकता है।

