नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (तस्वीर क्रेडिट@XGuruManoj)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन,बनेगा भारत की कनेक्टिविटी का नया केंद्र

मुंबई,7 अक्टूबर (युआईटीवी)- भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई जल्द ही देश के सबसे आधुनिक और विश्वस्तरीय हवाई अड्डों में से एक की सौगात पाने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 अक्टूबर को नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर विकास गाथा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है,जो देश की हवाई यातायात क्षमता को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी। यह हवाई अड्डा न केवल मुंबई बल्कि पूरे पश्चिमी भारत के लिए एक रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहा है।

नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा एक पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर तैयार किया गया है। इस परियोजना में मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल),जो अदाणी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स लिमिटेड की सहायक कंपनी है,की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी है,जबकि महाराष्ट्र नगर एवं औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (सीआईडीसीओ) की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस परियोजना को अदाणी समूह के नेतृत्व में आधुनिकतम तकनीकों और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है।

यह हवाई अड्डा छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाद मुंबई का दूसरा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने हाल ही में इसे परिचालन शुरू करने के लिए आधिकारिक लाइसेंस प्रदान किया है, जिससे उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। इस हवाई अड्डे का निर्माण आधुनिकता,दक्षता और पर्यावरणीय स्थिरता के संयोजन के साथ किया गया है,ताकि यात्रियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।

नवी मुंबई हवाई अड्डे में 3,700 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है,जो बड़े व्यावसायिक विमानों (लार्ज कमर्शियल एयरक्राफ्ट) को हैंडल करने में सक्षम होगा। इसके साथ ही एक अत्याधुनिक यात्री टर्मिनल और एडवांस्ड एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम स्थापित किया गया है। हवाई अड्डे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह तकनीक, सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा तीनों दृष्टियों से पूरी तरह उन्नत हो।

परियोजना के पहले चरण के पूरा होने के बाद,यह हवाई अड्डा हर साल लगभग 2 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा। मुंबई महानगर क्षेत्र में बढ़ती हवाई यातायात की माँग को ध्यान में रखते हुए,यह नया हवाई अड्डा मौजूदा छत्रपति शिवाजी महाराज हवाई अड्डे पर पड़ने वाले दबाव को काफी हद तक कम करेगा। इसके साथ ही यह भारत की वैश्विक कनेक्टिविटी को भी और मजबूत करेगा,जिससे व्यापार,पर्यटन और निवेश के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

भौगोलिक दृष्टि से भी नवी मुंबई हवाई अड्डे का स्थान अत्यंत रणनीतिक है। यह जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) से मात्र 14 किलोमीटर दूर स्थित है,जो देश का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह है। इसके अलावा,यह महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमआईडीसी) के तलोजा औद्योगिक क्षेत्र से 22 किलोमीटर,मुंबई पोर्ट ट्रस्ट से 35 किलोमीटर (मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक के माध्यम से), ठाणे से 32 किलोमीटर और भिवंडी से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर है। इन औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों की निकटता इस हवाई अड्डे को लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बना देगी।

कई एयरलाइनों ने पहले ही नवी मुंबई हवाई अड्डे से उड़ान संचालन की योजना की घोषणा कर दी है। इनमें इंडिगो,अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी प्रमुख घरेलू एयरलाइंस शामिल हैं,जो प्रारंभिक चरण में विभिन्न भारतीय शहरों के लिए उड़ानें संचालित करेंगी। आने वाले समय में यहाँ से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का भी विस्तार किया जाएगा।

कार्गो संचालन के मामले में भी नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। इसमें प्रतिवर्ष 5 लाख मीट्रिक टन की क्षमता वाला एक फुली ऑटोमेटेड कार्गो टर्मिनल बनाया गया है,जिसमें सेमी-ऑटो मटेरियल हैंडलिंग सिस्टम (एमएचएस),100 प्रतिशत शिपमेंट ट्रैकिंग,ट्रक मैनेजमेंट सिस्टम और कार्गो कम्युनिटी सिस्टम जैसी तकनीकें शामिल हैं। यह सुविधा पूरी तरह कैशलेस और पेपरलेस संचालन के लिए डिजाइन की गई है,जिससे दक्षता और पारदर्शिता में वृद्धि होगी।

नवी मुंबई हवाई अड्डा कुल 1,160 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है,जो मौजूदा छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से लगभग दोगुना बड़ा है। परियोजना को कई चरणों में विकसित किया जा रहा है। जब यह पूरी तरह से तैयार हो जाएगा,तब इसकी कुल यात्री क्षमता 9 करोड़ प्रति वर्ष तक पहुँच जाएगी,जबकि कार्गो हैंडलिंग क्षमता 32 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष से अधिक होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन के साथ ही नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत के उड्डयन इतिहास में एक नई उड़ान का प्रतीक बनेगा। यह न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के लिए आर्थिक विकास,रोजगार सृजन और अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक अवसरों का द्वार खोलने वाला साबित होगा। इस परियोजना के माध्यम से भारत “विकसित भारत” के अपने लक्ष्य की दिशा में एक और ठोस कदम बढ़ाने जा रहा है।