मुंबई,22 फरवरी (युआईटीवी)- मराठा साम्राज्य और उसके गौरवमयी इतिहास पर आधारित फिल्म ‘छावा’ ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता प्राप्त की है,बल्कि इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सराहना मिली है। यह फिल्म अब तक 200 करोड़ से अधिक का कलेक्शन कर चुकी है और इसका हर कोई दिल से स्वागत कर रहा है। फिल्म को लेकर पूरे देश में चर्चा हो रही है और इसे प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपनी सराहना दी,जिसके बाद फिल्म की टीम और अभिनेता विक्की कौशल ने आभार व्यक्त किया।
‘छावा’ फिल्म को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन बहुत ही खास और महत्वपूर्ण है। विक्की कौशल,जिन्होंने फिल्म में छत्रपति संभाजी महाराज की भूमिका निभाई है,प्रधानमंत्री मोदी के सराहना के शब्दों को एक ऐतिहासिक सम्मान मानते हैं। विक्की कौशल ने पीएम मोदी का आभार व्यक्त करते हुए इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया,जिसमें उन्होंने लिखा, “शब्दों से परे सम्मान! पीएम नरेंद्र मोदी आपका आभार।” विक्की का यह संदेश उनके आंतरिक सम्मान और गर्व को दर्शाता है कि पीएम मोदी ने उनकी फिल्म और फिल्म के माध्यम से छत्रपति संभाजी महाराज की वीरता और बलिदान को सराहा।
इसके अलावा,इस फिल्म के प्रोड्यूसर मैडॉक फिल्म्स ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। मैडॉक फिल्म्स ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कहा, “एक ऐतिहासिक सम्मान! यह गर्व का एक बड़ा क्षण है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘छावा’ की सराहना की और छत्रपति संभाजी महाराज के बलिदान और विरासत का सम्मान किया। यह क्षण हमें कृतज्ञता से भर देता है।” इस संदेश से फिल्म की पूरी टीम के लिए यह क्षण बहुत ही खास बन गया है और यह उनके कठिन प्रयासों और समर्पण का परिणाम है।
A historic honour!
It is a great moment of pride as Honorable Prime Minister Shri @narendramodi ji applauds Chhaava and honours Chhatrapati Sambhaji Maharaj’s sacrifice and legacy.This moment fills us with immense gratitude. @MaddockFilms, #DineshVijan, @Laxman10072,… pic.twitter.com/ROTBjndnPH
— Maddockfilms (@MaddockFilms) February 21, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में 98वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन का उद्घाटन किया था और इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने फिल्म ‘छावा’ की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “इन दिनों ‘छावा’ की धूम मची हुई है ” और इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि महाराष्ट्र और मुंबई ने न केवल मराठी सिनेमा को नई ऊँचाई दी है,बल्कि हिंदी सिनेमा को भी अपनी पहचान दिलाई है। उन्होंने इस दौरान फिल्म ‘छावा’ में छत्रपति संभाजी महाराज की वीरता का उल्लेख किया और कहा कि शिवाजी सावंत के मराठी उपन्यास के माध्यम से संभाजी महाराज की वीरता का परिचय मिलता है।
इस प्रकार,प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान फिल्म ‘छावा’ के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और यह दर्शाता है कि फिल्म ने न केवल देशवासियों के दिलों में जगह बनाई है, बल्कि इसे एक ऐतिहासिक महत्व के रूप में भी देखा जा रहा है। फिल्म की सफलता और प्रधानमंत्री मोदी की सराहना ने इसे और भी प्रासंगिक बना दिया है।
‘छावा’ फिल्म का निर्देशन लक्ष्मण उतेकर ने किया है और इसमें विक्की कौशल ने छत्रपति संभाजी महाराज की भूमिका निभाई है। फिल्म में रश्मिका मंदाना ने महारानी येसुबाई,अक्षय खन्ना ने औरंगजेब,डायना पेंटी ने जीनत-उन-निसा बेगम, आशुतोष राणा ने हम्बीराव मोहिते और दिव्या दत्ता ने सोयराबाई की भूमिका निभाई है। यह फिल्म छत्रपति संभाजी महाराज के संघर्ष,वीरता और उनकी बलिदान की कहानी को बड़े पर्दे पर लाती है,जो दर्शकों को प्रेरित करती है।
फिल्म ‘छावा’ 14 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और इसके बाद से यह दर्शकों के दिलों में जगह बनाने में सफल रही है। फिल्म का कलेक्शन 200 करोड़ से ऊपर पहुँच चुका है,जो कि एक बड़ी उपलब्धि है। फिल्म की कहानी,निर्देशन और अभिनय ने इसे एक सफल फिल्म बना दिया है और यह दर्शकों से लेकर समीक्षकों तक सभी से सराहना प्राप्त कर रही है।
‘छावा’ केवल एक फिल्म नहीं है,बल्कि यह मराठा साम्राज्य की महानता और उसकी वीरता की कहानी को सम्मान देने का एक प्रयास है। फिल्म ने छत्रपति संभाजी महाराज जैसे महान योद्धा के जीवन और संघर्ष को उजागर किया है,जिनका योगदान भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना से फिल्म के निर्माता और कलाकारों को भी एक बड़ी प्रेरणा मिली है। यह फिल्म न केवल भारत में,बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गई है। विक्की कौशल और फिल्म की पूरी टीम के लिए यह एक गर्व का क्षण है,क्योंकि प्रधानमंत्री की सराहना उनके काम की सही पहचान है।
फिल्म ‘छावा’ ने साबित कर दिया है कि अच्छी कहानी और सशक्त अभिनय के माध्यम से एक फिल्म को न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता मिल सकती है, बल्कि वह एक ऐतिहासिक धरोहर के रूप में स्थापित हो सकती है,जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

