नई दिल्ली,18 मार्च (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने सोमवार को दोनों देशों के बीच व्यापार व निवेश संबंधों को बढ़ाने,अप्रयुक्त क्षमता का एहसास करने तथा समावेशी और स्थिर आर्थिक विकास में योगदान देने पर सहमति जताई है। इस मुलाकात के बाद जारी एक संयुक्त बयान में दोनों देशों के नेताओं ने भारतीय और न्यूजीलैंड के मध्य निरंतर व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ द्विपक्षीय सहयोग में चल रही मजबूत गति को दर्शाते हुए दोनों देशों के बीच अधिक-से-अधिक दोतरफा निवेश की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रधानमंत्री मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन के बीच यह बैठक दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थी। दोनों देशों के नेताओं ने यह भी कहा कि वे भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार को बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियों पर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस बैठक में एक बड़ा कदम उठाते हुए,दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने के लिए मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वार्ता शुरू करने का निर्णय लिया।
संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने गहन आर्थिक एकीकरण हासिल करने के लिए संतुलित,महत्वाकांक्षी और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौता करने की दिशा में कदम बढ़ाए। इस समझौते से न केवल दोनों देशों के मध्य व्यापार व निवेश में वृद्धि होगी,बल्कि इससे दोनों देशों के लिए समान लाभ और पूरकता सुनिश्चित की जा सकेगी। दोनों देशों के नेताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए एक अहम अवसर प्रदान करेगा,जिससे हर क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इस बैठक में भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए कई अन्य पहलुओं पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने यह भी माना कि व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधियों को शीघ्र समाधान की दिशा में काम करने के लिए नामित किया जाएगा। इन वार्ताओं को जल्दी नतीजे तक पहुँचाने के लिए दोनों पक्षों ने यह सुनिश्चित करने का वादा किया कि सभी संबंधित मुद्दों का समाधान जल्द ही किया जाएगा।
दोनों नेताओं ने डिजिटल भुगतान क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए जल्दी कार्यान्वयन का पता लगाने पर भी सहमति जताई। यह सहयोग विशेष रूप से आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच संबंधों को और अधिक मजबूती देगा। इसके साथ ही,दोनों नेताओं ने यह भी सहमति व्यक्त की कि दोनों देशों के व्यवसायों को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि वे न केवल वर्तमान अवसरों का लाभ उठाएँ,बल्कि नए उभरते निवेश और आर्थिक अवसरों का पता भी लगाएँ। दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं की पूरकताओं का सही उपयोग करके यह सहयोग दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होगा।
इस बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। दोनों देशों के बीच सीमा शुल्क अधिकारियों के बीच घनिष्ठ सहयोग को बढ़ावा देने के लिए “एईओ-एमआरए” पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता विश्वसनीय व्यापारियों द्वारा दोनों देशों के बीच माल की आसान आवाजाही की सुविधा प्रदान करेगा,जिससे द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल व्यापार की गति तेज होगी,बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।
इसके अलावा,दोनों देशों के नेताओं ने बागवानी और वानिकी पर नए सहयोग का स्वागत किया। इस सहयोग में बागवानी पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए,जो ज्ञान और अनुसंधान के आदान-प्रदान,कटाई के बाद की प्रक्रियाओं और मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को बढ़ावा देगा। इस सहयोग से दोनों देशों के बीच कृषि और वन उद्योग में नई संभावनाओं का द्वार खुलेगा,जिससे दोनों देशों के किसानों और व्यवसायों को लाभ होगा।
प्रधानमंत्री मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने दोनों देशों के बीच पर्यटन के बढ़ते जुड़ाव को भी सकारात्मक रूप से देखा। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी की सराहना की और यह माना कि यह क्षेत्र न केवल व्यापार और आर्थिक जुड़ाव को बढ़ावा दे सकता है,बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच बेहतर समझ भी पैदा कर सकता है। दोनों नेताओं ने भारतीय और न्यूजीलैंड के बीच पर्यटकों के बढ़ते प्रवाह का स्वागत किया और दोनों देशों के बीच सीधी (नॉन-स्टॉप) उड़ानों के संचालन को प्रोत्साहित करने पर सहमति व्यक्त की। इससे न केवल दोनों देशों के बीच यात्रा की सुविधा बढ़ेगी,बल्कि व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को भी नया आयाम मिलेगा।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन 16-20 मार्च तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस यात्रा के दौरान,वे भारत के विभिन्न हिस्सों में यात्रा करेंगे,जिसमें मुंबई भी शामिल है। उनके साथ उनके कैबिनेट सहयोगी भी होंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना है और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए क्षेत्रों को पहचानना है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच यह सहयोग दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार,निवेश और सांस्कृतिक संबंध यह साबित करते हैं कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच संबंध अब एक नए और अधिक सक्रिय दौर में प्रवेश कर चुके हैं। इस यात्रा और बातचीत से दोनों देशों के रिश्तों में और भी मजबूती आएगी,जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होगा और उनके बीच सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।