प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की 61वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की

नई दिल्ली,27 मई (युआईटीवी)- भारत के पहले प्रधानमंत्री और आधुनिक भारत के निर्माता माने जाने वाले पंडित जवाहरलाल नेहरू की 61वीं पुण्यतिथि के अवसर पर देशभर में श्रद्धांजलि और स्मरण का माहौल रहा। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, खासकर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेताओं ने उन्हें याद करते हुए उनके दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्रनिर्माण में दिए गए योगदान को रेखांकित किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पंडित नेहरू की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक संक्षिप्त लेकिन सम्मानजनक संदेश साझा करते हुए लिखा, “पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि।”

पीएम मोदी के इस संदेश को कई लोगों ने सकारात्मक भाव से लिया और इसे भारतीय लोकतंत्र की विविधता और परंपरा का प्रतीक बताया,जिसमें सभी नेताओं को सम्मान देने की संस्कृति है।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने याद दिलाई नेहरू की आधुनिक भारत के प्रति सोच
कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पंडित नेहरू को याद करते हुए उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और संस्थान निर्माण पर आधारित भारत के सपने को साझा किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “हम जो आज सोचते हैं और जो कार्रवाई करते हैं,उससे कल का हिंदुस्तान बनता है। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने एक ऐसे भारत का सपना देखा जो विज्ञान और तकनीक के सहारे आगे बढ़े और आधुनिक विश्व का मुकाबला करे। इसके लिए उन्होंने दर्जनों शैक्षिक,वैज्ञानिक,औद्योगिक,तकनीकी, सामाजिक और आर्थिक संस्थानों की नींव रखी,जो आज भारत की रीढ़ हैं और हमारी प्रगति के स्तंभ के रूप में भारत को मजबूती दे रहे हैं।”

प्रियंका गांधी ने उन्हें “आधुनिक भारत का निर्माता” बताते हुए लिखा कि उनके महान योगदान को देश हमेशा याद रखेगा।

नेहरू की पुण्यतिथि पर देश के विभिन्न कोनों से आए श्रद्धांजलि संदेश यह दर्शाते हैं कि भारत के पहले प्रधानमंत्री की सोच,उनकी दूरदृष्टि और संस्थान निर्माण की प्रक्रिया आज भी राष्ट्र के विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों की नींव मानी जाती है। भले ही राजनीतिक मतभेद हों,लेकिन नेहरू के योगदान को याद करना भारत के लोकतांत्रिक आदर्शों को सशक्त बनाता है।

यह श्रद्धांजलि केवल अतीत की स्मृति नहीं,बल्कि एक अवसर है यह सोचने का कि कैसे पंडित नेहरू के विचार आज के भारत को दिशा दे सकते हैं और आने वाली पीढ़ियों को समावेशी,वैज्ञानिक और लोकतांत्रिक भारत की राह पर प्रेरित कर सकते हैं।